गेनाराम मेघवाल प्रकरण में पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन !

नागौर के पुलिस कांस्टेबल गेनाराम के परिवार को न्याय’को लेकर पुलिस मुख्यालय के बाहर संगठनो का संयुक्त प्रदर्शन व पुलिस महानिदेशक से भेंट व ज्ञापन

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जयपुर,23 जनवरी, 2018 “गेनाराम मेघवाल परिवार के साथ जो प्रताड़ना हुई, जिसके सदमे में पूरे परिवार ने आत्महत्या की, उसमे दोषी पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही हो”, “अब भविष्य में कोई दलित कर्मचारियों के साथ पुलिस व्यवस्था में भेदभाव न हो”, “पुलिस कानून में दी गई शिकायत निवारण व्यवस्था लागु हो”, इन सभी मांगो को लेकर आज दलित एवं मनावाधिकार संगठनो ने पुलिस मुख्यालय के बहार प्रदर्शन किया व पुलिस महानिदेशेक को ज्ञापन दिया.

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गेनाराम परिवार की आत्माहत्या एक संस्थानिक हत्या है. कैसे राधाकिशन नमक एएसआई इतना प्रभाव ऊँचें अफसरों के साथ रख सकता था कि दो बार चोरी के मामले की जांच साक्ष्य के आभाव में बंद होने के बावजूद खोल दी गई? ऐसे कैसे हो सकता है कि हिरासत में की गयी परिवार के सदस्यों के साथ हिंसा को किसी वरिष्ठ अधिकारी को जानकारी नहीं थी? इस तरह के अनेक सवाल प्रदर्शनकारियों ने उठाये .

डीजीपी से एक शिष्टमंडल प्रदर्शनकारियों का मिला,उन्होंने माना कि व्यवस्था में कुछ तो गड़बड़ रही होगी कि इस तरह का कदम गेनाराम के परिवार ने लिया.निष्पक्ष जांच की गारंटी दी और शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ करने का वायदा किया. राधाकिशन सहित दोषी पुलिस अधिकारियों की गिरफ़्तारी का भी आश्वासन दिया.उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 सालों के पुलिस के अपनी शिकायत के मामलो पर गौर कर रहे है.शिष्टमंडल में सुमन देवाठिया, ताराचंद वर्मा, निशा सिद्दू, मुकेश निर्वासित , सतीश कुमार व अन्य साथी थे.

ज्ञापन की प्रमुख मांगे इस प्रकार है -एफआईआर राधा किशन सहित भंवरु खान, रतनराम के अलावा उन सभी पुलिस अफसरों के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए, जिन्होंने थाने में प्रताड़ित किया तथा अपना पद का दुरूपयोग कर जांच को लंबित रख कर परिवार को परेशांन करते रहे.सम्बंधित थाना इंचार्ज, पुलिस अधीक्षक ,नागौर और सहायक लोक अभियोजक जिनके ज़रिये चालन की पुष्टि की गई, इनके भी खिलाफ एफआईआर और गिरफ़्तारी हो .अजाजजा अत्याचार निवारण कानून की निम्न धाराएँ लगाई जाये- अनुसचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम धारा 3 (1) (त) व (थ) के तहत कार्यवाही की जाये.पुलिस महकमे में अजा जजा वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित हो, पुलिस कानून की धारा 59 (1) व (2) को सक्रिय कर लागु किया जाये. गेनाराम के पिताजी व परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाये.

( हम हैं-राजस्थान के सभी मानवाधिकार वह दलित संगठन व कार्यकर्ता )

सुमन देवठिया, भँवर मेघवंशी, ताराचंद वर्मा एडवोकेट, सतीश कुमार ,एडवोकेट, मुकेश निर्वासित, सुमित्रा चौपड़ा, निशा सिद्दू, कविता श्रीवास्तव, पप्पू कुमावत, अनिल गोठवाल, प्यारे लाल, दशरथ हिंगोनिया, कैलाश मीणा, हितेश राही, पी. एल .मीमरोठ, बृजमोहन, इक़बाल सिद्दीक़ी, बलवंत, डॉ आंबेडकर अधिवक्ता संघ

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