अन्ततः अंदर का जातिवाद जबान पर आ ही जाता है !

डॉ. सी.पी जोशी ने कहा धर्मं के ज्ञाता सिर्फ ब्राह्मण, मोदी की जाति क्या है ?

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(भंवर मेघवंशी)

नाथद्वारा के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ सी पी जोशी के इस भाषण में पिछड़ी जाति के कुछ नेताओं की धर्म को लेकर समझ पर उन्होंने सवाल उठाये हैं,उनका कहना है कि..” धर्म के बारे में अगर कोई जानते है तो पण्डित जानते है, विद्वान जानते है ,ब्राह्मण जानते है,ये उमा भारती किस जात की है,ऋतम्भरा किस जात की है,ये क्या जानते है धर्म के बारे में …”

वैसे तो जोशी जी ने सही बात ही कही है,धर्म इनके पूर्वजो का धंधा है,यही एक्सपर्ट है,इनको ही इसकी जानकारी है,अब लोध उमा क्या जाने ,घांची तेली मोदी क्या जानेगा हिंदू धर्म के बारे में ? इनको जानने का अधिकार किसने दिया ?

यह वीडियो दो तीन बातें स्थापित करता है –

पहली बात – हिन्दू,हिंदुत्व आदि इत्यादि का टेण्डर सिर्फ और सिर्फ जोशी जी की जात वालों के छूटा हुआ है,यह इनका काम है,दूसरों को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए ।

दूसरी बात – ओबीसी के नेता खुद को कितने ही भगवा मय कर लें,हिदुत्व के लिये जान दे दें ,पर वे कभी जोशी जी की जाति के बराबर नहीं हो सकेंगे,शुद्र थे,शुद्र हैं और शुद्र ही रहेंगे। भगवा पहनने या गर्व से कहो हम हिन्दू है का जयकारा लगाने से कोई विद्वान और धर्म का अधिकारी नहीं बन जाता है ।

तीसरी बात -कांग्रेस की भीतर उच्च स्तर पर शुद्र पिछड़ों व दलितों के खिलाफ मानसिकता के लोग मजबूती से जमें हुये है,उनको लोकतंत्र व संविधान तथा समानता के सिद्धांतों में कतई यकीन नहीं है ,अब भी वे पुरातन जातीय श्रेष्ठता की घृणित ग्रंथि से ग्रन्थित है ।

जानकार लोग बताते हैं कि डॉ सी पी जोशी ने नाथद्वारा के श्रीनाथजी मन्दिर में दलितों के मंदिर प्रवेश का विरोध किया था ?

भंवर मेघवंशी 
(संयोजक – दलित आदिवासी एवं घुमन्तू अधिकार अभियान राजस्थान “डगर”)

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