भीलवाडा में साझा संघर्ष मंच का गठन !

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भीलवाड़ा ,28 नवम्बर 2017,जिले में काम कर रहे विभिन्न सामुदायिक संगठनों , संस्थाओ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक सामूहिक बैठक संगीत कला केंद्र पर आयोजित की गई ! इस बैठक में ईंट भट्टा मजदूरो, महिला एवं बाल अधिकारों, शिक्षा , स्वास्थ्य , दलित एवं आदिवासी अधिकारों व मानवाधिकार के मुद्दों पर काम कर रहे साथियों ने भाग लिया !
बैठक के प्रारभ में जिले के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई जिसमे राजस्थान प्रदेश ईंट भट्टा मजदुर यूनियन के प्रतिनिधि शैतान रेगर ने बताया कि जिले में ईंट भट्टा मजदुर बंधुआ के रूप में काम करने कों मजबूर है ! ईंट भट्टो पर महिलाओ और बच्चों की परिस्थितिया काफी गम्भीरं हें ! मजदूरो कों मजदूरी नही दी जाती है , उनके साथ मारपीट आम बात हें ! इन ईंट भट्टो पर बाल श्रम गम्भीरं मुद्दा हें ! ईंट भट्टो पर प्रवासी मजदुर काम करते हें जिनके मानवाधिकारों का खुल्ला उल्न्ग्न हो रहा है  !
इसी कड़ी में आगे सामाजिक कार्यकर्ता तारा आहलुवालिया महिलाओ के साथ डायन के नाम पर जिले में हो रहे अत्याचारों पर केस प्रस्तुत किये ! उन्होंने पुलिस द्वरा ठोस कार्यवाही नही किये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया साथ ही बताया कि पुलिस दवारा पीडितो कों ओर पीड़ित किया जा रहा है , जिससे पीड़ित महिलाये व उनके परिवार के सदस्य दर दर भटकने कों मजबूर है  ! बैठक में महिला उत्पीडन की शिकार मीना ने अपनी व्यथा सुनाई !
कट्स संस्था के प्रतिनिधि राधेश्याम वैष्णव ने बताया कि जिले के ईंट भट्टो व अन्य व्यवसायों में अनगिनत बच्चे बालश्रम गम्भीरं चपेट में है  ! पुनर्वास के आभाव में बालश्रम से छुडाये गये बच्चे उन्ही परिस्थितियों में जाने कों मजबूर है  ! इसके लिए जिला बाल कल्याण समिति कों आगे आना चाहिए ! जिले में दलित, घुमन्तु एवं आदिवासी समुदायों के साथ बढते अत्याचारों पर राकेश शर्मा व महादेव रेगर ने अपने विचार रखे ! इन्होने बताया कि हत्या व बलात्कार जेसे गभीर अत्याचारों का भोग बन रहे इन समुदायों के साथ जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है !
उक्त चर्चाओ पर टिपण्णी करते हुए पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के राज्य उपाध्यक्ष भंवर मेघवंशी ने बताया कि जिले में काम कर रहे विभिन्न सामुदायिक संगठनों , संस्थाओ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं कों एकजुट हो सामूहिक रूप से संवेधानिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा ! वर्तमान परिस्थितिया दलित, घुमन्तु , आदिवासी, महिला व बच्चों के विपरीत बनी हुई है  ! हर जगह मानवाधिकारों का हनन हो रहा है , इसे रोकने के लिए हमारी एकजुटता बहुत ही जरूरी है  !
बैठक में जिले में काम कर रहे विभिन्न सामुदायिक संगठनों , संस्थाओ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साझा संघर्ष के लिए साझा संघर्ष मंच का गठन किया गया जिसकी एक जोइंट एक्शन कमेटी बनाई गई ! इसके बेनर तले सामुदायिक संघर्ष के मुद्दों कों मजबूती से उठाया जायेगा ! बैठक में जिले के सामाजिक कार्यकर्त्ता  रेखा खोईवाल , जयप्रकाश , ममता मेघवंशी, गीता माथुर , चंद्रेयी , मीना सहित 25 साथी उपस्थित थे !

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