डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मस का पॉजिटिव यूज आम जन को सशक्त कर सकता है – मेघवंशी

325

( शून्यकाल एक गांव से चलाया जा रहा सोशल मीडिया इनिशिएटिव है,जिसने बहुत कम समय मे अपनी पहचान बनाई है,25 मई 2018 को दिल्ली में स्थित होटल यूरोज में डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में शून्यकाल को सोशल मीडिया फ़ॉर एम्पावरमेंट अवार्ड से नवाजा गया ,जिसे शून्यकाल के सह संपादक राकेश शर्मा और संपादकीय सहयोगी जननी श्रीधरन ने ग्रहण किया , इस मौके पर शून्यकाल के संस्थापक और सम्पादक भंवर मेघवंशी से दूरभाष पर बातचीत की गई, उसके संपादित अंश प्रस्तुत है )

सवाल (1) – आपने अपनी बात कहने के लिए डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ही क्यों चुना ?

जवाब – यह आज के दौर का सबसे बेहतर माध्यम है, जिसके ज़रिये लोग स्वतंत्र हो कर बोल सकते हैं और अपने मुद्दे उठा सकते हैं। भारत की 55 फीसदी आबादी जो कि युवा है ,उसका बहुत बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है, मेरा मानना है कि डिजिटल मीडिया का पॉजिटिव यूज लोगों को सशक्त बना सकता है।

सवाल ( 2 )-शून्यकाल एक इंटरनेट न्यूज पोर्टल और वेबचैनल है , क्या आप इसके उपयोग के लिए स्थानीय समुदाय को इंटरनेट सीखने के लिए प्रशिक्षित करते है ?

जवाब -हम स्थानीय समुदाय को इसका इस्तेमाल अपने मुद्दों को आगे ले जाने के करने को प्रेरित करते हैं ,वैसे भी आज मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की वजह से आम जन का दखल इंटरनेट जगत तक पँहुच चुका है। नवजवानों को स्वतः प्रशिक्षण प्राप्त हो जाता है।

सवाल (3)- आप हिंदी माध्यम से सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, क्या भारतीय भाषाओं में डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूज करना आसान है ?

जवाब – मुझे लगता है कि डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म पर स्थानीय भाषाओं का उपयोग अब काफी सरल हो चुका है , हमारे ज्यादातर दर्शक स्थानीय समुदाय से आते है ,इसलिए हम लोगों की जुबान के इस्तेमाल को जरूरी मानते है।

सवाल (4)- क्या आपने अपने चैनल के लिए कंटेंट जनरेट करने के लिए स्थानीय लोगों को एम्प्लॉय किया है ? आपका काम किस तरह से स्थानीय समुदाय को सशक्त करेगा ?

जवाब – शून्यकाल किसी को एम्प्लॉय नहीं करता है ,हम समुदाय के ही लोगों को वीडियो वॉलिंटियर्स के रूप में मदद करने को प्रेरित करते हैं , शून्यकाल तो है ही आम जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए।

सवाल (5)- आपके काम को कैसा रेस्पॉन्स मिला है ? क्या आपकी ऑनलाइन ऑडिएंस स्थानीय है या ग्लोबल ?

जवाब – हमें बहुत ही अच्छा रेस्पॉन्स मिला है, शून्यकाल के अधिकांश दर्शक और सब्सक्राइबर तो स्थानीय समुदाय से ही आते हैं , लेकिन विदेशों में बसे हिंदी भाषी लोग हमारे प्रयास को ग्लोबल भी बना देते हैं ।

सवाल (6)- क्या डिजिटल मीडिया कंटेंट समुदाय के मोबलाइजेशन में मददगार हो सकता है ?

जवाब – बिल्कुल हो सकता है ,आप तेहरान स्कवेयर से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर विभिन्न मुद्दों पर जुटी भीड़ के अनुभवों से इसकी ताकत को समझ सकते हैं ,हाल ही में 2 अप्रेल का दलित आदिवासी समुदाय का सफल भारत बन्द भी इसे साबित करता है ।

सवाल (7)- क्या डिजिटल कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सामाजिक परिवर्तन के काम मे सहायक हो सकती है ?

जवाब – डिजिटल मीडिया टेक्नोलॉजी से जल्दी और ज्यादा लोगों तक पंहुचा जा सकता है , यह कम खर्चीला है और पँहुच के मामले में अत्यंत समृद्ध है , हमने इस माध्यम के ज़रिए बहुत सारे बदलाव के मुद्दों पर सरकार और मुख्यधारा मीडिया का ध्यान आकर्षित करने में सफलता पाई है।

सवाल (8)-व्हाट्सएप फर्जी फॉरवर्ड और इंटरनेट ट्रोल के जमाने में आप कैसे सुनिश्चित करते हैं कि आपका कंटेंट प्रामाणिक है ?

जवाब – यह चुनौती पूर्ण है कि फर्जी संदेशों की बाढ़ के बीच हम प्रामाणिक सामग्री परोस पाएं ,चूंकि हमारा उद्देश्य सनसनी फैलाना , दुष्प्रचार या ट्रोल करना नही है , हम तो आम जनता के बुनियादी सवालों को उठा रहे है , इसलिए हमारी सामग्री मौलिक और प्रामाणिक बनी रहती है।
हम जो है और दिखता है ,उसे वैसा ही दिखाने के लिए प्रतिबद्ध है , हम पर जो बिकता है, उसे दिखाने का कोई दबाव नहीं है , हम खबरों का निर्माण नहीं करना चाहते ,हमारा काम सच को सच की तरह पेश करना मात्र है।

सवाल (9)- शून्यकाल को लोग किस तरह से ले रहे है ? क्या आप डिजिटल मीडिया में जगह बना पाये हो ?

जवाब- शून्यकाल को लोगों का असीम प्यार मिला है ,अभी 22 फ़रवरी को हमने शून्यकाल यूट्यूब चैनल की पहली वर्ष गांठ मनाई , 15 महीने में हमारे पास बिना किसी प्रमोशन के 52 हजार सब्सक्राइबर है , हमारे 541 वीडियो मौजूद हैं , तकरीबन 50 लाख व्यूवर्स है , हमने क्राउड फंडिंग के ज़रिए 1 लाख 76 हजार रुपये का सहयोग मिला है , लाखों लोग हमको पढ़ रहे हैं और देख रहे हैं। इस रेस्पॉन्स की हमें उम्मीद नही थी ।

सवाल (11)- शून्यकाल को डिजिटल एम्पोवेर्मेंट अवार्ड मिला है ,इसका श्रेय किसको देंगे ?

जवाब -कल 25 मई को शून्यकाल को कम्युनिटी मोबलाइजेशन केटेगरी में सोशल मीडिया फ़ॉर एम्पोवेर्मेंट अवार्ड मिला है। निसंदेह इसका सम्पूर्ण श्रेय शून्यकाल टीम को जाता है ,जिन्होंने बिना किसी प्रतिफल की उम्मीद में बेहतर काम कर दिखाया है । हमारी टीम ने यह प्रमाणित किया है कि कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो तो साधन संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती है ,आज भी शून्यकाल के पास न कैमरा है और न ही दफ्तर , स्टाफ भी नहीं , बावजूद इसके एक मोबाइल और एक लैपटॉप के ज़रिए हम आम जन की आवाज़ को सशक्त बनाने के लिए एक वैकल्पिक मीडिया खड़ा करने का स्वप्न साकार करने की दिशा में प्रयासरत है , हम अपने शुभचिंतकों , दर्शकों और पाठकों के हृदय से आभारी है

सवाल (11)- डिजिटल मीडिया का भविष्य क्या है ? इसके यूजर्स को क्या संदेश देंगे ?

जवाब -डिजिटल मीडिया का भविष्य काफी उज्ज्वल दिखता है ,क्योंकि यह संभावनाओं से भरपूर भविष्य का मीडिया है ,बस इसका उपयोग सावधानी से किया जाये , इसके उपभोगकर्ताओं को जवाबदेह बनाया जा सके और इसके सकारात्मक इस्तेमाल को बढ़ाया जाये तो इससे बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.