डांगावास हत्याकांड के दो आरोपी गुजरात में गिरफ्तार

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राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता-डांगावास बहुचर्चित हत्याकांड़ के दो आरोपी गुजरात के ऊना शहर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिये हैं। इस हत्याकांड़ के आरोपी मीसाराम ड़ागा व मनीराम धोलिया को थानाधिकारी मेड़ता अमरा राम विश्नोई ने अपनी विशेष टीम के साथ गिरफ्तार कर अनुसूचित जाति जिला न्यायालय में पेश किया,जहां न्यायाधीश सिध्देश्वरी पुरी ने न्यायिक अभीरक्षा में भेज दिया हैं।

राजस्थान में 14 मई 2015 को यह घटना घटी थी,जिसमें पांच दलितों की हत्याएं कर करीब महिलाओं के साथ यौन उत्पीडन किया गया था.इसकी 22 मई को सीबीआई जांच के आदेश किये गये थे। इसकी जांच सीबीआई टीम कर रही है,सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कुल आरोपी 289 बताये गये है। इस जघन्य हत्याकांड़ के मूल आरोपी 35 बताये गये है,लेकिन अब सीबीआई ने इनकी संख्या 40 पहुँचा दी है। अब तक 20 आरोपी पकडे़ जा चुके है। इन दोनों के बाद अब संख्या 22 हो गई हैं।

डांगावास हत्याकाण्ड के सोशल मीडिया प्रकरण की तारीख 3 मार्च 2018 रखी गई हैं,इसमें सम्पूर्ण दलित वर्ग को इसी हत्याकाण्ड पर जातिसूचक गलत टिप्पणी दो सेवारत अध्यापिकों शिशपाल ओलण तथा रामनिवास जाट व्दारा की गई थी। इस पर राष्टी्य शोषित परिषद् के देहात जिला अध्यक्ष व्दारा एफआईआर दर्ज करवाई गई थी,इस प्रकरण में युवा मेघवाल महासभा इंडिया के प्रदेश महासचिव विनोद मेहरा की प्रबल भूमिका रही थी,जो इस प्रकरण के मुख्य ग्वाह है। इस प्रकरण मे कनिष्ट लेखाकार अभीषेक तानण भी अपने फोन मय सिम को पुलिस को जांच हेतु दिये गये थे,यह भी ग्वाह है।

इसी मामले में दोनो ही सरकारी अध्यापको के खिलाफ राष्टी्य शोषित परिषद् के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल भट्ट द्वारा राज्य मानवाधिकार आयोग को अपील की गई है,जहां भी मुकदमा फाईनल नतीजे पर हैं। दोनो ही अध्यापको की जांच बीइओ डेगाना को जांच हेतु आयोग ने पत्र प्रेषित किया,लेकिन ब्लाक शिक्षा अधिकारी ने जातिगत भावना रखते हुए स्पेशल रिपोर्ट में गलत सूचना भेजी थी। राष्ट्रीय शोषित परिषद के प्रदेशाध्यक्ष बीरम राम भट्ट ने ब्लाक शिक्षा अधिकारी पर कार्यवाही की अपील की है,जो स्वीकार की जा चुकी है।

-एडवोकेट कमल भट्ट (ब्यावर )
9602761884

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