ये मैंने कब कहा !

- रवीश कुमार

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साल भर से ज़्यादा हो गया जब मेरे नाम से यह फ़र्ज़ी बयान चला था। हमने उस समय भी कहा था कि मैंने नहीं कहा है। अब आप क्या कर सकते हैं, खंडन ही करेंगे फिर भूल जाएंगे लेकिन आई टी सेल का तो काम ही यही है। वह फिर से उन्हीं अफवाहों को लांच करते रहता है। खंडन का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है क्योंकि यह संगठित गिरोह कहां कहां इस बयान क फैलाता होगा, मुझे तो पता भी नहीं। न ही मेरे फेसबुक पर सारी दुनिया मौजूद है। न ही मैं प्रधानमंत्री हूं कि बेमतलब की बात भी हेडलाइन बन कर छप जाएगी। फिर भी एक और बार के लिए कह रहा हूं कि मैंने प्रधानमंत्री को कभी गुंडा नहीं कहा।

मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह नहीं हूं जो भरी सभा में नेहरू और भगत सिंह को लेकर झूठ बोल गए और आज तक माफी नहीं मांगी । जब नेता ही झूठ बोले तो आई टी सेलों से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं। मैं उनकी पार्टी के अध्यक्ष की तरह नहीं हूं जो विरोधी दल के नेता को कुत्ता बिल्ली बोल चुके हैं और न ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की तरह हूं जो विरोधी दल के नेता को साँप छुछूंदर बोल चुके हैं।

कुछ भाई लोग व्हाट्सएप मेसेज मिलते ही अपना दिमाग़ बंद कर देते हैं और जो कुछ भी कूड़ा मिलता है, उसे लेकर अनाप शनाप बकना शुरू कर देते हैं। आई टी सेल ने ऐसे लाखों लोगों को फालतू बना दिया है। आप ऐसे मीम से सावधान रहिए। मैंने आई टी सेल और उसकी मानसिकता को गुंडों का गिरोह ज़रूर कहा है। मेरे नाम से झूठे बयान गढ़ कर लोगों को भड़काने का प्रयास करना गुंडई ही है। और भी कई बयान मेरे नाम से चलाए जा रहे हैं जो मैंने नहीं कहे हैं। बहुत से लोग समझ गए हैं फिर भी यह पोस्ट इसलिए लिख रहा हूं ताकि कुछ लोग आई टी सेल के बहकावे में आकर गुंडा बनने से बच जाएँ।

( लेखक एन डी टी वी से जुड़े है )

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