आम जन का मीडिया
God or khuda is both the things created by man!

भगवान हो या ख़ुदा दोनों इंसान की बनाई हुई चीजें हैं !

- आशुतोष कुमार

भगवतगीता में भगवान के वचन नहीं हैं। क़ुरआनशरीफ़ आसमानी क़िताब नहीं है।समस्त धर्मग्रन्थों में दिए गए सारे वचन मनुष्यों के कथन हैं, जिन्हें भगवान के नाम पर चला दिया गया है। ब्रह्मा-विष्णु-महेश किसी स्वर्ग में होते तो संस्कृत कभी न बोलते। अपनी स्वर्गीकृत बोलते। अल्ला मियाँ अरबी सीखने धरती पर क्यों आते? भाषाएं देवताओं ने नहीं इंसानों ने बनाई हैं।

स्वर्ग और जन्नत के बारे में तो तय है कि ये मनुष्य की, वो भी किसी अच्छे खासे लालची और कमीने मनुष्य की, कल्पनाएं हैं, जो बेशुमार अप्सराओं और हूरों के बग़ैर किसी जन्नत के बारे में सोच ही नहीं सकता था। जिसके दिमाग़ यह खयाल तो कभी आ ही नहीं सकता होगा कि उन चिरयुवा नगरवधुओं के लिए स्वर्ग के क्या मानी होंगे।

भगवान हो या ख़ुदा दोनों इंसान की बनाई हुई चीजें हैं।इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि उनका यह सारा दिव्य तामझाम सिर्फ़ इंसानों के लिए है। उनकी सारी अनिर्वचनीय शक्तियाँ इंसानों के लिए है।जबकि इस ब्रह्मांड में इंसान का वज़ूद रेत के एक ज़र्रे के बराबर भी नहीं। उस ज़र्रे को घटा दीजिए तो सृष्टिकर्ता के पास कोई काम ही नहीं बचेगा। बिल्कुल बेकार और फालतू हो जाएगा वो इस पिद्दी न पिद्दी के शोरबे सरीखे इंसान के बिना।

इंसान ने ही रचा यह सारा वितंडा अपनी किसी जरूरत के लिए। अब इसी वितन्डे के लिए इंसान इंसान की जान लेने पर आमादा है। इसी के नाम पर समूची मनुष्यता को कई कई बार नष्ट करने की तैयारी की जा चुकी है। इस असीम आत्महंता आस्था को किसी शिष्ट, शालीन या श्लील विशेषण से व्यक्त नहीं किया जा सकता।

( फेसबुक पोस्ट से साभार )

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