आम जन का मीडिया
Kejariwal Ji Stop Making Muslims Fool !

मुसलमानों को मुर्ख बनाना बंद कीजिये केजरीवाल जी !

  • नवेद चौधरी 

केजरीवाल जी कहते हैं कि दिल्ली पुलिस मेरे हाथ मे होती तो नजीब को एक हफ़्ते में ढूंढ़ निकालता. शायद केजरीवाल जी कहना चाहते है कि जो जो चीज़ उनके हाथ में है ,वो सब वो कर दिये है ,मगर केजरीवाल जी से कुछ सवाल है कि उनके हाथ में होते हुए भी यह सब उन्होंने क्यों नही किया ? आखिर क्या मज़बूरी थी ?

केजरीवाल साहब, आपके हाथ में दिल्ली  के कोने में हुए नजीब के लिए प्रोटेस्ट में जाना तो था ,लेकिन आप नहीं गए..इंडिया गेट से जब नजीब की माँ गुहार लगा रही थी तो पुलिस ने घसीटते हुए गाड़ी में ज़बरन ठूंसा था ,तब क्या आपके पैरों में मेंहदी लगी थी ? जब 36 घन्टे तक सीबीआई हेड क्वार्टर पर बूढ़ी माँ इंसाफ़ मांगती रही, तब भी जाना आप के हाथ मे ही था… आप नहीं गए .हाई कोर्ट के बाहर जब फ़ातिमा आंटी जज साहब को अपनी तक़लीफ़ सुनाना चाहती थीं ,तो पुलिस ने रोड़ पर घसीटा था, तब भी जाना आपके हाथ मे ही था…  आप नहीं गए ,जब शहीद हेड कांस्टेबल अब्दुल सुबूर की वालदा आपसे मिलने के लिए आपके दफ़्तर के चक्कर काटती रहीं ,तब उनसे मिलना तो बिल्कुल भी आपके ही हाथ में था.तब क्यों नहीं मिले ? कौन रोक रहा था आपको ?

केजरीवाल साहब, दिल्ली की जनता मंहगाई से त्रस्त थी, तो पेट्रोल और गैस सिलिंडर पर कुछ छूट देना भी आपके ही हाथ में था.
जब दिल्ली पुलिस दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही थी ,छात्राओं को पुलिसकर्मी ग़लत तऱीके से उठाकर बस में ठूंस रहे थे, तब भी उनसे मिलना, संवेदना रखना आपके ही हाथ मे था.पिछले साल जब ओखला में डेंगू से मरने वालों की तादाद सेकड़े को पार कर गई थी तब भी वहां की गंदगी साफ़ करवाना, मृतकों के परिवारों से मिलना आपके ही हाथ में था.. लेकिन आप नही मिले  .

दिल्ली में जगह जगह टूटी सड़कों से आये दिन एक्सीडेंटस पर गड्ढे भरकर रोक थाम करना भी आपके ही हाथ मे था..वक़्फ़ की ज़मीनों पर नाजायज़ क़ब्ज़ा,भू माफ़िया का अतिक्रमण,वक़्फ़ की ज़मीनों की खस्ता हाल,वक़्फ़ की ज़मीनों की दलाली,वक़्फ़ की मस्जिदों में बुनियादी जरूरतों का न होना. वक़्फ़ के कब्रिस्तानों में लाइट और पानी का ना होना इस हालात को बदलना भी आपके हाथ में था. आपने कुछ भी क्यों नहीं किया ?

आप कहते हैं कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों की पढ़ाई बेस्ट लेवल की है, तो आपके और उपमुख्यमंत्री के बच्चें प्राइवेट इंग्लिश स्कूलों से उठाकर सरकारी में डालना भी आपके ही हाथ मे था.. आप ही के हाथ में था उन विधायकों को सबक़ सीखाना जो आये तो जन सेवा करने के लिए थे, लेकिन मन सेवा और धन सेवा करने पर उतारू हो गए.. जिनका काम क़ब्ज़ा करना,रिश्वत लेना और महिलाओं से छेड़छाड़ करने के लिए बाकायदा केस दर्ज है.उन पर क्या किया आपने ?


बस क्या सर, आपके हाथ में मुशायरों में जाना ही रह गया क्या ? या फ़िर रोज़ा अफ्तार में टोपी और रुमाल पहनना इस बात का सुबूत मान लिया जाए कि मुसलमानों को लुभाना आपको भी आ गया. यानी आप भी राजनीति की ‘क’ ‘ख’ ‘ग’ सीख ही गए.मुसलमानों के वोट से आज आपकी सरकार दिल्ली में क़ाबिज़ हुई है,यूं मुसलमानों को नज़रंदाज़ किया तो आने वाले चुनावों में मुसलमान भी आपको नज़रंदाज़ करके रहेगा..आख़िर कब तक अपनी नाकामियों को केंद्र सरकार पर मंडते रहेंगे आप ?

( फोटो क्रेडिट – जनता का रिपोर्टर )

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