‘चौपाल’ के अंग्रेजी साहित्य आलोचना विशेषांक का लोकार्पण

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अकादमिकी और साहित्यिकी में आवाजाही बढ़ाने की जरूरत- कुलपति प्रो आशुतोष मोहन


गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में शुक्रवार को ‘साहित्य की पत्रकारिता और हमारा समय’ पर एक परिसंवाद आयोजित किया गया। आयोजन में ‘चौपाल’ के अंगरेजी साहित्य आलोचना विशेषांक का लोकार्पण हुआ।

लोकार्पण कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आशुतोष मोहन ने कहा कि अकादमिकी और साहित्यिकी में आवाजाही बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि दोनों मिलकर ही स्वस्थ मानविकी का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी गंभीरता से आलोचना और शोध के क्षेत्र में कार्य करे इसके लिए चौपाल जैसी प्रतिष्ठित ने अपना मंच इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शोध छात्र- छात्राओं के लिए सुलभ करवाया है।

आयोजन में हिन्दू कालेज के हिंदी विभाग के अध्यापक डॉ पल्लव ने कहा कि लघु पत्रिकाओं की मशाल अपने समय के अन्धकार में भी रास्ता दिखा रही है। उन्होंने चौपाल द्वारा पूर्व में प्रकाशित विशेषांकों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे शहरों की  सचमुच बड़ा काम कर रही हैं।

चौपाल के सम्पादक डॉ कामेश्वर प्रसाद सिंह ने अपनी पत्रिका को लघु पत्रिका आंदोलन का सिपाही बताया और कहा कि उनके लिए साहित्यिकी और अकादमिकी एक समान महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में चौपाल द्वारा प्रकाशित किये जा रहे विशेषांकों की भी जानकारी दी।

आयोजन में प्रो अनूप बेनीवाल, प्रो मनप्रीत कंग, प्रो विवेक सचदेव, प्रो शुचि कामरा, डॉ समी और डॉ शुभांकु सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शोधार्थी उपस्थित थे।

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