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जवाबदेही कानून पास नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा – अरुणा रॉय

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ब्यावर पहुंची जवाबदेही यात्रा

सूचना के अधिकार की अगली कड़ी है जवाबदेही कानून ये सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और नेताओं को जवाबदेह बनाएगा – निखिल डे

स्वामी कुमारानन्द, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया                                                                                                                                            

 ब्यावर, 22 दिसंबर-सूचना के अधिकार की जन्मस्थली ब्यावर में बाज जवाबदेही यात्रा पहुंची जहां पर स्वामी कुमारानंद, महात्मा गांधी, और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का माल्यार्पण कर आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया और महापुरुषों से प्रेरणा लेकर आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा।

 
 एस डी कॉलेज मैदान पर हुई सभा


इसके बाद यात्रा एसडी कॉलेज के मैदान में पहुंची जहां पर हजारों की संख्या में राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन की बहिनें मिली और उन्होंने यात्रा का जोरदार स्वागत किया और पूरा मैदान जवाबदेही कानून पास करो के नारों से गुंजायमान हो गया। यात्रा का स्वागत करते हुए संतोषदेवी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी काम नहीं करते हैं इसका खामियाजा हम मजदूरों को भुगतना पड़ता है। हमें ये जवाबदेही हर हालत में चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि जवाबदेही कानून सूचना के अधिकार का दूसरा भाग है। हमें सूचना तो मिल जाती है लेकिन उस पर कार्यवाही नहीं होती है। उन्होंने कहा कि इस कानून से सरकारी कर्मचारी, अधिकारी एवं नेता जवानदेह बनेंगे।

 
सभा को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं रेमन मैग्सेसे पुरुष्कार से सम्मानित अरुणा रॉय ने कहा कि ब्यावर की धरती ने देश को सूचना का अधिकार दिया है और अब जवाबदेही कानून की मांग भी यहीं से उठ रही है और हमारा ये संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक जवाबदेही कानून नहीं बन जाता।सुशीला देवी, शंकर सिंह, बालुलाल, केसर सिंह, महेंद्र सिंह उर्फ कार्तिक, मुकेश गोस्वामी, पारस बंजारा, कमलराज आदि ने भी सभा को संबोधित किया  एस डी कॉलेज के मैदान से उपखंड अधिकारी कार्यालय तक निकाली रैलीसभा के बाद कॉलेज मैदान से उपखंड अधिकारी कार्यालय से रैली निकाली जिसमें हाजरों की संख्या में बहिनों ने भाग लिया और जवाबदेही कानून और अपने हक लेकर रहेंगे के नारे लगाए। रैली का बड़ा ही विहंगम दृश्य था रैली लगभग 2 किमी लंबी थी।

  
उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम दिया और नरेगा के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की


महात्मा गांधी नरेगा में जवाजा पंचायत समिति में रसीद नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया गया और कहा कि नरेगा का आधारभूत हक ही नहीं मिल पा रहा है। जालिया प्रथम, बराखन, बडकोचरा, नाईकला आदि ग्राम पंचायतों में काम के लिए आवेदन प्रपत्र 6 की रसीद नहीं दिया जाना एवं पंचायत नहीं खुलने की मुख्य समस्या बताई।  बामनहेड़ा ग्राम पंचायत से आई मिश्री देवी ने कहा कि हम महिलाएं अपना हक मांगने आई हैं और सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और नेताओं की जवांदेही हमें लेनी होगी तभी नरेगा कानून ठीक से लागू होगा। नरेगा, खाद्य सुरक्षा, पालन और पेंशन के विभिन्न मुद्दों पर उपखंड अधिकारी से जवाबदेही की मांग की गई। 


उपखंड अधिकारी ने नरेगा के मुद्दों का समाधान करने और जवाबदेही कानून के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का दिया आश्वासन

उपखंड अधिकारी श्री रामप्रकाश ने ज्ञापन लिया सभी की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि जो मुद्दे मेरे स्तर के उन्हें पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी और जवाबदेही कानून के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। 

 
भीम के पाटिया के चौड़ा में हुई सभा


राजसमंद जिले की भीम तहसील मुख्यालय के पाटिया का चौड़ा में सभा हुई जहां पर मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक शंकर सिंह ने कहा कि नरेगा में भुगतान नपती के आधार पर होता है और सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के काम की कोई नपती नहीं है। जब तक इनके नपती की कोई व्यवस्था होगी तब तक हमें धक्के ही खाने पड़ेंगे इसलिए जवाबदेही कानून पास करवाना बहुत जरूरी है। 

 भीम के बाजारों में निकली रैली
सभा के बाद पाटिया के चौड़ा से मुख्य बाजार से होते हुए बलाई कूड़ा तक रैली निकाली जिसमें जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले नारे लगाएं गए.2018 में काँग्रेस के घोषणा पत्र में यह वादा किया था जवाबदेही कानून लाएंगे I काँग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने पूर्व आईएएस अधिकारी रामलुभाया अध्यक्षता में समिति का गठन किया जिसने कानूनी मसोदा प्रस्तुत किया I लेकिन आज दिन तक वह कानून को विधान सभा के पटल में पेश नही किया

 
ज्ञात हो कि यह द्वितीय जवाबदेही  यात्रा 33 जिलों में जायेगी, इस  यात्रा का संयोजन सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान राजस्थान ( एस आर अभियान) कर रहा है जो लगभग 80 सामाजिक आंदोलनों, अभियानों व संगठनों का समूह है। यह भी ज्ञात रहे कि 2015-16 में एस आर अभियान द्वारा राजस्थान के सभी 33 ज़िलों में 100 दिन की पहली जावाबदेही यात्रा निकाली गयी थी। यात्रा के दौरान अभियान द्वारा लगभग 10,000 शिकायतों का पंजीकरण किया गया जिन्हें राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर भी डाला गया था और उनके पीछा किया गया था। इसके बाद जयपुर में 22 दिन का जवाबदेही धरना लगाया गया और सरकार से तुरंत यह क़ानून पारित करने की माँग की गयी ताकि लाखों लोगों के मूलभूत अधिकारों के हो रहे उल्लंघन को रोका जा सके।

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