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गौतम बुद्ध

सिक्किम में बनेगा बौद्ध विश्वविध्यालय

( संजय सावंत  )  डेढ़ हज़ार वर्ष पूर्व भारत में देवालयों या तीर्थक्षेत्रों की बनिस्बत शिक्षा संस्कृति को ही अधिक महत्व दिया जाता रहा है। इसलिए विक्रमशिला विश्वविद्यालय (मगध-बिहार ) नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार), तक्षशिला विश्वविद्यालय

रामदेव पीर की आध्यात्मिक धारा से अवगत कराती है यह किताब !

( पूरा राम ) डॉ कुसुम मेघवाल की 'मेघवाल बाबा रामदेव' पढ़ ही रहा था कि भंवर मेघवंशी की दो पुस्तकें 'कितनी कठपुतलियाँ' और 'महान समाज प्रचेता  रामदेव पीर' हस्तगत हुई . रामदेव जी के जीवन के संदर्भ में और जानने की उत्कंठा में इस पुस्तक को

गौतम बुद्ध और उनका धम्म !

-हिमांशु कुमार  बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ जो अब नेपाल में है,इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था।इनके पिता का नाम शुदोधन था।ज्योतिष ने भविष्य वाणी करी थी कि यह या तो चक्रवर्ती सम्राट बनेगा,लेकिन अगर दुःख देख लेगा तो सन्यासी हो जाएगा.

इतिहास में अब तक का महान क्रांतिकारी सूत्र

‘अत्त दीपो भव’ अर्थात अपना प्रकाश स्वयं बनो..गौतम बुद्ध कहते है...'किसी दूसरे के उजाले में चलने की बजाय अपना प्रकाश ,अपनी प्रेरणा खुद बनो. खुद तो प्रकाशित हों ही, दूसरों के लिए भी एक प्रकाश पूंज की तरह जगमगाते रहो'...भगवान बुद्ध के महा

चट्टान पर बने धम्म चक्र !

( डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह ) आंध्र प्रदेश के पुरातत्व विभाग ने चट्टान पर बने धम्मचक्र का पता लगाया है। यह धम्मचक्र पूर्वी गोदावरी जिला के कोठापल्ली गाँव से मिला है। गोदावरी का गोदा नदी का और कोठापल्ली का पल्ली गाँव का बोधक है। खोजे

कौन है देश की गुलामी के गुनाहगार ?

-डॉ. एम एल परिहार आज हम देश की उस आजादी का जश्न मना रहे हैं जिसके लिए हर क्षेत्र के देशप्रेमियों ने अपना त्याग व बलिदान दिया था. मेहनतकश किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी,सेनानी , क्रांतिकारी, लेखक,विचारक नेता आजादी के मतवालों ने अपना योगदान

बुद्ध और बाबा साहेब के सच्चे मिशनरी : डॅा. एम.एल. परिहार

- भंवर मेघवंशीजन्म सामंती राजस्थान के अतिसांमती जिले पाली की देसूरी तहसील में एक छोटा-सा गांव है करणवा।जातिवाद और सामंतवाद का भयानक मिश्रण जहां पर दलित अक्सर अपनी पूरी जिन्दगी हाली (बंधुआ मजदूर) के रूप में गुजारने को अभिशप्त थे,