धूर्त लोगों ने बुद्ध को विष्णु का अवतार घोषित कर डाला !

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( बी एल बौध्द )

सच्चाई को समझने का प्रयास करें। धूर्त लोगों का कहना है कि भगवान सब कुछ देखता है लेकिन सच्चाई यह है कि भगवान कहीं पर है ही नहीं तो देखेगा कहाँ से ? पहले के जमाने में न तो रॉकेट हुआ करती थी और न हवाई जहाज इसलिए धूर्त लोगों ने अपनी झूठ को छुपाने के लिए आसमान का सहारा लिया और लोगों में भरम पैदा किया कि भगवान ऊपर आसमान में रहता है और तभी से लोग भी कहने लगे कि ऊपर वाला सब कुछ देखता है लेकिन अब दुनिया अंतरिक्ष को बहुत ही अच्छे से देख चुकी है.ऊपर कहीं पर भी भगवान नहीं है तो फिर देखेगा कौन ?

धूर्त लोग अब कहने लगे हैं कि हर इंसान के अंदर भगवान निवास करता है लेकिन कुछ लोग तो चोरी डाका बेईमानी झूठ और बलात्कार में लिप्त हैं तो यदि इंसान के अंदर भगवान है तो उसे बुरे कर्म करने से रोकता क्यों नहीं है लेकिन भगवान अंदर है ही नहीं तो रोकेगा कौन ? धूर्त लोग यह भी कहते हैं कि आत्मा ही परमात्मा है लेकिन तथागत बुद्ध ने अपने अध्ययन से यह सिद्ध किया था कि शरीर के अन्दर आत्मा नाम की कोई चीज नहीं है,जब आत्मा ही नहीं है तो परमात्मा होने का तो कोई मतलब ही नहीं।

बुद्ध की बात को पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों ने भी स्वीकार किया है कि आदमी के अंदर आत्मा नाम की कोई चीज नहीं है,इसीलिए जब नये डॉक्टर की पढ़ाई होती है तो उसको लोवर लिंब, अपर लिंब, श्वसन तंत्र,पाचनतंत्र,ज्ञानेन्द्रियों,जननेंद्रियों सहित पूरे शरीर के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन आत्मा के बारे में चर्चा भी नहीं की जाती है क्योंकि शरीर के अंदर कहीं आत्मा है ही नहीं तो चर्चा किस बात की करें।

सच्चाई तो यह है कि भगवान ,स्वर्ग नर्क और मोक्ष के नाम पर लूट खसोट का जोरदार धंधा धूर्त लोगों ने चला रखा है इस धंधे को मंदा करने का काम सर्वप्रथम तथागत बुद्ध ने किया था इसीलिए ये लोग बुद्ध को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं और अपनी दुश्मनी निकालने के लिए ही बुद्ध के अनुयायियों को अछूत बनाया गया और बौद्ध भिक्षुओं को मारा गया ,उनका गला काटकर लाने वालों को ईनाम दिया गया, बौद्ध साहित्य को जलाकर भस्म कर दिया गया, बौद्ध विश्वविद्यालय नालंदा तक्षशिला, विक्रमशिला को नष्ट किया गया, लाखों बुद्ध विहारों को तोड़ा गया और बौद्ध संस्कृति को मिटा दिया गया तथा बुद्ध के देश में ही बुद्ध को पूर्णत्या भूला दिया गया, भारत से चलकर पूरी दुनिया में बौद्ध धम्म का विस्तार हुआ लेकिन भारत से गायब कर दिया गया और यह सब इसलिए किया गया कि तथागत बुद्ध की बात पर भारत की जनता ने विश्वास करना शुरू कर दिया था कि न तो आत्मा है और न कहीं पर परमात्मा है जो भी शक्ति है वो कुदरत,प्रकृति नेचर में ही है,इसके अलावा कुछ भी नहीं है।

तथागत बुद्ध ने भगवान के अस्तित्व को स्वीकार ही नहीं किया था लेकिन धूर्त लोगों ने जनता को भर्मित करने के लिए बुद्ध को भी भगवान विष्णु का अवतार घोषित कर दिया लेकिन दुश्मनी को कायम रखा गया और अपने मन्दिर में बुद्ध के लिए कोई स्थान नहीं रखा। बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा लिखित ग्रन्थ बुद्ध और उनका धम्म पढ़कर इस सच्चाई को जानने पहचानने और समझने का प्रयास करें।

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