राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने किया नवग्रह का हंस पुस्तक का लोकार्पण

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शाहपुरा (भीलवाड़ा)- राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा है कि हंसराज चौधरी एवं उनके द्वारा स्थापित नवग्रह आश्रम आज समूचे विश्व में जाट समाज के लिए गौरव की बात है। उनके जनप्रतिनिधि रहते देश भर से जब लोग उनसे आश्रम के बारे में जानकारी प्राप्त करते है तो खुशी होती है कि जाट समाज के हंसराज चौधरी ने मानव सेवा का पुनित कार्य कर हमारे कुल को गौरान्वित किया है। जाट समाज हमेशा से ही मानव सेवा व सामाजिक कार्यो में अग्रणी रहा है।


राजस्व मंत्री जाट शनिवार को गुलाबपुरा के गांधी विद्यालय में बदनोरा जाट समाज के तत्वावधान में आयोजित मेवाड़ स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन मौके पर नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी के जीवनी पर आधारित पुस्तक नवग्रह का हंस का लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंनें समाज के लोगों से हंसराज चोधरी व आश्रम से प्रेरणा लेकर सामाजिक कार्यो में अग्रणी होने का आव्हान किया। उन्होंने नवग्रह आश्रम परिसर में आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध कार्य को बढ़ाने, वहां पर आयुर्वेद की शिक्षा के लिए कार्य करने में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।


पुस्तक लोकार्पण समारोह में पूर्व मंत्री डा. रतनलाल जाट, अजमेर डेयरी के चेयरमेन रामचंद्र चोधरी, चित्तौड़गड़ डेयरी चेयरमेन बद्रीलाल जाट सहित अन्य कई समाज के प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, चित्तोड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिलों के जाट समाज के जिला अध्यक्ष, गुलाबपुरा पालिका अध्यक्ष सुमित काल्या, पूर्व अध्यक्ष चेतन पेसवानी, मेवाड़ जाट महासभा के जिला अध्यक्ष रामेश्वरलाल बाज्या, बदनोरा जाट समाज के अध्यक्ष महावीर भादू, वीर तेजा संस्थान के अध्यक्ष पुखराज ककड़ावा, सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मूलचन्द पेसवानी ने पुस्तक नवग्रह का हंस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जाट समाज में जन्म लेने के बाद भी हंसराज चोधरी आज मानवता व मानव सेवा के पर्याय बन चुके है। आज आश्रम वैश्विक पटल पर चिकित्सा के क्षेत्र में गुगल में सर्च करने पर टॉप पर है। यह आश्रम की सेवाओं के फलस्वरूप हुआ है।


नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने सभी का आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि जाट समाज में पैदा होने का उनको गर्व है। जीवन के आनंद और उत्सव की खोज में आयुर्वेद एक माध्यम बन गया। मुझे तो लगता है कि कुदरत ने मुझे इस काम के लिए चुन लिया। मेरे प्रयासों से कहीं अधिक यह शायद परमसत्ता की अपनी योजना थी,जिसके लिए में निमित्त बना हुआ हूं। उन्होंने कहा कि आश्रम की सफलता उनकी नहीं आयुर्वेद की सफलता है। जो अनवरत जारी रहेगी।

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