2 अप्रैल को होने वाले भारत बंद का रिहाई मंच ने समर्थन किया !

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रिहाई मंच ने कहा है कि एक तरफ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के नाम के साथ भाजपा छेड़छाड़ कर रही है, वहीँ दूसरी तरफ अनुसूचित जाति,जनजाति एक्ट में हो रहे बदलाव पर अपराधिक चुप्पी साधे हुए है.मंच ने बिहार में रामनवमी के बाद हो रही सांप्रदायिक हिंसा पर टिप्पणी करते कहा कि नितीश सरकार का संरक्षण औरंगाबाद, भागलपुर और समस्तीपुर में सांप्रदायिक हिंसा के लिए न सिर्फ जिम्मेवार है बल्कि हिस्सेदार भी है. रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में यूपीकोका पास होने पर योगी सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा इस कानून को लाकर लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है.

रिहाई मंच साम्प्रदायिकता,जातीय हिंसा और इन्साफ के लिए संघर्षरत संगठनों और कार्यकर्ताओं पर सत्ता के दमन के खिलाफ 7 अप्रैल को लखनऊ में कार्यक्रम करेगा.जिसमें हाईकोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता फरमान नकवी,अम्बेडकरवादी छात्र सभा के नेता अमर पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता एड. असद हयात,आतंकवाद के नाम फसाये गए बेगुनाहों का मुक़दमा लड़ रहे अबुबकर,वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय में कार्यरत शरद जायसवाल मुख्य वक्ता होंगे.कार्यक्रम में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ित भी अपनी आपबीती बयान करेंगे.

रिहाई मंच ने एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने खिलाफ 2 अप्रैल को होने वाले भारत बंद का समर्थन किया है.

रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि योगी सरकार बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का नाम बदलकर उनके विचारों को खत्म नही कर पाएगी. एक तरफ भाजपा एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने की साजिश में शामिल है,वहीं बाबा साहेब के नाम में रामजी जोड़कर उन्हें मनुवाद के दायरे में लाना चाहती है,पर बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित सड़कों पर संघर्षरत नौजवान पीढ़ी उसके मंसूबे पर पानी फेर देगी. उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट कमजोर करने के खिलाफ 2 अप्रैल को भारत बंद का रिहाई मंच समर्थन करता है.

मंच महासचिव ने बिहार में रामनवमी के बाद हो रही सांप्रदायिक हिंसा पर टिप्पणी करते कहा कि नितीश सरकार के संरक्षण में औरंगाबाद, भागलपुर और समस्तीपुर में सांप्रदायिक हिंसा हो रही है. बिहार पुलिस कई जगह पर खुद साम्प्रदायिक हिंसा में दंगाईयों के साथ शामिल रही है.उन्होंने यूपी विधान परिषद में यूपीकोका के पास होने पर कहा कि भाजपा कानून बनाकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है.

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