सौ साल से निवास कर रहे घुमंतू परिवारों को घर से किया जा रहा बेदखल !

306

(सुरेश मेघवंशी )
कुंभलगढ़ पंचायत समिति की कोयल ग्राम पंचायत गजपुर की मासी में विगत 100 सालों से निवास कर रहे हैं घुमंतू कालबेलिया परिवारों को अतिक्रमण के नाम से खदेड़ा जा रहा है.बस्ती के 15 घुमंतू कालबेलिया परिवारों को घर से बेदखल किया जा रहा है. कुछ भूमाफियाओं द्वारा ग्राम पंचायत एवं तहसील कार्यालय में शिकायत देकर इन गरीब घुमंतु परिवारों को बार-बार परेशान कर मकान हटाने की धमकियां दी जा रही है.

इन परिवारों द्वारा कई बार जिला कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को लिखित रुप में अपनी शिकायत देकर न्याय की मांग की,लेकिन अब तक इन परिवारों को न्याय नहीं मिलने से कोयल ग्राम पंचायत के पटवारी व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इन परिवारों को हटवाया जा रहा है,जबकि इन घुमंतु परिवारों के पास सरकारी योजनाओं से बने इंदिरा आवास मुख्यमंत्री आवास के तहत मकान बने हुए हैं एवं शौचालय भी बना रखा है.

गजपुर की मासी में रहने वाली भंवरी देवी कालबेलिया ने बताया कि कई दिनों से हमको कोयल पटवारी द्वारा धमकियां मिल रही है कि अगर समय रहते तुम लोगों ने अपना मकान खाली नहीं किया तो आपको जेल में डाल दिया जाएगा, हम लोगों ने सरपंच सचिव पटवारी तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को कई बार इस संबंध में जाकर मिले,लेकिन किसी ने भी हमारी एक ना सुनते हुए उल्टा हम लोगों को चारागाह भूमि का हवाला देते हुए हटवाने के लिए बोलते हैं.

आखिर कब मिलेगा इन घुमंतू समुदायों को न्याय? कब तक इन परिवारों को अतिक्रमण के नाम से खदेड़ा जाएगा?

एक तरफ तो सरकार इन घुमंतू समुदायों के निवास के लिए आवासीय 50 वर्ग गज भूमि आवंटन करने का आदेश जारी कर रही है दूसरी तरफ इनके ही जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारियों द्वारा इनको घर से बेदखल करवाया जा रहा है,आखिर सरकार के नुमाइंदे इन समुदायों से चाहते क्या है? क्यों इनको बार-बार अतिक्रमण का नाम से खदेड़ा जा रहा है ? क्यों इन समुदायों को स्थाई निवास के लिए सरकार के आदेशानुसार इनको भूमि आवंटन नहीं की जा रही है ? अगर सौ साल से चारागाह भूमि में निवास कर रहे हैं तो इन समुदायों के लिए आबादी भूमि में कन्वर्ट करवा कर इनको आखिर क्यों नहीं दिये जा रहे है आवासीय पट्टे? अगर सरकार इन घुमंतू समुदायों के लिए संवेदनशील हैं तो आदेश की पालना नहीं करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ? क

Leave A Reply

Your email address will not be published.