जन निगरानी अभियान का हुआ आगाज !

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(जयपुर। 15 अक्टूबर 2018, सोमवार)

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान राजस्थान अभियान की ओर से सोमवार से जन निगरानी अभियान की शुरुआत हुई। अभियान के पहले दिन शहीद स्मारक पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों और उनकी पालना किस प्रकार राजनीतिक दलों से सुनिश्चित कराएं, इस पर चिंतन हुआ। पहले दिन आदर्श आचार संहिता, विधायकों का बीते 5 साल में प्रदर्शन, उम्मीदवारों द्वारा भरे जाने वाले शपथ पत्र, चुनाव खर्च, जन घोषणा पत्र जैसे मुद्दों पर बातचीत और चिंतन हुआ।

अभियान के पहले दिन सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने 5 प्रस्ताव पेश किए जिसे वहां मौजूद जन समूह और अन्य कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से पास किया।

पहला प्रस्तावः बीजेपी अपना घोषणा पत्र जारी करने से पहले 2013 के घोषणा पत्र की पालना रिपोर्ट जनता को बताए।

दूसरा प्रस्तावः भारतीय जनता पार्टी से मांग है कि सरकारी अधिकारियों पर हमला करने वाले कंवर लाल मीणा को टिकट ना दिया जाए। अगर मीणा को टिकट दिया जाता है तो जनता में यह संदेश जाएगा कि बीजेपी अपराधी किस्म के लोगों को टिकट देती है।

तीसरा प्रस्तावः अभियान की तरफ से बनाया गया जन घोषणा पत्र का मसौदा सोमवार को ही सभी पार्टियों को सौंप दिया गया।

चौथा प्रस्तावः अभियान के दौरान हर रोज वंचितों, मूलभूत अधिकारों, प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पांचवा प्रस्तावः जवाबदेही कानून का मसौदा भी सभी पार्टियों को जल्द ही सौंप रहे और सभी पार्टियों से इसे लागू करने की गारंटी लेगें।

एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म एवं नेशनल इलेक्शन वाच के राष्ट्रीय समन्वयक अनिल वर्मा ने सभा में आए लोगों को चुनावी आचार संहिता के बारे में जानकारी दी और उनके अधिकारों के बारे में बताया। साथ ही बताया कि किस तरह अपराधी किस्म के नेताओं की राजनीति में पहुंच बढ़ रही है।

सभा में बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अरुना रॉय ने कहा कि, सरकार  हम और आप लोग मिलकर ही बनाते हैं लेकिन चुनाव जीतते ही नेता सबको भूल जाते हैं। इसलिए चुनाव में अपने मत का प्रयोग सोच समझ कर ही करें।

सभा में वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ ने राजनीति में हो रहे भ्रष्टाचार, दल-बदल और पैसे के दम पर चुनाव जीतने की परंपरा को आम, गरीब और गांव की जनता के साथ धोखा बताया और कहा कि पार्टियों के नेता अपनी ताकत का इस्तेमाल सिर्फ खुद का भला करने के लिए ही करते हैं।

शहीद स्मारक पर इससे पहले सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान राजस्थान के कार्यकर्ताओं ने चुनाव के वक्त नेताओं द्वारा जनता को दिए जा रहे प्रलोभनों पर नुक्कड़ नाटक भी पेश किया। नाटक में बताया गया  किस तरह नेता कुर्सी के लिए जनता को पैसा, शराब और अन्य तरह के प्रलोभन देते हैं।

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