रेगर समाज ने किया कैबिनेट मंत्री रामलाल जाट का भव्य स्वागत!

भीलवाड़ा. अखिल भारतीय रैगर महासभा युवा प्रकोष्ठ जिला भीलवाड़ा द्वारा भीलवाड़ा डेयरी के सामने जोदड़ास फाटक के पास रेगर समाज के भूखंड के सामने स्वागत सम्मान समारोह रखा गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामलाल जाट,विशिष्ट अतिथि भंवर मेघवंशी

संविधान दिवस के अवसर में  चाखू गाँव में हुई सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बांधा शमां 

भारत की एकता और अखण्डता बनाए रखने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर वक्ताओं ने दिया व्याख्यान घंटियाली- 27 नवम्बर। संविधान-दिवस को देश भर में धूमधाम से बनाया गया, इसी कङी में चाखू गाँव में स्थित शहीद-ऐ-आजम भगतसिंह पब्लिक स्कूल में हुई

मोहम्मद शमी ही टारगेट पर क्यों ?

( ललित मेघवंशी ) 24 अक्टूबर रविवार को भारत बनाम पाकिस्तान के बीच खेल गए टी-20 वर्ल्डकप मैच में पाकिस्तान ने भारत को पहली बार वर्ल्डकप में हराया. भारत को इस मैच में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले

क्या गाँधी ने सावरकर से दया याचिका प्रस्तुत करने के लिए कहा था?

( राम पुनियानी ) हिन्दू राष्ट्रवाद अपने नये नायकों को गढ़ने और पुरानों की छवि चमकाने का हर संभव प्रयास कर रहा है. इसके लिए कई स्तरों पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. हाल में 2 अक्टूबर (गाँधी जयंती) को महात्मा गाँधी के हत्यारे

लखबीरसिंह के हत्यारे नानक-धर्म की रूह के भी हत्यारे हैं !

त्रिभुवन ( लखबीर सिंह के हत्यारे नानक धर्म की रूह के भी हत्यारे हैं ,ठीक उसी तरह जैसे इस्लामिक, जैसे हिन्दू और जैसे बाकी सब ) पंजाबी के कवि प्रोफ़ेसर मोहनसिंह के काव्यसंग्रह 'सावे पत्तर' में एक कविता है, 'रब'। इसकी शुरू की पंक्तियां

घनी रात में भी उजाला करने वाली एक चिंगारी हैं गांधी – तुषार गांधी

( हिंदू कॉलेज में ‘गांधी : एक असंभव संभावना’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान ) ( नई दिल्ली ) ‘आज के दौर में गांधी असंभव लगे यह आश्चर्य की बात नहीं है.आज ऐसी विपरीत परिस्थितियां हैं,जिससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक हो जाता है कि क्या सच में गांधी

गाँधी जयंती: क्यों आया ट्विटर पर गोडसे जिंदाबाद का तूफ़ान ?

( राम पुनियानी ) गत 2 अक्टूबर (गाँधी जयंती, 2021) को ट्विटर पर ‘नाथूराम गोडसे अमर रहे’ और ‘नाथूराम गोडसे जिंदाबाद’ की ट्वीटस का अंबार लग गया. ये नारे उस दिन भारत में ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे थे. यह देखकर कई लोगों को बहुत धक्का लगा. जो

उफ्फ! एक दशक बाद अब आसाम में एक और भजनपुरा

डायरी (24 सितंबर, 2021) ( नवल किशोर कुमार ) बाजदफा यह सोचता हूं कि क्या किसी एक मुल्क में एक ही मजहब को मानने वाले लोग हो सकते हैं? यदि हां तो क्या वह मुल्क दुनिया का सबसे सुंदर मुल्क होगा? सबसे सुंदर का मतलब यह कि वहां अपराध नहीं

“ हिन्दुत्व अपने जन्म से ही जातिवादी और दलित विरोधी है !”

( डिस्मेन्टलिंग ग्लोबल हिंदुत्व कॉन्फ्रेंस में मेरा भाषण ) तमाम चुनौतियों व खतरों के बावजूद यह कॉन्फ्रेंस हो रही है ,यह ख़ुशी की बात है. इस कॉन्फ्रेंस में आपने मुझे वक्ता के रूप में बुलाया और अपनी बात रखने का मौका दिया,इसके लिए मैं