जब मैं तारक मेहता का उल्टा चश्मा के सेट पर पहुंचा !

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– राजू तेली

जब मैं पहुंचा’तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ वाली गोकुलधाम सोसायटी में तो वहां के ये तमाम दृश्य देख कर आपको स्मृत हो गया होगा कि यह वही गोकुलधाम सोसायटी हैं, जहां ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल के अंतर्गत बबिता जी के प्रति विशेष छिपी मोहब्बत रखने वाले जेठालाल व ‘ए माँ माताजी’… की रट के साथ दयाबेन के अनोखे अंदाज वाले गरबा तथा बात-बात में ‘ए भबूतर’ तथा जेठिया जेठिया की आवाज के साथ डांट पिलाने वाले चम्पक चाचा, एंव हर संकट की रामबाण दवा की तरह तारक मेहता एंव गोकुलधाम सोसायटी के एकमेव सेक्रेटरी की तोता रट लगाते हुए कॉलर के हाथ लगा कर रुआब झाड़ने वाले आत्माराम तुकाराम भिड़े व हाथ में छाता पकड़े अपनी शादी के चक्कर में दर-दर की ठोकरे खाने वाले पत्रकार पोपटलाल तथा अपनी बालकॉनी से जमीन तक छलांग लगाने को आतुर सरदार रोशनसिंह व गोरी बबिता के इंजीनियर पति अय्यर, सुबह-दोपहर व शाम हर वक्त सोडा पिलाने में मशगूल रहने वाले दुकानदार अब्दुल तथा कोमल भाभी, रोशन भाभी, मिसेज भिड़े, अंजली मेहता व टप्पू सेना सहित विभिन्न किरदारों की जहां जमघट रहती हैं, मुम्बई के गौरेगांव की फिल्मसिटी में स्थित गोकुलधाम सोसायटी में पहली बार में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल की शूटिंग देखने जाना था, वहाँ के लोकल लोगो के अनुसार यह शूटिंग देखना असम्भव बताया व यूट्यूब भी यही बात रहा था, चाँद से तारे तोड़कर लाने वाला काम था. वहा की सिक्योरिटी बहुत टाइट थी.
वैसे वहा फ़िल्म सिटी की बस जाती है जहाँ 700 रुपये टिकट होता है पर सोसायटी के अंदर नही जाने देते है बस से नीचे तक नही उतरने देते देखनी हो सोसायटी तो लगभग 300 मीटर दूर से देखो.
फिर तो गोकुलधाम सोसायटी को देखने का मन हुआ तो में सुरत था फिर वहॉ से ट्रेन पकड़ी पहुँचा मुम्बई के बोरीवली स्टेशन वहां जाकर तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के साउंड रिकॉर्डिस्ट जो शकील भाई मंसुरी को फोन मिलाया तो शायद शूटिंग चालू होने के कारण फोन काट दिया। और तनिक देर में शकील भाई का फोन आ गया, मेने बताया कि मुझे गोकुलधाम सोसायटी की शूटिंग देखनी है।(वैसे शकील भाई मेरे से अच्छी तरह परिचित थे) मेने शकील भाई को बोला कि में बोरीवली स्टेशन के बाहर ही खड़ा हु और हमे सोसायटी अंदर से देखनी हैं, बस कहने मात्र की देर थी, अविलम्ब इन शकील भाई अपनी बाइक लेकर बोरीवली स्टेशन आ गए ।फिर हम गोकुलधाम सोसायटी दिखाने का जिम्मा शकील भाई ने लिया।और शकीन भाई और मैने सोसायटी का कौना-कौना छान मारा, हम जेठालाल के मकान की उन सीढ़ियों पर भी खड़े हुए जहां अमूमन दयाबेन ए माँ माताजी की रट के साथ व चम्पक चाचा हाथ में धोती का पल्ला पकड़ते नीचे उतरते हैं, गोकुलधाम में श्री शैलेश लोढा जी कुछ देर पहले शूटिंग कर गए ही थे, तथा अन्य दृश्य फिल्माने हेतु सेट रेड़ी था, सोसायटी में फ्रिज टीवी आदि के खाली बॉक्सों का अम्बार लगा हुआ था जो अमूमन गड़ा इलोक्ट्रोनिक्स में देखे जाते हैं,सोसायटी में शूटिंग चल रही थी फिर मे बहरहाल सोसायटी देख हम वहां से रवाना होने के लिए बोला शकील भाई तो शकील भाई ने बोला कि यहाँ ही रुको सब देखकर जाओ लेकिन हम’तारक…. के श्री शैलेश लोढा (तारक मेहता) व साउंड रिकॉर्डिस्ट शकील भाई की विनम्रता व सरलता के कायल हो गए कि उन्होंने न बल्कि हमारे फोन को रस्पॉन्स दिया अपितु सामने से फोन कर हमारे लिए शूटिंग स्थल दिखाने का निर्देश दिया…
विशेष बात:- शैलेश जी लोढ़ा ने मेरे से मारवाड़ी में बात की ओर भीम (राजसमन्द) के बारे मे पूछा।

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