सजातीय लड़की से प्रेम विवाह करने पर पंचो ने ठोका 1,51,000 का जुर्माना 

.... 6 वर्ष से जातीय  बहिष्कार  का दंश झेल रहा है महावीर शर्मा 

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– सुरेश मेघवंशी ,करजालिया
एक युवक ने अपने ही समाज की  लड़की से प्रेम विवाह क्या किया  जातीय पंचायत ने समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद किया.पीड़ित 6 साल से न्याय के लिए संघर्षरत है  महावीर शर्मा .मांडल उपखंड क्षेत्र के भगवानपुरा ग्राम पंचायत के बाला नगर के रहने वाले 28 वर्षीय महावीर शर्मा ने अपने ही ब्राह्मण समाज की लड़की से प्रेम विवाह किया किया तो समाज के पंच पटेलों एवं जातीय पंचायत ने समाज से बहिष्कृत करके महावीर शर्मा के जीवन को नारकीय जीवन बना डाला.
हंसते-खेलते पूरे परिवार पर को ऐसा सदमा लगा कि कुछ दिन पहले 13 जून को सदमे से पीड़ित परिवार की महिला की मृत्यु हो गई .लेकिन अभी तक पंच-पटेलों का कलेजा नहीं पसीजा और हर बार जुर्माना भरने के बावजूद भी पीड़ित परिवार को समाज से बहिष्कृत एवं तिरस्कृत कर रहे हैं. बाला नगर के रहने वाले महावीर  शर्मा ने मांडल उपखंड क्षेत्र के रामगढ़ ग्राम की स्व. जगदीश चंद्र शर्मा की पुत्री संपत्ति शर्मा से 27 जुलाई 2012 को  मध्यप्रदेश के झाबुआ कोर्ट में प्रेम विवाह किया था .यह प्रेम विवाह दोनों पत्नी पति ने आपसे समझौते एवं रजामंदी के किया गया
लेकिन महावीर शर्मा के ससुराल पक्ष के लोगों को यह प्रेम विवाह पसंद नहीं आया उन्होंने बदले की भावना के चलते पीड़ित महावीर शर्मा के परिवार को समाज से बहिष्कृत करवा दिया .कई वर्षों तक समाज  से बहिष्कृत रहने के बाद महावीर शर्मा ने समाज के पंचों के आगे समाज में वापस शामिल करने के लिए गुहार लगाई तो ,लेकिन पंचों ने लुहारिया  ग्राम पंचायत के दाता में 1 माह बाद  चारभुजा मंदिर पर समाज की बैठक रखकर पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया ! उसी समय से पूरे समाज ने पीड़ित परिवार का हुक्का-पानी एवं आना जाना बंद कर दिया.पंचों ने समाज में वापस शामिल करने की एवज में महावीर शर्मा के पिता मदनलाल शर्मा पर पंचों ने एक लाख 51 हजार का जुर्माना ठोका
आर्थिक दृष्टि से कमजोर मदनलाल शर्मा ने जैसे तैसे पैसे का जुगाड़ कर किया और पंचों ने 17 जुलाई 2015 को करजालिया  ग्राम में  हनुमान जी के मंदिर पर  समाज की बैठक बुलाई  जिसमें  पीड़ित मदनलाल से  151001  वसूले गए एवं पीड़ित मदनलाल के सर पर  समाज के लोगों के  जूतों की पोटली  बांध कर  सर पर रखकर 15 मिनट तक खड़ा रखा ,लेकिन फिर भी  पंच पटेलों का  दिल नहीं पसीजा .पैसे लेने की बाकायदा  1लाख 31हजार रु. मंदिर विकास के नाम पर रसीद काटी गई और पैसे लेने के बावजूद भी  जातीय बहिष्कार जारी रखा
 इससे पूरा परिवार आर्थिक बदहाली में आ गया  और  अपने परिवार सहित सभी बच्चे  रतलाम में  मजदूरी करने के लिए चले गए .इसी दौरान  मदनलाल  के पुत्र महावीर की पत्नी संपत्ति शर्मा ने एक पुत्र एक पुत्री को जन्म दिया लेकिन जातीय बहिष्कार के चलते गांव में रहने पर भी डरे सहमे से रहते हैं .मदनलाल के तीसरे पुत्र ने किया था प्रेम विवाह ! लेकिन पंचों ने पूरे परिवार को ही अपराधी घोषित करके जातिय कानून कायदे चलाकर पूरे परिवार पर जुल्म ढा रहे हैं.
समाज से बहिष्कृत मदनलाल शर्मा की परिवार की मुश्किलें यहां खत्म नहीं हुई पूरे बाला नगर ग्राम में लोग उनसे घृणा करने लगे एवं पंचों ने फरमान सुनाया कि जो भी इस परिवार से के साथ रिश्ते या  परिवार का साथ देगा उसको भी समाज से बहिष्कार किया जाएगा !इसी डर के कारण समाज एवं ग्राम के लोग भी पीड़ित परिवार से दूरियां बनाने लग गए .
मदन लाल का  पीड़ित परिवार मध्यप्रदेश में हलवाई का कार्य करता है लेकिन जब भी वह अपने गांव अतः पूरा परिवार से ग्राम के लोग  सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी भी नहीं भरने दे रहे हैं .जातीय पंचायतों ने पीड़ित परिवार पर लगातार पाबंदी लगाते हुए लाखों रुपए वसुल लिए ,जुर्माने की राशि झरना महादेव सिखवाल समाज के मंदिर पर 1 लाख 31000 रुपए की रसीद मंदिर सहयोग के लिए कटवाई.
 उसके बाद हर 6 माह में समाज को इकट्ठा करने के नाम पर खर्चा करवा रहे हैं ,जिसके कारण भी पूरा परिवार आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान हैं .कोर्ट में इस्तगासा पेश करवाने के बावजूद भी नहीं हुई कार्यवाही .जातीय पंचायतों की दबंगता एवं पहचान के कारण महावीर शर्मा ने  कबराडिया निवासी डालचंद जोशी पिता बालू लाल जोशी एवं कबराडिया निवासी लादूलाल जोशी पिता ओंकार जोशी दाता निवासी चुन्नीलाल पिता छोटू लाल पुरोहित सहित अन्य चार पांच व्यक्ति के खिलाफ मांडल न्यायिक मजिस्ट्रेट में  प्रकरण देने के बावजूद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया .
 मांडल थाना प्रभारी दिनेश चंद्र कुमावत का कहना कि इस प्रकार जातीय बहिष्कृत का गंभीर मामला है मैं लुहारिया  चौकी पर संपर्क करके जल्द ही आरोपियों के खिलाफ जांच करवा कर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे . ब्राह्मण समाज के पन्च  डालचंद जोशी का कहना है कि मेरे रिश्तेदार की लड़की से  महावीर ने प्रेम विवाह किया था.जातीय बहिष्कृत समाज का फैसला है ,अगर महावीर शर्मा को समाज वापस अंदर ले तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है .मैंने अभी तक किसी भी जाति जातीय पंचायत में भाग नहीं लिया !
 पीड़ित महावीर शर्मा का कहना है कि मैंने 6 वर्ष पूर्व मांडल क्षेत्र के रामगढ़ की रहने वाली संपत्ति शर्मा से प्रेम विवाह किया था .इससे लड़की के परिवार वाले  नाराज हो गए  और मुझे  6 वर्षों से समाज से बहिष्कृत करवा रखा है  व मुझसे अब तक समाज के पंचो  ने लाखों रुपए  समाज में वापस लेने के नाम पर वसुल  लिये,लेकिन अभी तक  मेरा जातीय बहिष्कार  जारी हैं  !
 पीड़ित पुत्र के पिता  मदनलाल का कहना है कि  मेरे पुत्र ने ऐसी कोई गलती नहीं की है .मेरे समाज की ही लड़की से प्रेम विवाह किया था ,लेकिन लड़की के परिवारजनों की दबंगता के चलते  मेरे पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर रखा है ,जिसके कारण मेरी पुत्रवधू  सदमे में आ गई और 13  जून 2018 को सदमे के कारण  चल बसी.

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