राजस्थान को गहलोत पसंद है !

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(भंवर मेघवंशी)

राजस्थान में भाजपा की विदाई हो गई है , कांग्रेस बहुमत के करीब है। बसपा को 6 सीट मिली है, आश्चर्यजनक रूप से भारतीय ट्राइबल पार्टी ने 2 सीटें जीत ली है, माकपा से भी दो कॉमरेड एमएलए बन गये है । कईं निर्दलीय भी जीत गये हैं ।

अधिकांश जीते हुए निर्दलीय कांग्रेस के बागी है ।

कुल मिलाकर राजस्थान की जनता ने तो लोकतांत्रिक ताकतों को जिताने व भाजपा को हराने का महत्वपूर्ण काम कर दिया है। अब कांग्रेस आलाकमान को उचित निर्णय लेना चाहिए।

अब राजस्थान में नई सरकार के बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, कल कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने जा रही है,प्रदेश  कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन ) व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ मीडिया की नजर लगी हुई है,मुख्यमंत्री पद को लेकर  तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं ।

कांग्रेस आलाकमान को राजस्थान की आम जनता और तमाम वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा,यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है,यह भाजपा की विफलता और कांग्रेस के वर्करों के सामूहिक प्रयासों की जीत है।

प्रदेश के दलित,आदिवासी, घुमन्तू ,अल्पसंख्यक सहित तमाम वंचित वर्गों की दिली भावना यह है कि अशोक गहलोत के अनुभवी हाथों में फिर से प्रदेश की बागडोर आये,क्योंकि उनमें सब जाति समुदायों को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता है और वो आम जन से सीधे जुड़े रहते हैं ।

राजस्थान की जनता एक बार फिर से अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के तौर पर देखने को उत्सुक है,कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों व आलाकमान से उम्मीद की जा सकती है कि वे प्रदेश के महबूब नेता अशोक गहलोत के हक़ में फैसला करेंगे ।

भंवर मेघवंशी 

( प्रदेश संयोजक – दलित आदिवासी एवं घुमन्तू अधिकार अभियान राजस्थान )

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