घुमक्कड़ी…..मेरी दीवानगी !

ट्यूरिसम लक्ज़री है , ट्रावेलिंग घुम्मकड़ी है !

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(कमल रामवानी सारांश)  

इन दिनों बस घुमक्कड़ी मेरे दिमाग पे छाई हुई है , अलग ही माइंड स्टेटस में हूँ आजकल…इसीलिए फेसबुक- यूट्यूब को इस्तेमाल करने का तरीका भी बदल गया है मेरा…

कमल रामवानी सारांश

फेसबुक के पप्पू, मोदी , बर्थडे, एनिवर्सरी , मार दो, पीट दो, कूट दो, इकट्ठे हो जाओ , इसकी जय , उसकी जय , ज़िंदाबाद मुर्दाबाद वाले कोलाहल से दूर हो गया हूँ मैं..

कुछ धुरंधर जो घूमने-घुमाने के सरताज हैं उनकी प्रोफाइल्स को See First कर रखा है । लोगइन करते ही ये लोग दिखते है इनको पढ़ते ही फेसबुक पे आना सफल हो जाता है । Neeraj Kumar, अजित सिंह दद्दा, राज कुमार सुनेजा ये सब घुमक्कड़ी के अलग ही मुसाफिर हैं… नई नई जगहों को ढूंढते हैं वहां पहुंच जाते हैं , पड़े रहते हैं अलसाते रहते हैं -सुस्ताते रहते हैं । चाय और फेसबुक इनकी प्राणवायु है । ये लोग लगभग 1000/- रोज़ में सर्वाइव कर लेते हैं घूमना….बकौल नीरज ये मगरमच्छ के लक्षण है बस पड़े रहना.. ना भागमभाग ना शेड्यूल घूमना इनको भाता है । जहां जाते है बस उस गांव के निवासी हो जाते हैं ये…नीरज पिछले दो महीने से घियागी में जमे हैं और इन्होंने अभी दद्दा को भी वहीं बुला लिया है….दोनो बुलेट और डिस्कवर के नफे नुकसान बताने पे तुले है..
दद्दा बुलेट के दीवाने तो नीरज को बुलेट में 1000 कमियां दिखती हैं वो अपनी डिस्कवर से देश घूम चुके हैं..

इन्ही लोगो को पढ़ देख रहा हूँ आजकल….घूमने के प्रति नज़रिया बदलने लग गया है अब मेरा…
पहले टूरिज़म को मैं घूमना मानता था – देश विदेश की बहुत लक्ज़री यात्राएं की है मैंने…पर अब लग रहा है कि ट्रावेलिंग ही असल घूमना है …जो मेरे नियमित पाठक है उनको याद होगा पिछले आर्टिकल में मैंने लिखा था कि ट्यूरिसम और ट्रावेलिंग दोनो अलग चीज़े हैं… ट्यूरिसम लक्ज़री है -ट्रावेलिंग घुम्मकड़ी है… दोनो का अपना अलग मज़ा है…

यूट्यूब पर कई सोलो ट्रैवेलर्स जो लौ बजट में दुनिया घूम रहे हैं उनको सब्सक्राइब कर लिया है… मोहित मनोचा (Travelling Desi), अब्दुल वाली (Fly to World), Varun Vagish (Mountain Trackers) जैसे चेनल्स मेरे पसंदीदा चेनल्स है I

ये पैसे बचाते हुए अपनी विश्व यात्राएं कर रहे हैं 30-40 देशों की यात्राएं ये तीनो कर चुके हैं…बहुत बढ़िया क़्वालिटी के वीडियोस अपलोड करते हैं जिसमे #Travelling_Desi मोहित की एडिटिंग और आवाज़ का तो मैं दीवाना हूँ…
ये लोग सस्ती फ्लाइट्स के जुगाड़ लगाते हैं, होस्टल्स में रहते हैं, वहां नए दोस्त बनाते हैं, उनके साथ टेक्सिस शेयर कर लेते हैं…वीसा प्राप्ति के मास्टर हैं ये सब…जिन रेट्स में ये घूम के आ जाते हैं उतने में तो लोग फ्लाइट्स की टिकट्स ही नही बुक कर पाते…
डोमेस्टिक और इंटरनेशनल यात्राओं के अनुभव मैं यहां भीलवाड़ा की तपती उमसाती गर्मियों में ले रहा हूँ… बस ये जो टमचु है ना हाथ मे यही दुनिया है…लाइक-कमेंट और शेयर ये ECG हैं हम लोगो की…और आप पाठक हमारा जोश..
बस अब जल्द निकलूंगा किसी सोलो ट्रावेलिंग पे.. जहां मैं होऊंगा -मेरा मोबाइल होगा और मेरे नए दोस्त होंगे…

जुड़े रहिये… तब तक के लिए जय जय…

(कमल रामवानी सारांश)

(आप लेखक से उनके ब्लॉग- https://travellingfoodie1.blogspot.com/ पर मिल भी सकते हैं )

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