इसका नाम विकास छारा है !

- आतिश इन्द्रेकर छारा

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इस बंदे का नाम विकास छारा है और भगवा वाले विकास से इसका दूर दूर तक नाता नही है। हाँ,तो मैं इस विकास की बात कर रहा था कि ये पिछले सात सालों से छारानागर की बुधन नाट्य संस्था से जुड़ा हुआ है और छारानगर के रोड पर एक लस्सी की दुकान पर काम करता है और साथ साथ पढ़ाई भी करता है।

विकास लस्सी की दुकान पर इसलिए काम करता है,क्योंकि इसके पिता जी फल बेचते थे और मजदूरी करते थे,लेकिन एक दिन अचानक इसके पिताजीको लकवा मार गया और उनकी मौत हो गई और सारे घर की जवाबदारी इसके कंधो पर आ गई । विकास के परिवार में उनकी माताजी है जो पूरा दिन मजदूरी करती है और दो बहनें और एक भाई है, जिसमें से बड़ी बहन की शादी हो चुकी है . अब मई महीने में भाई और बहन दोनों की शादी होनेवाली है.

इन सब की खातिर विकास ने कल सुबह छारानागर रोड पर जलेबी की एक दुकान शुरू की थी ताकि कुछ आमदनी हो पाये और ये पैसे उसके भाई बहन की शादी में काम आ जाये। लेकिन अचानक बुधवार के दिन रात 8 बजे सरदारनगर पोलिस स्टेशन के पी.आई.एच. बी.झाला और उनके स्टाफ ने विकास की जलेबी की दुकान के सारे मंडप उखाड़ दिए और दुकान को नुकसान पंहुचाने की धमकी दी।

पुलिस का कहना था कि इसकी दुकान की वजह से इस रास्ते पर आने वाले लोगो को परेशानी होगी,जबकि ये दुकान रास्ते से कोसो दूर है,पर पुलिस तो पुलिस है। पुलिस ने इसकी एक न सुनी और मंडप उखाड़ दिया और लाइट भी बंद करवा दी। कुबेरनगर बाजार में जलेबी और तरह तरह की मिठाईया बेचने के लिएे बड़े बड़े ठेले और मंडप लगाए हुए है,जिससे रास्ते मे आने वाले लोगो को वाकई में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस ने वहां किसी को कुछ नही कहा,क्योकि पुलिस को उनके मंडप दिखाई नही देते और उनकी दुकानों को नुकसान इसलिए नही पंहुचाती क्योकि एक तो वो लोग छारा समाज से नही है और उन्हीके समाज के कॉर्पोरेटर और धारासभ्य है। क्या विकास की गलती सिर्फ इतनी ही थी कि उसने गलत रास्ता चुनने से बेहतर सही रास्ता चुना?

पर तुम चिंता मत करो विकास ,तुम इनके पगलाये हुए विकास से मजबूत और बेहतर हो,क्योकि तुम एक कलाकार हो ,बुधन नाट्य मंडली के नाटकों में तुमने हर एक किरदारों को अपनी कला के जरिये जिंदा किया है और यही किरदार तुम्हे इन सबसे लड़ने की हिम्मत देगे। हम तुम्हारे साथ है। मैं सभी छारानगर के युवाओं को भी यही बात कहना चाहूंगा कि आज विकास की बारी थी, कल आप भी विकास की जगह हो सकते है। इसलिए आवाज उठाओ अपने अधिकारों के लिए।
लाल सलाम…जय विमुक्त..

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