तोषिणा में दलित समाज की आम सभा में उमड़ा जन सैलाब !

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भीख नहीं भागीदारी चाहिये, देश की हर ईंट में हिस्सेदारी के महाआंदोलन के तहत अनिश्चित भूख हड़ताल
( एडवोकेट कमल भट्ट )
अंबेड़कर महासभा की राष्टी्य अध्यक्षा विद्या गौतम व्दारा *भीख नही भागीदारी चाहिये इस देश की हर ईंट में हिस्सेदारी चाहिये* की चल रही अनिश्चित कालीन *भूख हड़ताल* पिछले 20 दिन से चल रही हैं। सरकार हमारी सभी भागीदारी की मांगों को अनदेखा कर किसी भी सरकारी स्तर से अब तक कोई उच्च स्तरीय बातचीत करने के लिए कोई भी नहीं आया हैं। क्योंकि हम दलित है, हम शोषित हैं। शायद इसी बात को मानते हुए इस आन्दोलन को नजर अंदाज किया गया जा रहा हैं। इसी वजह से पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे भीम समाज के भाईयों-बहनों की हालात  नाजुक हैं। सरकार जो सांतवादी है कब चेतेगी।
जीत हो या मौत 
इस धरने पर बैठे आठ राज्यों के चार हजार लोगों ने बस इसी बात को ठान लिया कि बस “जीत मिले या मौत” इस मांग को सरकार से मना कर रहेगे। इसी बात को लेकर तोषिणा ग्राम आंदोलन स्तर पर आज एक विशाल आम सभा रखी गई, जिसमें जयपुर, चुरू, सीकर, अजमेर, जोधपुर सहित नागौर की विभिन्न तहसीलो से बसो, कारो व टेक्टोरों में भर कर भारी संख्याओं मे दलित समाज की भारी भीड़ उमड़ी।
सभा में अंबेडकर महासभा के पदाधिकारियों, राष्टी्य शोषित परिषद्, अंबेडकर समीति मेडता, भीम आर्मी, अखिल भारतीय रैगर महासंघ, युवा इंडिया मेघवाल महासभा, समता सैनिक दल, भीम युवा शक्ति संगठन, सामाजिक न्याय एवं मानव गरिमा संस्था, अंबेडकर संघर्ष समिति सहित विभिन्न अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजातियों के विभिन्न संगठनों ने इस विशाल महासभा में अपनी भागीदारी की वास्तविक मांग के समर्थन में भारी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस आंदोलन में पर्बतसर के विधायक राकेश मेघवाल, अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरिष्ठ पत्रकार संजय खटाना, बजरंग लाल नुवा, कर्नल नंदकिशोर ढाका, हेमराज चावला, महेन्द्र छोटी खाटू, भागीरथ मेघवाल ( डाँ. अंबेडकर छात्रावास अधीक्षक) अखिल भारतीय रैगर महासंघ के नवरत्न गुसाईवाल, पीसीसी सदस्य चेतन डूडी, कैलाश मोर्य मुम्बई,  राष्ट्रीय शोषित परिषद् के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रचारक अखिल भारतीय रैगर महासंघ के एडवोकेट कमल भट्ट पत्रकार, पूनम कटौती भीम सेना, जेपी सेलवाड़, हरलाल बरबड़ डिडवाना भीम सेना, श्रवण सिंगाड़िया, चंद्राराम सिंगारिया, घीसाराम सिंगारिया भीम सेना तोषिणा आदि ने अपने सम्बोधन में इस आंदोलन को 21वी सदी का दलित समाज का सबसे अनोखा आंदोलन कहते हुए सभी आंदोलनकारियों का हौंसला बढ़ाया।
तोषिणा में दलित समाज के रैगर बस्ती मे अभिषेक सिंगाड़िया, मुकेश सिंगाड़िया, अजीत सिगाड़िया, नरेश सिंगाड़िया, चम्पा देवी सिगाड़िया, रजनी सिगाड़िया, विमला सिंगाड़िया, धारावत्ती, संतोष देवी, शारदा देवी, सुनीता, रेखा सिगाड़िया, कोमल सिंगाड़िया, संतोष देवी मेघवाल, बाबू देवी आदि पिछले 22वे दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे है। जिनमें सभी अभिषेक सिंगारिया की हालात नाजुक बताई जा रही हैं।

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