बसेड़ा में गुरु पूर्णिमा पर्व समारोहपूर्वक मनाया

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बसेड़ा स्कूल में अब हाउस सिस्टम लागू

बसेड़ा(छोटीसादड़ी)जीवन में गुरु का महत्त्वपूर्ण स्थान है क्योंकि गुरु विद्यार्थी के लिए दूसरा जन्मदाता है और वही उसे दुनिया को देखने का एक नज़रिया देता है। एकलव्य, चन्द्रगुप्त, कर्ण, आमिर खुसरो सहित कई शिष्यों की ऐसी कथाएँ हमारे भारतीय पौराणिक एवं आधुनिक साहित्य और इतिहास में मौजुद हैं जिनसे बहुत कुछ सीखना होगा। इस मुश्किल दौर में यह महसूसा गया है कि गुरु और शिष्य के बीच का आत्मीय रिश्ता बहुत कमज़ोर हुआ है। शुद्ध रूप से भौतिकता के प्रभाव और सबकुछ बाज़ार की गिरफ्त में हो चला है। ग्लोबलाइजेशन के इस युग में भी हमें भारतीय परिदृश्य को समझते हुए अपनी शिक्षा प्रणाली को फिर से समझना और उसमें ज़रूरत के मुताबिक़ बदलाव करने होंगे। आश्रम संस्कृति में गुरुओं की छाँव में चलते हुए गुरुकुल से लेकर गिजुभाई से होकर आज की ट्यूशन प्रधान शिक्षा तक का सफ़र अब खुद अपनी समीक्षा चाहता है। यही समय की मांग भी है।

यह निष्कर्ष बसेड़ा स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरु पूर्णिमा के समारोह में निकला। हिंदी के व्याख्याता माणिक, हिंदी के वरिष्ठ अध्यापक छुट्टन लाल मीणा, अध्यापक जगदीश सेंगर सहित कई शिक्षकों, अतिथियों और विद्यार्थियों ने इस पर विचार रखें। इस अवसर पर ग्राम बसेड़ा में संचालित दुग्ध सहकारी समिति के पदाधिकारियों द्वारा स्कूल के बीस ज़रूरतमंद और प्रतिभावान विद्यार्थियों को नि:शुल्क विद्यालय गणवेश वितरित के गयी। अतिथियों में बहादूर सिंह आंजना, नेपाल सिंह आंजना, दशरथ सिंह आंजना, कमल सिंह आंजना, राजमल आदि ने शिरकत की। स्वागत भाषण प्रधानाचार्य लादूराम शर्मा ने व्यक्त किया वहीं इस वितरण सत्र का संयोजन हेडटीचर राजनीति विज्ञान के व्याख्याता प्रभु दयाल कूड़ी और कैलाश चन्द्र माली ने किया।

गुरु पूर्णिमा के मौके पर सभी शिक्षकों को श्रीफल और उपहार के साथ ही ग्रीटिंग कार्ड्स भी दिए गए। पूरा आयोजन स्पिक मैके हेरिटेज क्लब ऑफ़ बसेड़ा के द्वारा गूंथा गया। शिक्षक मथुरा लाल रेगर द्वारा निर्गुणी भजन, कक्षा ग्यारह द्वारा सामूहिक कबीरपंथी गायन प्रस्तुत किया गया वहीं ग्राम पंचायत सहायक पप्पू पुरोहित सहित छात्र कारू लाल आंजना, पूजा प्रजापत, किशन भील, ममता आंजना, खुशांकी तिवारी, निकिता प्रजापत, दीपिका आंजना, पुष्कर आंजना ने भाषण के रूप में अपने विचार अभिव्यक्त किए। इस समारोह के सूत्रधार क्लब के वोलंटियर दीपक ढोली, ममता मीणा, पूजा मेघवाल, पवन आंजना, कुलदीप टांक थे।

( बसेड़ा स्कूल में अब हाउस सिस्टम शुरू )

इतिहास के व्याख्याता प्रेमाराम कुमावत के अनुसार अब विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को छह हाउस में बांटकर उनके सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जाएगी। यह हाउस प्रख्यात व्यक्तित्व के नाम पर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, कबीर, स्वामी विवेकानंद, मीरा, अब्दुल कलाम रखे गए हैं। प्रार्थना सभा से लेकर खेलकूद, उत्सव-पर्व में भागीदारी, विद्यालय स्वच्छता तक के सभी दायित्व अब हाउस सिस्टम से होंगे यह व्यवस्था अगस्त माह से शुरू होगी। सभी हाउस अपने हाउस मास्टर और हाउस केप्टन के सानिध्य में आगे बढ़ेंगे। इस नयी व्यवस्था से बच्चों में कुतूहल और खुशी व्याप्त है।

( लेखक हेरिटेज क्लब ऑफ़ बसेड़ा के संयोजक है )

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