झाड़ोल की जनता ने प्रतिनिधियों को खड़ा किया सवालों के कटघरे में !

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(झाड़ोल/उदयपुर)

सूचना एवं रोजगार अभियान और अन्य जन संगठनों की ओर से गुरुवार से जनमंच की शुरुआत की गई। पहले ही दिन झाड़ोल की जनता ने बिजली, पानी, पेसा कानून, वन अधिकार मान्यता कानून, रोजगार, स्कूल और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया और चुनाव में खड़े हुए सभी नेताओं से इन मुद्दों पर जमकर सवाल किए।

जनमंच कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार सुनील भजात, सीपीआईएम से शंकर लाल पारगी, भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवार बाबूलाल खराण्डी के प्रतिनिधि नीलम राजपुरोहित, बहुजन समाज पार्टी से नीनालाल और एक निर्दलीय उम्मीदवार सोहनलाल परमार जनता के सामने पेश हुए और लोगों के सवालों का जवाब दिया।

झाड़ोल की जनता ने पेसा कानून लागू नहीं होने, वन अधिकार मान्यता कानून के तहत पट्टे नहीं मिलने, कई गांव में आज भी बिजली नहीं होने, पीने के लिए पानी, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, पॉश मशीनों में बायो मैट्रिक की वजह से राशन नहीं मिलने की समस्यायों को सभी प्रतिनिधियों के सामने रखा। इन सभी समस्याओं को यहां के प्रतिनिधियों ने अपनी पार्टियों के घोषणा पत्र में शामिल करवाने का वादा किया। सभी उम्मीदवारों ने वादा किया कि वे इस बार अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से अपना घोषणा पत्र बनाएंगे और जनता के सामने रखेंगे।

जानिए किस नेता ने क्या कहा

सुनील भजात, कांग्रेस– तकनीकी कारणों से वन अधिकार कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है। पेयजल की समस्या को भी दूर करेंगे और बचे हुए गांवों में पेयजल पहुंचाएंगे। पेसा कानून को पूरी तरह लागू किया जाएगा इससे तो सरकार का काम ही आसान होगा।

नीलम राजपुरोहित, बीजेपी– पॉश मशीनों की समस्याएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसे खत्म करने की बजाय सुधारा जाएगा ताकि पूरी तरह से लोगों को फायदा मिल सके। पेयजल भी बचे हुए गांवों में पहुंचा दिया जाएगा।

शंकर लाल पारगी, सीपीएम– मूलभूत सुविधाओं को लाने की कोशिश करूंगा जो 72 साल में कांग्रेस, बीजेपी नहीं दे पाईं वो मेरी कोशिश रहेगी कि जनता को सारी सुविधाएं मिलें।

नीनालाल, बीएसपी– क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रही है। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि बिजली, पानी, पेसा कानून, पट्टे जैसी समस्याओं का खात्मा हो।

सोहन लाल परमार, निर्दलीय- क्षेत्र में समस्याएं बहुत हैं। मेरी पूरी कोशिश है कि इन समस्याओं को पूरी तरह से खत्म करूं।

क्या है जनमंच कार्यक्रम?

विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान इलेक्शन वॉच और कई जन संगठन मिलकर नागरिकों की चुनाव सम्बन्धी शिकायतों/ सुझावों या अन्य किसी भी तरह की मदद के लिए एक हेल्पलाइन चला रहे हैं जिस पर नागरिक किसी भी समय फ़ोन कर इसका फायदा उठा सकते हैं। इसके साथ ही इलेक्शन वॉच मतदाताओं को जागरूक करने और चुनावी गड़बड़ियों जैसे धनबल के उपयोग से मतदाताओं को प्रभावित करने, पेड़ न्यूज़ और फेक न्यूज़ या चुनावी आदर्श आचार संहिता के किसी भी तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए तत्परता से जुटा हुआ है।

जनमंच कार्यक्रमों के दौरान हम उस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और क्षेत्र के सभी नागरिक एक खुला और निष्पक्ष संवाद कर रहे हैं।

धर्मचंद खैर, सरफराज शेख, दुर्गा खराड़ी, सोहनलाल गमेती।

राजस्थान इलेक्शन वॉच व सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान राजस्थान

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