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अब सियासत का दिल फकीरी में नहीं लगता

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जिस सल्तनत का बादशाह फ़क़ीर हो ,उस रियासत का हर शहरी [नागरिक] बादशाह होता है.

यह पुरानी कहावत है.वो राजाओं का दौर था. शायद उस दौर में कोई कोई राजा- बादशाह खुद की जिंदगी को फकीराना अंदाज में जीता होगा.इसीलिए यह कहावत बनी होगी. कहावत वो जो व्यापक प्रयोग के बाद कहते कहते बने. लोगो की उक्ति जो मुहावरे में बदल जाये.

जब शासक फकीरी का जीवन जीने लगे तो चौतरफ सिंहांसन के ठाट बाट ,शानो शौकत ,साधन सुविधाएं फीकी पड़ने लगती है.ऐसे शासक की तस्वीर में लोग एक मसीहाई छवि देखने लगते है.महात्मा गाँधी कोई हाकिम नहीं थे,पर वो बूढा फकीर अवाम के दिलो पर हुकूमत करता था. इसीलिए जनता ने ही उसे साबरमती का संत कह कर सम्बोधित किया.वो श्री नहीं थे ,एक हजार आठ भी नहीं.

ब्रिटिश हुकूमत ने उस फटेहाल लिबास वाले फकीर को गोलमेज कॉन्फ्रेंस के लिए लंदन बुलाया.1931 की बात है,जब वो लंदन पहुंचे ,एक अमेरिकन पत्रकार ने गाँधी से पूछा -जब आप किंग जॉर्ज पंचम से मिलने बर्मिघम पैलेस जायेंगे ,क्या आप अपना परिधान बदलेंगे? गाँधी बोले -बिलकुल नहीं ,जिस हाल में रहता हूँ ,उसी हाल में मिलने जाऊंगा.

गाँधी उसी लिबास में शाही महल में दाखिल हुए ,किंग से मिले.मुलाकात खत्म हुई. बाहर मीडिया का हुजूम,पर आज जैसा मीडिया नहीं. किसी पत्रकार ने पूछा -बापू आपको शर्म नहीं लगी जब आप सम्राट जॉर्ज पंचम से इसी ड्रेस में मिले. बोले -कतई नहीं, किस बात की शर्म ? हमारे हिस्से के कपड़े भी सम्राट ने पहन रखे थे.बेशक बापू का जोर सूत पर था ,सूट पर नहीं.

आज नेताओ की भरमार है. कोई सत्ता में है कोई विपक्षः में. कोई गृहस्थ है कोई सन्यासी. किसी के हाथ में लठ है किसी के कदमो में मठ है.बापू रेल के सबसे छोटे दर्जे में यात्रा करते थे. वो डिब्बा जिसमे आम भारतीय सफर करते थे. अब राजधानी में रहते है ,राजधानी एक्सप्रेस में घूमंते है ,हवाई यात्रा करते है ,हवा से बाते करते है. संसद के चार सो से ज्यादा सदस्य करोड़पति है.

कबीर गाते थे – मन लागो मेरो यार फकीरी में ,
भला बुरा सब को सुन लीजै, कर गुजरान गरीबी में ॥
मन लागो मेरो यार फकीरी में !
आखिर यह तन ख़ाक मिलेगा, कहाँ फिरत मगरूरी में ।
कहत कबीर सुनो भाई साधो, साहिब मिलै सबूरी में ॥
मन लागो मेरो यार फकीरी में ॥

पर , अब सियासत का दिल फकीरी में नहीं लगता.

– नारायण बारेठ
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार है तथा बीबीसी से जुड़े रहे है )

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