‘जार’ चित्तौड़गढ़ का जिला सम्मेलन व प्रदेश कार्यकारिणी संपन्न !

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(भीलवाड़ा)

जर्नलिस्ट्स एसोसियेशन आफ राजस्थान जार की चित्तौड़गढ जिला शाखा का सम्मेलन व जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह तथा जार की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन जार के प्रदेश अध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल की अध्यक्षता में गंगरार उपखंड मुख्यालय पर बुधवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा चित्तौड़गढ़ जिले के पत्रकारों ने भाग लिया।

चित्तौड़गढ जिला शाखा का सम्मेलन व जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय सचिव धीरज गुप्ता थे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में एनयूजेआई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रिछपाल पारीक, बैंगू विधायक सुरेश धाकड़, जार के प्रदेश उपाध्यक्ष भवानीशंकर जोशी, सुरेश जैन, ललित मेहरा, डा. अमर सिंहल, भूपेंद्र सोनी, प्रदेश सचिव मूलचन्द पेसवानी, गंगरार के प्रधान देबीलाल जाट सहित कई शिक्षाविद व समाजसेवी मौजूद रहे। समारोह का संचालन कवि सोहनलाल चोधरी ने किया। चोधरी ने अपनी विश्व प्रसिद्व पन्नाधाय की कविता का भी वाचन किया।

मुख्य अतिथि पूर्व विधायक सुरेशचंद्र धाकड़ ने कहा कि कलम की ताकत का उपयोग गरीब व जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का उजागर कर उनका समाधान करने में करना चाहिए। कलम की ताकत से ही लोकतंत्र को भी मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने पत्रकारों का आव्हान किया कि वो ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक व सहयोगात्मक रवैया अख्तियार करना होगा। उन्होंने प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बैंगू क्षेत्र में होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम वर्ष में एक बार बैंगू क्षेत्र में होना चाहिए।

जार के प्रदेश अध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल ने कहा कि जार प्रदेश के पत्रकारों का अग्रणी संगठन है। जार सदैव ही पत्रकारों के हितों के लिए काम करता है। भविष्य में जार के ऐसे प्रयास जारी रहेगें। उन्होंने जार संगठन की मजबूती के लिए पत्रकारों से संगठित होकर गैर पत्रकारों को जार से दूर रखने का आव्हान करते हुए कहा कि कतिपय लोग जार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सख्ती से निबटा जायेगा।

एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय सचिव धीरज गुप्ता ने कहा कि आज के दोर में पत्रकारों की स्वयं की महत्वाकांक्षा भी बढ़ती जा रही है। उनको भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि अपनी बिरादरी में ऐसे लोगों को शामिल होने से रोका जाए जिनका मुख्य व्यवसाय कुछ ओर है। पत्रकारिता से ही आजीविका चलाने वाले लोगों को संगठन से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंनंे पत्रकारिता को चर्तुथ स्तंभ कहे जाने के बारे में विवेचन करते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब पत्रकार अपने आदर्शो के अनुरूप ईमानदारी से अपना कर्तव्य करें। उन्होंने सोशल मीडिया को भी पत्रकारिता के लिए चिंताजनक बताया।

एनयूजेआई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रिछपाल पारीक ने पत्रकारों की दशा व दिशा पर विवचेन करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपने आदर्श स्थापित करते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य करते रहने पर जोर दिया। उन्होंने जार को प्रदेश का सर्वव्यापी संगठन बताते हुए कहा कि नयी कार्यकारिणी इस दिशा में ओर अच्छा कार्य कर नये आयाम स्थापित करेगी।

जार के चित्तौड़गढ़ के जिला अध्यक्ष रमेशनाथ योगी ने सभी का स्वागत करते हुए पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं को रखते हुए प्रदेश कार्यकारिणी से इस दिशा में काम करने का आव्हान किया। अंत में जिला महासचिव लोकेश शर्मा ने आभार जताया। इससे पूर्व अतिथियों को जिले के पत्रकारों ने माल्र्यापण, शाॅल ओढ़ा व पगड़ी पहना कर स्वागत किया तथा सांवरियाजी का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

 जार की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक, धीरज गुप्ता को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया।

जार की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल की अध्यक्षता में हुई। प्रदेश सचिव मूलचन्द पेसवानी ने बैठक का संचालन करते हुए जयपुर में संपन्न हुई बैठक का कार्यकारिणी बैठक का कार्यवाही विवरण पेश किया जिसका सभी ने अनुमोदन किया। बैठक में सर्वसम्मति से सदस्यता अभियान व पुराने सदस्यों का नवीनीकरण का अभियान सघनता से चलाने तथा लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने व सदस्यता शुल्क जमा न कराने वालों के खिलाफ संगठन के संविधान के अनुरूप कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। जार में रिक्त प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर धीरज गुप्ता को मनोनीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने उनका माला पहना कर स्वागत किया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सहित अन्य मसलों पर सरकार को प्रतिवेदन दिया जायेगा तथा उसके अनुरूप कार्यवाही करायी जायेगी। बैठक में जार सदस्यों के परिचय पत्रों का डिजीटलीकरण करने का प्रस्ताव भीलवाड़ा के नरेश पारीक ने रखा। जिसे भी स्वीकार किया गया।

( मूलचन्द पेसवानी)

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