थप्पड़ मारकर आरक्षण का अधिकार छीन लो- कल्याण सिंह 

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(चंद्र भूषण सिंह यादव )
लखनऊ के रवींद्रालय में लोकबंधु वंचित महासंघ के तत्वावधान में पूर्व प्रधानमंत्री व मण्डल मसीहा स्मृतिशेष वीपी सिंह  के जयंती कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री  कल्याण सिंह ने कहा कि “अगर कोई सरकार आरक्षण खत्म करने की हिमाकत करे तो थप्पड़ मारकर अपना अधिकार छीन लो.आरक्षण का हक हासिल करने के लिए लाठी-डंडे खाये,सीने पर गोलियां खायीं,कई लोगो ने प्राण गंवाए.आरक्षण विरोधियो ने भरसक प्रयास किये पर पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने मण्डल कमीशन की सिफारिश लागू करने के बाद उसे वापस नही लिया.उन्होंने पिछड़े वर्ग के अधिकारियो की कमी पर भी चिंता जताई.
 25 जून को पिछडो को भागीदारी देने हेतु बने दूसरे पिछड़ा वर्ग आयोग (मण्डल आयोग) की सिफारिशों को लागू करने वाले वीपी सिंह की जयंती थी.वीपी सिंह राजपूत जाति से थे.वे राजा मांडा थे.वीपी सिंह जन्मजात कांग्रेसी थे, बाद में वे जनमोर्चा बनाकर देश भर में दौरे किये और फिर जनता दल बनने पर उसमे अपने दल जनमोर्चा का विलय कर दिए और रोमांचक तरीके से देश के पीएम बन गए.वीपी सिंह ने 10 वर्ष से आलमारी में गर्द खा रहे मण्डल कमीशन की सिफारिशों को लागू कर खुद का नाम वंचितों के मसीहा और अभिजात्य जनो के लिए खलनायक के रूप में अंकित करवा लिया।
वीपी सिंह ने निःसन्देह मण्डल लागू करने का जो काम किया वह सच मे बड़ा जोखिम भरा था.इस मण्डल की बदौलत आज लाखो लोग कलक्टर से लेकर चपरासी तक बन चुके हैं, लेकिन उन्हें वीपी सिंह के इस महान कार्य का शायद इल्म नही है तभी तो वीपी सिंह  देश के वंचितों के बीच उस सम्मान से वंचित है जो उन्हें मिलना चाहिए।
पिछडो को आरक्षण दिलवाने के लिए कानून बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने बनाया.पिछड़े पावे सौ में साठ का नारा लोहिया जी ने लगाया।कर्पूरी ठाकुर व रामनरेश यादव ने बिहार व यूपी में 1977 की सरकार में पिछडो को आरक्षण दिलवाया।राजनारायण ,मधु लिमये ,चन्द्रजीत यादव ,श्यामलाल यादव आदि ने दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग (मण्डल कमीशन) बनवाया। वीपी मण्डल  ने पिछडो की तरक्की हेतु अनुशंसाएं दीं। रामअवधेश सिंह यादव ,कांशीराम आदि ने मण्डल आंदोलन चलाया।शरद यादव ,रामविलास पासवान  ने मण्डल लागू करने का दबाव बनाया और वीपी सिंह  ने इसे लागू करवाया।
पिछड़े वर्गों को आरक्षण देश की आजादी के 45 वर्षो बाद वीपी सिंह  के कारण मिला लेकिन आज वीपी सिंह  पिछडो के बीच बेगाने हैं और उनके वर्ग के लोग वीपी सिंह द्वारा आरक्षण लागू करने से इतने न कुपित हैं कि वे उन्हें भद्दी-भद्दी गालिया देते हैं।
वीपी सिंह ने समाजवादियों के “पिछड़े पावें सौ में साठ” के नारे को धरती पर उतारा ,लेकिन कोई समाजवादी वीपी सिंह को याद नही करता।पूर्व पीएम चन्द्रशेखर सिंह ,महाराणा प्रताप ,भगवान परशुराम ,महाबली हनुमान  की जयंती तो समाजवादी पार्टी मनाती है लेकिन वीपी सिंह ,वीपी मण्डल ,छत्रपति शाहू  आदि समाजवादी पार्टी को याद नही है जो पिछडो के आरक्षण को धरातल पर उतारने वाले लोग हैं।
अब जब समाजवादी लोग वीपी सिंह को याद न करें,आरक्षण पर जबान न खोलें,मण्डल कमीशन की शेष संस्तुतियों को लागू करने की वकालत न करें तो बाबरी मस्जिद विध्वंश के दोषी और भाजपा नेता रहे  कल्याण सिंह  का वीपी सिंह को याद करना व आरक्षण के लिए थप्पड़ चलाने तक कि बात कहना बहुत बड़ा मायने रखता है।
जनता दल के नेता रहे वीपी सिंह ने मण्डल लागू किया, जिसके विरुद्ध आडवाणी जी कमण्डल लेकर चले। मण्डल वर्सेज कमण्डल का द्वंद लगभग 18 वर्षो से चल रहा है।कल्याण सिंह कमण्डल खेमे के हैं।मण्डल को दबाने के लिए ही बाबरी मस्जिद शहीद की गई,कमण्डल उठाया गया,राम नाम का उद्घोष किया गया लेकिन मण्डल दबा नही।कल्याण सिंह जो कमण्डल खेमे के थे,उनकी पार्टी मनुवाद की पोषक है, लेकिन वे मण्डल व आरक्षण पर अग्रेसिव हो बोल रहे हैं और मंडलवादी लोग मौन ब्रत धारण करके हनुमान जयंती पर बूंदी खा ब्रत तोड़ घर चले जा रहे हैं।
बड़ा अजीब है कि जो भाजपा सवर्ण परस्त है,आरक्षण विरोधी है,कमण्डल धारी है उसके कद्दावर नेता कल्याण सिंह, वीपी सिंह की जयंती मना रहे हैं व आरक्षण पर ललकार रहे है और समाजवादी लोग चुप्पी धारण किये हुए हैं।स्वभाविक है कि जब आप चुप रहेंगे तो कुटिल लोग आपके हाथों से आपके मुद्दों को छीन लेंगे और आप तमाशबीन बन हाथ मलते रह जाएंगे।जिस तरीके से आप पदोन्नति में आरक्षण व त्रिस्तरीय आरक्षण का विरोध करते हुए न इधर के हुए,न उधर के और वे खुद को नीच जाति का बोल करके आपको धराशायी कर डाले वैसे ही यदि आप पुनः चुके तो स्थितियां बहुत अनुकूल न रहेंगी।
कल्याण सिंह राज्यपाल जैसे सँवैधानिक पद पर रहते हुए और भाजपाई होते हुए आरक्षण पर जिस तरीके से अपनी बात रखे हैं वह निश्चय ही काबिले तारीफ है और उनसे पिछड़े वर्ग की राजनीति करने वाले दलों व नेताओ को सीख लेनी चाहिए।मैं तो कल्याण सिंह को आरक्षण व वीपी सिंह  पर दिए गए उनके बयान पर उनकी प्रशंसा करता हूँ।

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