पहलू खान मामले में सभी आरोपियों का बरी होना न्याय के साथ आघात !

316

अलवर की अपर जिला अदालत द्वारा पहलू खान हत्या मामले में सभी आरोपियों को बरी कर देने पर पी.यू.सी.एल. राजस्थान व सभी न्यायप्रिय साथीयों को बेहद धक्का लगा हैं। अदालत ने संदेह के लाभ पर सभी आरोपीयो को दोषी नहीं माना। यह बहुत ही अफसोस जनक है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया  के नेतृत्व मे राजस्थान पुलिस ने जो दो चालान दायर करे,31 मई 2017 व दूसरा 28 अक्टूबर 2017 वह बहुत ही कमजोर थे, जिसकी हम पुरजोर शब्दों में निन्दा करते हैं।

हमारा मानना है कि जांच अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटपुतली राम स्वरूप शर्मा ने सही जांच न कर व राजनैतिक दबाव में आकर कमजोरचालान दायर किया जिसमें उच्च पुलिस अधिकारी भी पूर्ण रूप से शामिल थें।

मिसाल के तौर पर, जो चालान दायर किया गया, उसमें राजस्थान पुलिस ने जान बूझ कर जो मुख्य साक्ष्य दो विडियों थे, जिसमे पहलू खान को बेहरमी से पटक पटक कर मारा जा रहा था, उन विडियों की एफ.एस.एल. की जांच नहीं करवाई, मोबाईल बनाने वाले को साक्ष्य के रूप में पेश नही किया और तो और ना ही मुल्जिमों की पहचान परैड करवाई गई।

इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया हैं कि इस देश में गाय के नाम पर जो मारा जायेगा उसको न्याय नहीं मिलेगा.एक तरिके से अदालत के इस फैसले से गौरक्षा के नाम पर कानून को हाथ में लेकरमुसलमानों को निशाना बना कर मार रहे गौ गुण्डो के हौसले ही बढेगें हैं।

यह बहुत अफसोस जनक हैं कि जिस पहलू खान की हत्या को लेकर देशभर से लोग खडे हुये थे व विडियो साक्ष्य भीउपलब्ध थे, उस मसले में सभी आरोपी बरी हो जाये तो आम व्यक्ति न्याय के लिए कहां जायेगा अगर इसी तरह से न्याय पर आघात होने लगे।

पी.यू.सी.एल. राजस्थान अभियोजन को राय देगा कि वह राजस्थान उच्च न्यायालय में जल्द से जल्द अपील दायर करे व उच्च न्यायालय के माॅनीटरिंग में पुनः जांच व ट्रायल करवाया जाये।पीयूसीएल पहलु खान के परिवार वालों व साथियों से अपील  करना चाहता है, की वे निराश नहीं हों, न्याय ज़रूर मिलेगा I

ज्ञात हो कि पहलू खान को 1 अप्रैल 2017 को बहरोड़ में गाय के नाम पर गुण्डागर्दी कर रहे अनेक लोगों ने पकड़ करबुरी तरह पीटा जब वह हटवाड़ा रामगढ़, जयपुर जिला से 45 हजार रूपये में दोगाय खरीदकर अपने बेटे व अन्य साथियों के साथ गांव जयसिंहपुर, तहसील नूह, जिला मेवात, हरियाणा लौट रहे थे.उनके साथ अजमत जिसने 70 हजार में दो गाय खरीदी थी सभी को रोकागया था.पांचो को मारा था, पहलू खान, अजमत, रफीक, इर्शाद व आरिफ व पहलू खान को बहुत गंभीर चोटे आई थी, 11 पसलियां टूटी थी जो फैफडों में घुसी थी।

अजमत के रीढ की हडी व दोनोआंख व सीर पर चोट आई थी और रफीक के कान व नाक में गंभीर चोटे आई थी.पहलू खान की मौत 4 अप्रैल 2017 को कैलाश अस्पताल में हुई थी, राजस्थान पुलिस ने उन्हें जयपुर तक रैफर नहीं किया।

जो नाम पहलू खान ने अपने पर्चा बयान में दिये थे उन्हें पुलिस ने जांच के बाहर ही कर दिया था।ट्रायल, सुनवाई अलवर की अपर जिला अदालत में सिर्फ 6 वयस्क मुल्जीमों की हुई अन्य 3नाबालिग की सुनवाई बाल अपराध न्यायालय अलवर में हो रही हैं।

पीयूसीएल द्वारा जारी इस स्टेटमेंट पर कविता श्रीवास्तव, अनन्त भटनागर, अरूणा राॅय, निखिल डे, प्रेमकृष्ण शर्मा, अखिल चैधरी, नेसार अहमद, डाॅ. मीता सिंह, भँवर लाल कुमावत, नूर मोहम्मद, शुभा जिन्दल आदि ने हस्ताक्षर किये है .
( फोटो – जनमन टीवी )

Leave A Reply

Your email address will not be published.