“सावित्री बाई फुले महिला मंडल” एक मिशन है !

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( रोशन मुंडोतिया )
सावित्री बाई फुले महिला मंडल की स्थापना अक्टूबर,2017 में हुई ,इसका  ड्रेस कोड सफ़ेद कपड़े और माँ सावित्री बाई फुले के चित्र के साथ संगठन का नाम. जी हां आज मैं बात कर रहा हूँ राजस्थान में सीकर जिले के नीमकाथाना तहसील के एक छोटे से गाँव गुहाला की ,जहाँ लड़कियों-महिलाओं की जागरूकता देखते बनती है।
इस गाँव की मिशनरी टीम जो गाँव गाँव घूमकर महिलाओं लड़कियों को जागरूक करती है और अपने अधिकारों कर्तव्यों के प्रति अलख जगाती हैं।इनमे से कुछ बहनो पर तो पिता का साया भी नहीं है।मैं आश्चर्यचकित  हूँ इस उम्र में इन के जज़्बे को देखकर जो उनकी उम्र में मेरे में नहीं रहा ,इसलिए उनके सामने थोड़ा कमज़ोर भी महसूस करता हूँ पर कुछ सीखने के लिए भी मिल रहा है इनके जज़्बे से।
मैं सहस्त्र बार शीश झुकाकर नमन करता हूँ इनको और इनके परिवार के मार्गदाताओं का जिन्होंने इस मिशन के लिए इनको हौंसला दिया ना कि उन्हें लड़की होते हुए कभी रोका।इनके विचारों को मैंने श्रीमाधोपुर के एक कार्यक्रम में सुना था,मैं स्तब्ध होने के साथ साथ अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा था कि मेरे क़स्बे मैं ऐसी महान विभूतियाँ और उनको हौंसला देने वाले लोग भी हैं।
”सावित्री बाई फुले महिला मंडल” से लोगों को ख़ासकर महिलाओं को अंधविस्वास से मुक्त और शिक्षित करने के लिए ये महान विभूतियाँ:- अध्यक्ष-कौशल्या सहल,उपाध्यक्ष-अनुराधा कल्यानियाँ,कौषाध्यक्ष-ज्योति कल्यानियाँ,भावना पालीवाल,प्रियंका कल्यानियाँ ,नीतू कल्यानियाँ,रेणु पालीवाल,पूजा कनवाड़िया,रजनी कनवा और अन्य क्रांतिकारी महिला सदस्य जुड़ी हुई हैं।

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