आम जन का मीडिया
Who is behind the 'India-Band' of April 2!

2 अप्रैल के ‘भारत-बन्द’ के पीछे कौन!

ज़्यादातर लोगों को शायद पता न हो, कि दलितों-आदिवासियों और पिछड़े समुदायों का बीते 2 अप्रैल (सोमवार) का भारत-बन्द, आख़िर किस एक व्यक्ति की अपील का नतीजा था! उस व्यक्ति का नाम है अशोक भारती। 20 मार्च के सुप्रीम कोर्ट के उस विवादास्पद फैसले के फ़ौरन बाद किए गए भारती के आह्वाहन के बाद से, ‘’…और कारवाँ बनता गया” की तर्ज़ पर, 2 अप्रैल की तारीख़ आते-आते, मायावती और पासवान की पार्टियों से लेकर कम्यूनिस्ट पार्टियों, और RJD से लेकर काँग्रेस तक लगभग सभी ग़ैर-बीजेपी पार्टियों के बीच, मानो इस 2 अप्रैल के भारत-बन्द को समर्थन देने की होड़ मच गयी। यहाँ तक की RSS को भी दलितों और पिछड़े समुदायों पर होने वाले अत्याचारों के ख़िलाफ़ बयान देने पड़े। पर, इन दिनो वैसे ही आम लोगों की नज़रों में अपनी प्रामाणिकता खोती जा रही मौजूदा मीडिया में, अशोक भारती का ज़िक्र अपवाद स्वरूप ही रहा।

अब सवाल उठता है कि आख़िर अशोक भारती नाम का यह शख़्स है कौन? दरअसल, अशोक भारती एक दलित विचारक और समाज-सेवी हैं। शिक्षा की बात करें, तो वे दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिन्दू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक, DCE (Delhi College Of Engineering) से B.Tech., और फिर ऑस्ट्रेलिया से M.Tech की डिग्रियों के धारक हैं। उपलब्धियों का ज़िक्र हो, तो साल 2008 में UNO के Secretary General के अनुरोध पर, अशोक भारती UN General Assembly में पिछड़े वर्गों से जुड़े विषय पर भाषण दे चुके हैं। आमतौर पर यह अवसर सिर्फ राष्ट्राध्यक्षों को ही मिलता है – जैसे उस साल, वहाँ बतौर प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह का भाषण। बीते 10-15 सालों से वे दलितों-पिछड़ों की भलाई से जुड़े मुद्दों से अनवरत, बिना शोर-शराबा किए संलग्न रहे हैं। संप्रति वे NACDAOR (National Confederation Of Dalit and Adivasi Organisations) नामक देश भर के पिछड़ों और दबे-कुचलों के संगठनों के एक समूह के प्रमुख हैं। साथ ही, भारती मई 2017 से ‘जन सम्मान पार्टी’ के संस्थापक-अध्यक्ष भी हैं।

इस परिप्रेक्ष्य में अगर एक सवाल पूछूँ तो आप सब मुझ पर बरस तो नहीं पड़ेंगे?! सवाल ये, कि अगर रामविलास पासवान अनेकों बार केन्द्रीय मंत्री और मायावती अनेकों बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बन सकती हैं, तो कालांतर में अशोक भारती एक और कांशीराम नहीं बन सकते (या देश की कमान नहीं संभाल सकते) ??!!!!

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