आम जन का मीडिया
Life of a comrade!

एक कॉमरेड की अलमस्त फ़कीरी !

नेहा को जन्मदिन पर फकीरी मुबारक हो… !
– किशन मेघवाल 
आप सोच रहे होंगे मैंने नेहा जो कि मेरी जीवनसाथी है ,उसके  जन्मदिन पर फकीरी मुबारक क्यों बोला ? तो जनाब और क्या बोलता ? मेरे जीवनसाथी के किसी भी जन्मदिन पर कभी भी मैंने कोई भी गिफ्ट नहीं दिया, न कभी होटल में खाना खिलाने ले गया ,तो आप समझ सकते हैं कि मैंने शायद कुछ गलत नहीं बोला।
जून 2006 से हम साथ-साथ हैं, फेवीकाॅल की तरह, न कोई ख्वाब न कोई फरमाइशें। बस चुपचाप बगैर किसी शोर के यह वक्त गुजरता चला गया, ऐसा नहीं है कि नेहा की कोई इच्छाऐं नहीं रही होगी, शादी से पहले प्रत्येक महिला ढेरों सपनों का महल खड़ा करती हैं,  नेहा ने भी सपने तो बुने होंगे??
साथियों यहाँ आपको नकारात्मक दिशा में ले जा कर नहीं छोड़ना चाहता हूँ, आपको ऐसा नहीं लगता चाहिए कि मैं दुनिया का सबसे नालायक पति हूँ, आपको मामूली शब्दों में यह बताने की कोशिस कर रहा हूँ कि फकीरी का अपना अंदाज होता है, फक्कड़पन को एन्जाॅय कर के देखिए बड़ा मजा आऐगा, लग्जरी गाड़ियाँ और महलनुमा घरों की भव्यता इस फ़कीरी के सामने फीकी नजर आती हैं, भौतिक सुविधाऐं आपका दिल और दिमाग को संकुचित करती हैं, ये नशा है जो जिन्दा इंसानों पर इस कदर छा जाता है कि उसे लगता है कि वह कभी नहीं मरेगा ।
हमने तो अपने मन को समझाया कि लोगों की खुशियाँ में शामिल हो पाऐं या नहीं, परंतु लोगों की पीड़ा और तकलीफ के दौरान उनका सम्बल बनना है, हमारी कोशिश यह रही कि घर से कोई भूखा न जाएँ, जैसी भी स्थिति हो चलेगी ,परंतु घर पत्थर-सिमेंट का मलबा न हो,उसमें मानवीय संवेदनाओं का बसेरा हो, हमने कबीलाई खनाबदोश की जिंदगी जीते हुए कई बार डेरे बदले, फिर भी इस बात का सुकून रहा कि उच्ची हवेलियों वालों की बनिस्बत कहीं अधिक लोगों ने हमारे से अपेक्षाऐं रखी,हाँ यह अलग बात है कि मेरे घर कभी कोई बड़े घर या बड़ी गाड़ी वाला नहीं आया, शायद उन्हें अपने स्टेटस की बड़ी चिंता रहती है।
नेहा और मैंने ,यानि दोनों ने फकीरी एन्जाॅय करना सीख लिया है, हमारे दोनों बच्चे आदत डाल रहे हैं, दोनों ही हिंदी मीडियम में पढते हैं, बड़े वाला कुछ बातों को समझने लगा हैं, मेरे से काफी गंभीर चर्चा करता है, क्रांतिकारी गीतों की किताब हर समय साथ रखता हैं, आंदोलनों में दमदार आवाज में इंकलाबी नारें बोलता है,उसको कोई पूछता हैं कि बड़े हो कर क्या बनोगे ? उसका जबाब होता है कि- ” यह तो पता नहीं क्या बनूँगा ,लेकिन मेरी यह कोशिश रहेगी कि मै एक अच्छा इंसान बनूँ “
नेहा को जन्मदिन की बधाई के बहाने आप से बातें कर रहा हूँ, यह सब लिखने के पीछे मेरी इतनी सी मंशा हैं कि भौतिक सुविधाओं को जुटाने के चक्कर में वर्तमान की खुशियाँ को कुर्बानी मत दीजिए ,हर हाल में खुश रहिये ।
मुझे कोई पूछता हैं कि तुम अभी तक किराये के मकान में रहते हो ? कई बार हंस कर जबाब दे देता हूँ कि तुम भी किरायेदार ही तो हो ! ऐसा सुन कर लोग असहज हो जाते है और बोलते हैं कि हमारा खुद का हैं, हम किराये के मकान में नहीं रहते हैं.मैं फिर से जोर से हंस कर बोल देता हूं कि आपकी खुशफहमी के अलावा कुछ भी नहीं है,हम इस दुनिया में बतौर किरायेदार ही हैं ,किसी का कोई स्थाई बसेरा नहीं है।
साथियों ,अक्सर खुशियाँ हमारे इर्द-गिर्द बिखरी होती है ,हम समेटने और सहेजने का काम नहीं करते हैं, मन की तृष्णाऐं हमारा चैन छीन ले जाती हैं ,अतः इंसान में इंसानी संवेदनाओं को जिंदा रखने की कोशिश करने वाला वातावरण बने, दुनिया में मौजूद हर इंसान के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश नहीं हो तो जीवन व्यर्थ है ।
मेरे जीवनसाथी के जन्मदिन पर फकीरी मुबारक से आपके मन में सहानुभूति का भाव मुझे कबूल नहीं होगा, हमारे जीवन संघर्ष पर यदि कोई सहानुभूति जताता हैं ,तो यह लगता है कि यह कुर्बानियों की तौहीन हैं ,अतः आपको लगे कि हमें कोई सहयोग करना है ,तो जनसंघर्षों में मुट्ठी ताने हमारे साथ सड़कों पर किसी दिन उतर जाना ,क्योंकि हम यह मानते हैं कि मानव द्वारा मानव पर थौपी गई शोषणकारी व्यवस्था को बदलने के लिए कोई भी फरिश्ता नहीं आयेगा,हमें हमारे हिस्से की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। 
आपको बताता चलूं कि नेहा अभी अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति,जोधपुर में सक्रिय हैं और दलित शोषण मुक्ति मंच का  सोशल मीडिया का भी  काम संभाल रही है.वह अत्यंत सक्रिय कॉमरेड है .सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं ,बल्कि हर संघर्ष में कंधे से कन्धा लगा कर लड़ने वाली साथी .
आज की बात पर पंक्ति – ” जीवन की सार्थकता इस बात में नहीं हैं कि हम कितने जीये, महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे भौतिक जीवन की समाप्ति के बाद भी हमारे कार्यों, मूल्यों और विचारों के बल मानवीय धरातल को कितनी मजबूती मिल पाती है ?”
(कॉमरेड किशन मेघवाल राजस्थान के प्रगतिशील आन्दोलन के  बेहद संघर्षशील और नामचीन साथी  है )

Leave A Reply

Your email address will not be published.