Browsing Tag

dalit

यदि हम उन्हें सिर्फ कोसते रहेंगे,तो वे दसों दिशाओं शासक होंगे,और हम सिर्फ मजदूर !

(डॉ.एम.एल. परिहार )आज बहुजन समाज भारी संकट के दौर में हैं. न सरकारी नौकरी, न खेती ,न व्यापार और न राजनीतिक सत्ता. ऐसे मुश्किल समय में भी यदि हम किसी प्लानिंग के साथ आगे बढने की बजाय सिर्फ दूसरी जातियों को कोसते रहेंगे तो हमें फिर से उनके

बाबासाहेब का सपना था कि बहुजन धनवान बनें !

-एम एल परिहार महान अर्थशास्त्री डॉ अंबेडकर के कई सपने थे. वे चाहते थे कि बहुजन हमेशा नौकरी मांगने वाले ही नहीं बने रहे बल्कि नौकरी देने वाले भी बने.उनका सपना था कि गरीबी के कारण सदियों से दुख झेल रहा बहुजन धनवान बने. आजादी से

आदिवासियों को किया बेघर !

(प्रतापगढ़,1 जुलाई 2019) प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी के ग्राम कान्याकुड़ी नारेला खेड़ा में वन विभाग द्वारा आदिवासियों के घर तोड़ दिए गए I घर तोड़ने से पहले वन विभाग द्वारा इन आदिवासियों को कोई नोटिस नहीं दिया गया I आदिवासी समुदाय की महिलाओं ने…

क्या दलित केवल धरना प्रदर्शन करने के लिए ही पैदा हुए हैं ?

(बी.एल.बौद्ध) वैसे तो लोकतंत्र में धरना प्रदर्शन करना कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि भारत का संविधान हमें ऐसा करने की इजाजत देता है कि हम शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार या कोई भी कानूनी मांग  मनवाने के लिए अथवा अपना अधिकार लेने के लिए धरना…

सोशल मीडिया बहुजनों के लिए अनमोल है  !

(डॉ.एम.एल.परिहार) कुछ महीनों पहले मैं फेसबुक से अनजान था किताबों में ही ज्यादा व्यस्त था लेकिन अब फेसबुकिया संसार को थोड़ा जानने लगा हूं. जब दलित शोषित वंचित समाज का अपना कोई मीडिया नहीं था. समाज का दुख सुख अन्त र्राष्ट्रीय स्तर पर…

दलितों की लाशें कब तक इंतजार करेगी ?

( कल शाम से जालोर जिले में यह डेड बॉडी श्मसान जाने की प्रतीक्षा में है,सरकारी अमला मौजूद है,पर रास्ता नहीं दिया जा रहा है ) दलित आदिवासियों को जीते जी तो न्याय नहीं मिलता ,मरने के बाद भी उन्हें इंसाफ मयस्सर नहीं है । दलितों की लाशें कब…

13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर अध्यादेश की मांग को लेकर ज्ञापन

(शाहपुरा,6 फरवरी )- शाहपुरा के एससी-एसटी, ओबीसी वर्ग के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को राष्ट्रपति व केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्री के नाम एसडीएम राजेंद्र सिंह चान्दावत को ज्ञापन सौंपकर 13 प्वाइंट रोस्टर को समाप्त कर 200 प्वाइंट रोस्टर…

आरक्षण व प्रमोशन की अंधी दौड़ दलितों को बर्बाद कर देगी !

ज्यादा नहीं सिर्फ पांच साल बाद ही देख लेना, सरकारी दफ्तरों में दलित चपरासी से लेकर डायरेक्टर तक के नामों की तख्तियां गायब हो जाएंगी। क्योंकि बाबासाहेब की बदौलत सुख भोग रहे....

अब ये आरएसएस की ‘मुख्यधारा’ क्या बला है !

(भँवर मेघवंशी) हर कोई हर किसी को मुख्यधारा से जोड़ने में लगा है । कोई दलितों को तो कोई आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ रहा है ,किसी को फिक्र है कि देश का अल्पसंख्यक मुख्यधारा से दूर है । बरसों बाद आर एस एस को पता चला है कि घुमन्तू समुदाय…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एससी-एसटी के प्रति प्रेम !

(त्रिभुवन) वह देश का एक महाकाय संगठन है। उसकी एक राजनीतिक शाखा है। वह आज तक आरक्षण के ख़िलाफ़ था। एकदम खुला। निडर और साहसी। डंके की चोट पर। इस संगठन से जुड़े हमारे 'मित्र' एससी-एसटी को लेकर बहुत कुछ ऐसा कहते थे, जो बताता था कि भारतीय…