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mohan bhagwat

कारसेवक की किताब पर संघ ख़ामोश क्यों है ?

(लखन सालवी )दलित चिंतक भंवर मेघवंशी की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘‘मैं एक कारसेवक था’’ को 1 दिसम्बर की रात को पढ़ना आरम्भ किया और 2 दिसम्बर को सुबह 11 बजे इसका आखिरी पन्ना पढ़ा।यह जबरस्त पुस्तक है, जिसमें संघ के एक स्वयंसेवक की कहानी है। वो

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एससी-एसटी के प्रति प्रेम !

(त्रिभुवन) वह देश का एक महाकाय संगठन है। उसकी एक राजनीतिक शाखा है। वह आज तक आरक्षण के ख़िलाफ़ था। एकदम खुला। निडर और साहसी। डंके की चोट पर। इस संगठन से जुड़े हमारे 'मित्र' एससी-एसटी को लेकर बहुत कुछ ऐसा कहते थे, जो बताता था कि भारतीय…