पूरे गांव के लोग धीरे धीरे मार दिए जायेंगे !

- प्रभाकर ग्वाल पूर्व जज, छत्तीसगढ़

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25 जनवरी 18 को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग तहसील के सुपबेड़ा ग्राम गए थे, जहां जहरीली, प्रदूषित पानी पीने से आज तक 105 ब्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है । शासन 58 मौत को स्वीकार करती हे । आज लगभग 235 लोग किडनी बीमारी से ग्रसित है । छोटे छोटे बच्चों में सूजन दिखाई दे रहा है । विधवाओं की संख्या अधिक है । जो मरीज बिस्तर में पड़ा मृत्यु निश्चित है ।
ये स्वाभाविक बीमारी नही है, जानबूझकर पानी आदि खाद्य, पेय को धीमा जहर, रासायनिक पदार्थ से जहरीला किया गया जिसका परिणाम दसको बाद पता चल रहा है । 2005 से किडनी ग्रसित मौत का सिलसिला चल पड़ा है । पूरे गांव के लोग धीरे धीरे मार दिए जायेंगे, ये हत्या नही नरसंहार हैं । ऐसा षड्यंत्र है कि मरने वालो को एहसास भी नही है हम मर रहे हैं, हमे मारा जा रहा हैं ।

आखिर गांव वालों को क्यों इस प्रकार मारेगा ? जानना एक दम आसान है थोड़ा ध्यान दीजिये । आज से दो दसक पूर्व अर्थात 1992 -93 के आसपास देवभोग एरिया हिरा और अलेक्ज़ेण्डर खनिज मिलने और अवैध खुदाई, चोरी का समाचार सुनने, जानने को मिला था । यही षड्यंत्र खनिज कम्पनी, उच्च अधिकारीयों, राजनेताओं के द्वारा रचा गया और इन नर पिशाचों को इनकी इस प्रकार की हत्या का रास्ता आसान लगा । आस पास की जनता की, पंचायत की भागीदारी, अधिग्रहण, या विस्थापन इनको मंजूर नही है । इसी कारण से रायपुर के महासमुंद और धमतरी को तिन जिलो में बाँटने के बाद भी देवभोग को लम्बे समय तक इतनी दूर होने के बावजूद रायपुर जिले में रखा गया था, जिसे फिर बाद में गरियाबंद नया जिला बनाया गया ।

आज तक जब जब मौत और किडनी ग्रसित संख्या बढ़ती गयी केवल शासन की और से केवल खाना पूर्ती की जा रही हैं । आज जिस हैंड, पंप बोर को शासन की और से प्रदूषित के नाम पर बन्द कर दिया गया हैं, उसके पास ही नया बोर से पानी दिया जा रहा है, तो ये कैसे कह सकते हैं कि दूसरे बोर की पानी जहरीली, प्रदूषित नही हैं ।जब मौतों का समाचार आने लगा तो मंत्री अजय चंद्राकर जा कर घड़ियाली आंसू बहाया और मृतकों के सारे दस्तावेज़ ले आया और बड़ी मुश्किल से मृतक परिवार को 20, 20 हजार मुआवजा देने का एलान किया गया । फिर यही मंत्री अजय चंद्राकर ने मृतकों को शराब पिने से मरने की घोषणा की और मृतकों के मेडिकल रिपोर्ट को भी आज तक वापस नही किया गया है .इस प्रकार से पुरे गांव वालो को हत्या षड्यंत्र के तहत धीरे धीरे मारा जा रहा है । मेरा सभी जन समुदाय से विनम्रता पूर्वक निवेदन है कि ग्राम सुपबेड़ा और आस पास के गांव वालों की जान बचाने तत्काल ही हजारों वाटर फिल्टर, चिकित्सा सुविधा मदद और अन्य आर्थिक मदद किया जाना आवश्यक है ।

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