जनता ने रखा अपना घोषणा पत्र,राजनीतिक दलों ने दिया माँगें पूरी करने का आश्वासन

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(जयपुर। 30-10-2018)

सूचना एवं रोज़गार अभियान, राजस्थान के अनेक जन संगठनों और जनता ने शहीद स्मारक पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने घोषणा पत्र पेश किया। शहीद स्मारक पर 15 अक्टूबर से चले जन निगरानी अभियान धरने  का मंगलवार को आख़िरी पड़ाव पर सभी राजनीतिक दलों को समाज के हर एक वर्ग की माँगो को जन मंच के दौरान राजस्थान भर से आए विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने पेश किया।

जनमंच की शुरुआत में अभियान से जुड़े निखिल डे ने जन निगरानी अभियान और पिछले दिनों से चल रहे आंदोलन के बारे में अपनी बात रखी।

जनमंच की शुरुआत में विभिन्न मुद्दों से जुड़े लोगों ने संक्षेप में अपनी माँगों कि रखा और उस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।

कांग्रेस प्रवक्ता एवं राज्य उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा, कांग्रेस की चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष हरीश चौधरी, आम आदमी पार्टी के राज्य समन्वयक देवेंद्र शास्त्री, सीपीआइएम के राज्य महासचिव अमराराम, सीपीआइएम एवं जनवादी महिला समिति की सुमित्रा चोपड़ा,  सीपीआइ के राज्य सचिव नरेंद्र आचार्य, बहुजन समाज पार्टी से सत्यपाल चौधरी शामिल हुए। हालाँकि कई बार निमंत्रण के बाद भी जन मंच में भारतीय जनता पार्टी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।

जन मंच में राशन, श्रम, असंगठित कामगार,  अल्पसंख्यक, दलित, सहरिया, घूमंतु, अर्ध्घूमंतु, शिक्षा, भूमि, कृषि, खनन, बाल अधिकार, किन्नर समुदाय, रोज़गार गारंटी, महिला अधिकार, निशक्तजन, लोकतंत्र एवं शासन, स्वास्थ्य, युवा, मनरेगा सहित 32 से ज़्यादा माँगों को पार्टी के प्रतिनिधियों के सामने रखा गया।

जन मंच में चुनाव निगरानी समिति का भी गठन किया गया। इसमें सेवानिवृत्त जस्टिस वी एस दवे संरक्षक और 40अन्य  सदस्य बनाए गये हैं जो राजस्थान भर में चुनाव के दौरान निगरानी करेंगे।

जनमंच के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने चुनाव में राजनीतिक दलों से अपराधियों को टिकट नहीं दिए जाने की अपील की साथ ही प्रस्ताव रखा कि जवाबदेही यात्रा के साथियों पर हमला करने वाले बीजेपी विधायक कँवर लाल मीना को टिकट नहीं दिया जाए।

जानिए किस पार्टी के प्रतिनिधि ने क्या कहा:-

हरीश चौधरी, अध्यक्ष, चुनाव घोषणा समिति, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस:

– सत्ता में आए तो जवाबदेही क़ानून बनाना प्राथमिकता रहेगी

– जवाबदेही क़ानून पर काम करेंगे, पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर काम करेंगे।

जो भी क़ानून बने हैं उन्हें उनकी भावना के अनुरूप लागू किया जाएगा।

– महिलाओं की सुरक्षा सामाजिक और क़ानूनी तौर पर तय करेंगे।

-बोलने की आज़ादी पर अंकुश नहीं लगेगा, सबको अपनी बात कहने का अधिकार होगा।

-धरने-प्रदर्शन के लिए जगह तय करवाएँगे।

अर्चना शर्मा, उपाध्यक्ष राजस्थान प्रदेश कांग्रेस:

– जवाबदेही क़ानून पर पार्टी के अंदर बात करेंगे।

– महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढाएँगे।

– 16 भाषा में ओपन वेबसाइट बना रहे हैं जिस पर जनता अपनी माँगें रखेगी।

-सिलिकोसिस के मरीज़ों पर पूरा फ़ंड ख़र्च किया जाएगा।

अमराराम, महासचिव, सीपीआइएम:

– सभी माँगों में पार्टी समर्थन करती है।

– 71 साल तक जिन लोगों ने राज किया उन सब से जनता जवाब माँगे।

– सिर्फ़ माँग ही नहीं व्यवस्था परिवर्तन में जन आंदोलनो के हमेशा साथ हैं।

– केरल में शिक्षा प्राथमिकता है इसलिए वो शीर्ष पर है, इसलिए प्राथमिकताए तय करनी होंगी।

देवेंद्र शास्त्री, संयोजक, आम आदमी पार्टी:

-धरने-प्रदर्शन के लिए जगह तय करवाएँगे।

– खनन, सिलिकोसिस और किन्नर समुदाय के मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेंगे।

– शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे प्राथमिकता से उठाएँगे।

नरेंद्र आचार्य, सीपीआइ, राज्य सचिव:

– जन मंच में उठाए हर एक मुद्दे पर साथ हैं।

– अगर हमारी सरकार बनती है तो सामाजिक संगठनों की माँगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सत्यपाल चौधरी, बहुजन समाज पार्टी:

– हमारा संविधान ही हमारी पार्टी का घोषणा पत्र होता है इसलिए अलग से कोई घोषणा पत्र पार्टी नहीं निकालती।

– बहुजन समाज पार्टी राजस्थान में मुद्दों पर आधारित राजनीति करेगी।

– यूपी की तरह क़ानून व्यवस्था ठीक करवाएँगे।

 

सुमित्रा, सीपीआइ:

– किसान, महिला, दलितों के मुद्दों को उठाते रहेंगे।

– बीजेपी को हराना है क्योंकि वो संविधान विरोधी सरकार है।

– कांग्रेस सिर्फ़ राजतिलक कराने के लिए तैयार हो रही है, कभी हमारे मुद्दों पर साथ नहीं आयी।

जन मंच में 100 से ज़्यादा जन संगठन और 1500 ज़्यादा लोग शामिल हुए। सभी ने ये संकल्प लिया कि आने वाले चुनाव में जाति-धर्म का आधार पर वोट नहीं देंगे और किसी भी तरह के लालच में नहीं आएँगे।

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