जिग्नेश मेवानी को करेड़ा में सभा व रैली करने की अनुमति नहीं !

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बडगाम ,गुजरात के निर्दलीय विधायक एवं राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के मुखिया जिग्नेश मेवानी की सभा और रैली को राजस्थान पुलिस ने अनुमति देने से इंकार कर दिया है । ऐसा भाजपा शाषित राजस्थान में दूसरी बार हुआ है ,जब जिग्नेश को सभा ,सम्मेलन या रैली से रोका गया है ,इससे पहले 15 अप्रेल को उनके नागोर जिले में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया था और उनको जयपुर एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया था ,इतना ही नहीं बल्कि जिग्नेश मेवानी को जयपुर में प्रेस कांफ्रेस की भी इजाजत नहीं दी गई .

गौरतलब है कि दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने 1 अप्रेल को जयपुर में टीम राजस्थान द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में करेडा में दलितों पर अमानवीय अत्याचार की एक तथ्यान्वेषी रिपोर्ट जारी करते हुये ” 14 मई को करेड़ा चलो” का आह्वान किया था ,उसी सिलसिले में मेवानी की करेड़ा में जनसभा व रैली रखी गई ।

करेड़ा में मेवानी की रैली और सभा के लिए बनी आयोजन समिति के सदस्य बाबू लाल चावला ने 4 मई को उपखंड अधिकारी और थानाधिकारी करेड़ा को लिखित आवेदन दे कर 14 मई को करेड़ा के हनुमान दरवाजा पर सभा और बीज गौदाम से सभा स्थल तक रैली की अनुमति चाही थी ,उसके जवाब में पुलिस ने 11 मई को देर शाम को आयोजको को बताया कि इलाके में शांति भंग की आशंका के चलते जिग्नेश मेवानी की सभा को अनुमति नहीं दी जा सकती हैं।

उधर आयोजन से ठीक पहले इस तरह सभा पर रोक लगाने के राजस्थान पुलिस के नादिरशाही फैसले की जिले के दलित व मानव अधिकार संगठनों ने कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला करार दिया है।

सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी ने बताया कि दलित नेता जिग्नेश मेवानी करेड़ा में हो रहे दलित अत्याचार के मामलों के पीड़ितों से मिलने और यहां पर आयोजित सभा को संबोधित करने वाले थे , करेड़ा आने का आह्वान स्वयं जिग्नेश मेवानी का था , उनकी यहां पर शांतिपूर्ण सभा होने वाली थी , जिसे बेवजह रोका जा रहा है, यह दलित समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, बार बार जिग्नेश मेवानी की सभाओं को रोका जाना एक राजनीतिक षड्यंत्र है ।राजस्थान की सरकार मेवानी से डर गई है ,इसलिए वह गैरकानूनी तरीके से उनकी सभाओं को रोक रही है ,भाजपा सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा ।

मेघवंशी ने बताया कि जिग्नेश मेवानी 13 ,14 और 15 मई को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे ,करेड़ा में सभा की अनुमति नहीं मिलने से करेडा की सभा स्थगित हो रही है और अब 14 मई को जिग्नेश मेवानी जयपुर में एक जन संवाद और प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे।

दलित आदिवासी दमन प्रतिरोध आन्दोलन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पीयूसीएल की प्रदेशाध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने बताया गया कि 14 मई को जयपुर के मजदूर-किसान भवन, हटवाडा रोड,जयपुर में एक जन संवाद का कार्यक्रम रखा है. उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीडन कानून को कमज़ोर करने के आदेश के विरुद्ध दलित आन्दोलन द्वारा भारत बंद बुलाया गया था. बंद के दौरान दलित आदिवासी विरोधी राजस्थान सरकार व पुलिस और प्रभावशाली वर्ग द्वारा दलितों और आदिवासियों का ज़बरदस्त दमन किया गया व उनके मानवाधिकारों का हनन किया गया. इस दमन चक्र भयावह तस्वीर निम्न है :

· लगभग 650 लोगों की गिरफ़्तारी

· जिसमें से लगभग 200 लोगों का बेल हो चुकी है

· लगभग 450 लोग अभी भी जेल में हैं

· सबसे अधिक 43 FIR सीकर में हुई

· सबसे अधिक गिरफ़्तारी 113 लोगों की अलवर जिले में हुई और वहां 42 FIR दर्ज हुई

और तो और कई जगह दलित वकीलों को भी पीटा गया और उन्हें हिरासत में भी रखा गया . पूरा जोर पढ़े-लिखे और नौकरीशुदा युवाओं को पकड़कर उनके भविष्य ख़राब करने, उनकी नौकरी को खतरे में डालने पर था . वही संघर्षशील नौजवान आज भी जेलों में बंद हैं . इनमें अधिकांश नौजवान 16 से 30 वर्ष के हैं . अदालतों से बेल की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है .

राजस्थान सरकार ने दलित नेता व बडगांव (गुजरात) विधायक जिग्नेश मेवानी को भी नहीं छोड़ा और उनको 15 अप्रैल को बाबासाहब भीम राव आंबेडकर के 127वीं जयंती के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मेडता सिटी जाने से रोका और उन्हें जयपुर में उन्हें एक घर में रोके रखा.

दलितों के साथ इस तरह की नाइंसाफी इस बड़े स्तर पर शायद कभी नहीं हुई और राज्य के हर अंग पुलिस, अफसरशाही, न्यायपालिका सब ने अपना दलित आदिवासी विरोधी चेहरा दिखाया.इसी के विरोध में 30 संगठनों का मंच बना है जिसे दलित आदिवासी दमन प्रतिरोध आन्दोलन नाम दिया गया है.

दलित आदिवासी दमन प्रतिरोध आन्दोलन लगातार धरने, बैठकें, तथ्यान्वेषण व कानूनी सहायता में लगी हुई है. इसी क्रम में दिनांक 14 मई को को जयपुर के मजदूर किसान भवन, हठवाडा रोड, जयपुर में एक जन संवाद का कार्यक्रम रखा है,जयपुर में आयोजित हो रहे इस जनसंवाद के विशेष रूप से जिग्नेश मेवानी, अरुणा रॉय, अमरा राम,टेक चंद राहुल,एनी नमला, प्रेम कृष्ण शर्मा, तारा सिंह सिद्धू को आमंत्रित किया गया है

14 मई की सुबह 10.30 से होने वाले इस जनसंवाद में भाग लेने के लिये निम्न नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते है-
9414073669,9414443607,9413200044,9782817640, 9351562965, 978344116,8233575757

दलित आदिवासी दमन प्रतिरोध आन्दोलन में शामिल सामाजिक संगठन,राजनैतिक दल,जनवादी संगठन इस प्रकार है -1..दलित शोषण मुक्ति मंच,राजस्थान 2. जन विचार मंच, राजस्थान 3.राजस्थान नागरिक मंच 4.भूमि अधिकार आंदोलन,राजस्थान 5. रिपब्लिक पार्टी ऑफ इण्डिया 6. समाजवादी जन परिषद 7.भारत की जनवादी नौजवान सभा,राजस्थान 8.अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति 9.अखिल भारतीय किसान सभा ,राजस्थान 10.नेशनल फेडरशन ऑफ इण्डियन वुमन्स 11.ह्युमन राईट लॉ नेटवर्क 12.ऑल इण्डिया स्टूडेन्ट फेडरशन 13.समग्र सेवा संघ,राजस्थान 14.स्टूडेन्टस फैडरेशन ऑफ इण्डिया 15.जनवादी लेखक संघ,राजस्थान 16.बौद्ध महासभा 17. दलित मुस्लिम एकता मंच 18.पी यू सी एल,राजस्थान 19.जनांदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय( N.A.P.M.) 20. राजस्थान लोक मोर्चा 21. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)22.भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मा.ले.)23.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 24.एम सी पी आई(यू) 25.जनता दल (सेक्युलर) 26.मजदुर किसान शक्ति संगठन 27.वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया 28. संवैधानिक अधिकार संगठन
29.अम्बेंडकर फाऊंडैशन 30.दलित अधिकार केंद्र

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