स्पिक मैके का सातवा इंटरनेशनल कन्वेंशन जेएनयू में 3 जून से !

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देशव्यापी सांस्कृतिक आंदोलन स्पिक मैके 3 जून से 9 जून तक अपने 7वें अन्तर्राष्ट्रीय समागम का आयोजन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में कर रहा है। देश विदेश से लगभग 1500 प्रतिभागी पद्मविभूषण, पद्मभूषण,पद्मश्री तथा अन्य सम्मानों से अलंकृत देश के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों की कला का साक्षात् अनुभव यहाँ कर पायेंगे। इस अवसर पर उन्हें उन्हें विभिन्न कलाओं को सीखने का अवसर भी मिलेगा। विगत चार दशकों से शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोक संगीत, शिल्प, योग, रंगमंच, सार्थक सिनेमा आदि के प्रतिवर्ष हज़ारों कार्यक्रम आयोजित कर रही स्वयंसेवी संस्था स्पिक मैके इस बार कन्वेंशन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष को भी समारोहपूर्वक आयोजित कर रही है। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मे भारत और विदेश के युवाओं को एक सप्ताह आश्रम जैसे माहौल मे समय बिताने का मौक़ा मिलेगा।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक जैन के अनुसार दक्षिणी राजस्थान के पंद्रह जिलों से संस्कृतिकर्मी माणिक के नेतृत्व में सत्तर प्रतिभागी सम्मेलन में हिस्सेदारी करेंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, कर्नाटक और हिंदुस्तानी, शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन, लोक प्रदर्शन, प्रख्यात लेखकों और चित्रकारों द्वारा वार्ता के साथ सिनेमा, हेरिटेज वॉक सहित विभिन्न कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। 
सम्मेलन में भाग लेने वाले कुछ प्रसिद्ध कलाकार हैं जैसे पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, पंडित शिव कुमार शर्मा, उस्ताद अमजद अली खान, विदुषी तीजन बाई, पंडित राजन और पंडित साजन मिश्रा, बेगम परवीन सुल्ताना, विद्वान टी. वी. शंकर नारायणन, डॉ. प्रभा अत्रे, श्याम बेनेगल, विदुषी सरोजा वैद्यनाथन, विदुषी मालविका सरुक्कई, उस्ताद शाहिद परवेज, उस्ताद राशिद खान, विदुषी ए. कन्याकुमारी, गुरु घनाकांत बोरा, मुक्तियार, उस्ताद वसीफुद्दीन डागर, विदुषी भारती शिवाजी, श्रीमती अंजलि इला मेनन, दादी पुदुमजी, अब्दुलगफुर खत्री, एस. शाकिर अली, श्रीमती बौआ देवी, उस्ताद बहाउद्दीन मोहिउद्दीन डागर, विदुषी अश्विनी भिड़े देशपांडे, लालगुड़ी जी जे आर कृष्णन, वारसी ब्रदर्स शामिल हैं।

गौरतलब है कि सुबह 4 से सुबह 7 बजे तक योग और ध्यान होगा। इसी तरह सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक चालीस डांस,म्यूजिक, आर्ट और क्राफ्ट की कार्यशालाएं होंगी। महोत्सव में प्रतिभागियों को अपनी जीती जागती संस्कृति से साक्षात्कार का एक अविस्मरणीय अनुभव मिलेगा। स्पिक मैके चित्तौड़गढ़ इकाई अध्यक्ष अश्रलेश दशोरा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य जे. पी. भटनागर ने बताया कि अधिवेशन में छात्रों को दिग्गज कलाकारों के प्रदर्शन के साक्षी होने का तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत और उसकी गरिमा का अनुभव करने का एक दुर्लभ अवसर भी होगा, जब वे प्रतिष्ठित गुरुओं के साथ रहते हुए उनके नैतिक मूल्यों एवं विचारों को आत्मसात करेंगे। डॉ. किरण सेठ के अनुसार यह अधिवेशन भारत की समावेशी विरासत को समझने व सराहने का एक विनम्र प्रयास है। चित्तौड़गढ़ समन्वयक शाहबाज पठान के अनुसार चित्तौड़गढ़ से स्पिक मैके सह सचिव हेमलता शर्मा, अध्यापिका ममता चारण, चित्रकार मुकेश शर्मा, अध्यापक राजाराम, वेदांत चारण, कैडेट अलोक आनंद, कॉलेज छात्रा जान्हवी शर्मा शिरकत कर रही है। इस बार अपनी माटी नामक संस्था के 19 वोलंटियर भी कन्वेंशन में संस्था सचिव डालर सोनी के निर्देशन में जा रहे हैं उनमें अभिलाषा आंजना, व्याख्याता अभिनव सरोवा, मनोज खोईवाल, अनुष्का सोनी, श्रेया टेलर, दीपक कुमार, अर्जुन मेघवाल, गुणवंत मेघवाल, सुनीता मीणा, ममता मीणा, पुष्कर आंजना, बबलू धोबी, उमा मीणा, कारु आंजना, पूजा प्रजापत, कुलदीप टांक शामिल हैं।

अश्रलेश दशोरा,

अध्यक्ष,स्पिक मैके चित्तौड़गढ़

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