केंद्र की मोदी सरकार ने महादलित वाल्मीकि समाज को क्या दिया ?

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( बबन रावत )
2014 के लोक सभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस जीत में भारत के पंद्रह करोड़ महादलित भंगी/वाल्मीकि/स्वच्छकार समाज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।परन्तु सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के पंद्रह करोड़ इस समाज को,  जो दलितो में भी दलित,  अर्थात ” महादलित ” है, को साढ़े चार वर्ष बीतने के बाद भी क्या दिया ?
भंगी/वाल्मीकि समाज के बीच के लोगो को गटर आयोग में भेजने के सिवाय आप की उपलब्धि और क्या है ? पंजाब के वाल्मीकि समाज में पैदा लिए एक अंतराष्ट्रीय स्तर के तानसेन को भी आप ने स्टेज से उतार कर गटर में डाल दिया और लूट रहे हैं वाहवाही।
सर्व विदित है कि गटर आयोग की स्थापना कांग्रेस की सरकार ने की थी, उसी समय से भंगी समाज के बीच से लोगो को गटर आयोग में भेजने का सिलसिला शुरू हुआ । अधिकार विहीन इस आयोग को लोग अब गटरनाम से जानने लगे हैं क्योकि गटर में डूबते/मरते हुए लोगो को बाचाने में यह आयोग नाकाम साबित हुआ है। आखिर कोई भी सरकार आती है तो हमारे भंगी/वाल्मीकि समाज के प्रतिभाओं को जातीय चश्मे से हीं देखती है और उन्हें उठाकर कूड़े की तरह गटर में डाल देती है।
अब तो बिना नख,दंत, जिह्वा  के इस आयोग से ही भंगी/वाल्मीकि समाज का विश्वास उठ सा गया है। इस आयोग में कोई भी योग्य व्यक्ति क्यों ना चले जायें, चाहकर भी कोई कुछ नही कर सकता।इस आयोग की कितनी अनुशंसाओं को सरकारों ने पार्लियामेंट के पटल पर लाया ? आप की सरकार भी नही । अधिकार विहीन सफाई आयोग के रहते हर वर्ष सैकड़ो भंगी गटर में डूब कर मर जाते हैं और यह आयोग जिम्मेवार लोगो को एक सम्मन तक नही भेज पाता। अतः गटर आयोग से समाज का भला होने वाला नही है।
हम देश के प्रधान मंत्री और भजपा सरकार से पूछना चाहते हैं कि जब इस देश के करोड़ो भंगी/वाल्मीकि समाज के लोगो ने आप को वोट किया तो फिर.महादलित भंगी/वाल्मीकि/स्वच्छकार समाज को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह क्यों नही ? जब वाल्मीकि समाज ने कांग्रेस को नकार कर करोड़ो-करोड़ की संख्या में आप के पक्ष में वोट किया तो इस समाज के बीच से किसी को किसी राज्य का गवर्नर क्यों नही ?
अभी हाल में कई राज्यों में नये गवर्नरों की नियुक्ति हुई है, जिसमे दलित समाज के एक खास जाति को खुश करने के लिए एक नही बल्कि दो-दो राज्य के गवर्नर आप ने बना दिया। फिर वाल्मीकि समाज आप को और आप की पार्टी को वोट क्यों करे ? जबकि यह सर्वविदित है कि जिस जाति के लोगो को आप ने गवर्नर बनाया है ,उस जाति के वोटर पूरे देश में हाथी पर चढ़ कर वोट डालने जाते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे।
वोट लेने के लिए उस जाति के बीच से दो प्रतिनिधि को आप ने हरियाणा और  उत्तराखण्ड का गवर्नर बना दिया परन्तु विशाल आबादी वाली वाल्मीकि समाज को ना तो आप ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी ना ही किसी राज्य के राज्यपाल ही बनाया।
यह घोर अन्याय भंगी समाज के साथ हीं क्यो ?
हम प्रधानमंत्री से पूछना चाहते है कि आप का नारा है ,” सबका साथ ,  सबका विकास “। तो आप पूरी ईमानदारी से बताइए आप ने देश के वाल्मीकि समाज का साथ तो लिया,  पर इनके साथ न्याय  क्या किया ?  प्रधानमंत्री जी, हम एक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से बड़े ही विनम्रता से आप से कहना चाहते हैं कि आप से तो बेहतर भंगी/वाल्मीकि/स्वच्छकार समाज के लिए कांग्रेस थी जिसने इस समाज के बीच से एक नही बल्कि दर्जनो एम.एल.ए., एम.पी. , मंत्री बनाया यहाँ  तक कि भारत के गृह मंत्री तक बनाया जो प्रधान मंत्री के बाद दूसरे नंबर का सबसे महत्वपूर्ण पद है।
बल्कि पंडित जवाहर लाल नेहरू की अंतरिम सरकार के समय में ही वाल्मीकि समाज का पार्लियामेंट में प्रतिनिधित्व शुरू हो गया था, कन्हैयालाल लाल वाल्मीकि और भोला राउत को  कौन नही जानता ? बाद के दिनो में तो  शिवचरण , नारायण दीन , शिव लाल वाल्मीकि ,  हरी सिंह वाल्मीकि , बूटा सिंह आदि कई नाम गिनाए जा सकते हैं। भोला राउत को तो कांग्रेस ने सात बार टिकट दिया और वे जवाहर लाल नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के प्रधान मन्त्रित्व काल तक मेम्बर आफ पार्लियामेंट में रहें और बूटा सिंह अनेक बार मंत्री।
2019 के चुनाव में इस देश के पंद्रह करोड़ वाल्मीकि समाज जो असल में गांधी का हरिजन और अंबेडकर का दलित है आप को और आप की पार्टी को वोट क्यों करे ? जब आप ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्यों के राज्यपाल के लायक भंगी/वाल्मीकि समाज को समझा ही नही।
राष्ट्रीय स्तर पर महादलित आयोग बना कर दलित आरक्षण का वर्गीकरण करें और समाज के अंतिम आदमी भंगी/वाल्मिकियो को मुख्य धारा से जोड़ें ।  यही गाँधी , आंबेडकर और पं. दीन दयाल उपाध्याय के प्रति आप की सच्ची श्रधान्जली होगी । वर्ना गटर आयोग से काम नही चलेगा। जब यह गटर में डूबने वालो को नही बचा सकता है, तो कमल के फूल को क्या बचा पाएगा !
कमल के फूल को बचाने के लिए आप को गटर आयोग से आगे की सोचना होगा और भंगी/वाल्मीकि  समाज का लोक सभा चुनाव में सम्मान जनक प्रतिनिधित्व देना होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस समाज का प्रतिनिधित्व देना होगा, राज्यों में गवर्नर बनाना होगा और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना होगा। क्योकि यह आयोग समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए बना आयोग हैं अतः इसे यदि आप मजबूत नही करेंगे तो कमजोर वर्ग को न्याय कैसे मिलेगा ?
यह सच है कि कमल कीचड़ में खिलता है परन्तु यह भी सर्व विदित है कि कीचड़ को साफ भंगी समाज ही करता है।
( लेखक महादलित परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष है )

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