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पल्लव

घनी रात में भी उजाला करने वाली एक चिंगारी हैं गांधी – तुषार गांधी

( हिंदू कॉलेज में ‘गांधी : एक असंभव संभावना’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान ) ( नई दिल्ली ) ‘आज के दौर में गांधी असंभव लगे यह आश्चर्य की बात नहीं है.आज ऐसी विपरीत परिस्थितियां हैं,जिससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक हो जाता है कि क्या सच में गांधी

सादगी के भीतर प्रतिरोध एवं विकल्प के कथाकार थे स्वयं प्रकाश – डॉ शम्भु गुप्त

अलवर।  स्वयं प्रकाश समाज की उदासीनता के बीच जीवन के सार्थक स्पंदन तथा लोक के सत्य के चितेरे कथाकार थे। सादगी और साधारणता का उनका गुण था। सुप्रसिद्ध आलोचक डॉ शम्भु गुप्त ने अलवर में जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित गोष्ठी में कहा कि स्वयं

हिन्दू कालेज में जोशी का उद्बोधन

दिल्ली। युवाओं को अपने भीतर लक्ष्य तय करने का हौंसला और साहस उत्पन्न करना चाहिए। अपनी प्रकृति और रुचि के अनुकूल लक्ष्य तय कर न केवल अपने कैरियर बल्कि देश व समाज के लिए भी हम सार्थक कार्य कर सकते हैं। जाने माने हिंदी कथाकार और सेना

चौपाल के मोहनकृष्ण बोहरा पर केंद्रित विशेषांक का लोकार्पण

जोधपुर। पढ़ो तो पूरा पढ़ो, तल तक जाओ। आगे बढ़ो तो उत्स तक जाओ।' हिंदी के वयोवृद्ध आलोचक प्रो. मोहनकृष्ण बोहरा ने उकत विचार अपने अस्सीवें जन्मदिन पर चौपाल द्वारा आयोजित समारोह में व्यक्त किये। जोधपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स के

‘चौपाल’ के अंग्रेजी साहित्य आलोचना विशेषांक का लोकार्पण

अकादमिकी और साहित्यिकी में आवाजाही बढ़ाने की जरूरत- कुलपति प्रो आशुतोष मोहन गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में शुक्रवार को 'साहित्य की पत्रकारिता और हमारा समय' पर एक परिसंवाद आयोजित किया गया। आयोजन में 'चौपाल'