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'My Life - My Decision' was organized

उमड़ते सौ करोड़, राजस्थान की ओर से‘ मेरा जीवन-मेरा फैसला‘ का हुआ आयोजन

महिला हिंसा व शोषण के खिलाफ दर्शायी एकजुटता

जयपुर, 10 फरवरी। महिलाओं और लड़कियों पर बढ़ती हिंसा और शोषण के खिलाफ आज प्रदेशभर से आईं महिलाओं ने एकजुटता के साथ उठकर विरोध करने का संकल्प लिया। मौका था उमड़ते सौ करोड़ अभियान, राजस्थान की ओर से आयोजित‘ मेरा जीवन-मेरा फैसला‘ कार्यक्रम का। जयपुर के जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम को महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने की शपथ भी ली। समारोह में महिला जनसंगठनों के साथ-साथ जयपुर शहर की विभिन्न स्कूलों से सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने भी भागीदारी निभाईं। कार्यक्रम में आजाद फाउंडेशन द्वारा प्रोफेशनल महिला ड्राइवरों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं की ओर से किशोरियों के लिए दो दिवसीय शैक्षणिक मेले का आयोजन भी किया गया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से हिंसा पीड़ित और संघर्षशील महिलाओं और युवतियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किये। भीलवाड़ा जिले की आमेट तहसील के बेलाणा गांव से आई रतनी देवी ने बताया कि उसके पति के निधन के बाद उसकी 16 बीघा जमीन हड़पने की नियत से उसके ससुरालवालों ने उसे डायन करार देकर ससुराल से निकाल दिया। अब पुलिस भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उस पर राजीनामा करने का दबाव डाल रही है। जोधपुर से आए हेमंत ने बताया कि कैसे आॅनर किलिंग के नाम पर एक महिला कांस्टेबल की हत्या कर दी गई। इस कारण कि वह अपने बाल विवाह को तोड़ एक गैर जाति के युवक के साथ शादी करना चाहती थी। जयपुर की चांद बीबी ने बताया कि कैसे उसने मुश्किल हालातों का सामना करते हुए महिला ड्राइवर का प्रशिक्षण लिया और आज सखा कैब से जुड़कर अपने परिवार का गुजारा चला रही है। जयपुर की ही अलका परमार ने बताया कि विपरित परिस्थितियों के बाद भी उसने अपनी बड़ी बहिन को एक किडनी देकर उसे नया जीवन दिया। ऐसी ही कई संघर्षशील महिलाओं और बालिकाओं ने आज अपने अनुभवों को इस तरह साझा कर आज के कार्यक्रम के विषय की सार्थकता को सिद्व किया। इनका कहना था कि जब जीवन हमारा है तो फिर फैसला भी हमारा ही होगा।

इस अवसर पर महिला जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। उमड़ते सौ करोड़ अभियान से जुड़ी आभा भैया ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के आंकड़ों अनुसार दुनियाभर में 100 करोड़ महिलाओं के साथ हिंसा होती है। इस हिंसा के खिलाफ हमें एकजुटता दर्शानी होगी। उन्होंने कार्यक्रम में आई छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस हिंसा के भय से बाहर निकले और अपने मन और सपनों की इच्छाओं को पूरा करें। ममता जैतली ने उमड़ते सौ करोड़ अभियान की ओर से अब तक राजस्थान में आयोजित हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी। राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने जोधपुर में आॅनर किलिंग के नाम पर हुई महिला कांस्टेबल की हत्या में न्याय की मांग की। भीलवाड़ा में बाल एवं महिला चेतना समिति से जुड़ी तारा अहलुवालिया ने प्रदेश में डायन के नाम पर महिलाओं के साथ हो रही प्रताड़नाओं के बारे में अवगत करवाया। बताया कि कानून के बाद भी आज महिलाओं को डायन के नाम पर मारा पिटा जा रहा है।

कार्यक्रम में एकल नारी संगठन से जुड़ी जिन्नी श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता रेणुका पामेचा, आजाद फाउंडेशन से जुड़ी अनिता माथुर, पहली महिला काजी जहांआरा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर अस्मिता थियेटर नई दिल्ली की टीम की ओर से नाटक का मंचन किया गया। मंच का संचालन शंकुतला सरूप्रिया ने किया।

( बाबुलाल नागा की रिपोर्ट )

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