डॉअम्बेडकर छात्रावास रायपुर के हालात सुधारने की मांग  !

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सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी ने समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भीलवाड़ा के सहायक निदेशक शरद शर्मा को ज्ञापन भेज कर  डॉ भीमराव अम्बेडकर राजकीय छात्रावास , रायपुर के हालात तुरंत सुधारने की मांग की है .
मेघवंशी ने अपने ज्ञापन में बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  विभाग द्वारा संचालित रायपुर छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों ने उन्हें अवगत कराया है कि उनको जातिगत भेदभाव तथा कई सुविधा सम्बन्धी समस्याओं से झूझना पड़ रहा है ,वहां पर व्यवस्थार्थ कार्यरत शिक्षक काना राम  को बार बार समस्याओं के बारे में बताये जाने पर भी समाधान नहीं हो पाया है ,परेशान छात्रों ने अपनी शिकायत बाहर लगी शिकायत पेटी में भी डाली है ,लेकिन सुनवाई नही हो पाई है ।
मेघवंशी ने सहायक निदेशक को जानकारी दी कि रायपुर छात्रावास के विद्यार्थियों को निम्नलिखित समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है –
1- छात्रावास में बतौर रसोइये के कार्यरत अस्थायी महिला कर्मचारी बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव करती है ,यहां तक कि किसी भी बर्तन ,खाद्य सामग्री और नमक की थैली तक को नही छूने देती है  ( जो कि अजाजजा अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है )
2- महज एक से डेढ़ किलो दूध में 30 बच्चों के लिए पतली सी चाय बना कर दे दी जाती है ,शेष बचे हुए दूध का दही बना कर रसोइये और वहीं रह रहे शिक्षक कानाराम द्वारा उपयोग किया जाता है ,इनके लिए खाना भी अलग से बनाया जाता है ।
3- विद्यार्थियों के लिए बनने वाली रोटियां खाने लायक भी नही होती है ,जली हुई अथवा कच्ची रोटियां दी जाती है ,दाल और सब्जी की गुणवत्ता कमतर होती है ,सुबह का खाना देर से दिया जाता है ,जिससे छात्र समय पर विद्यालय नही पहुंच पाते है ।
4-छात्रों को रविवार के दिन घर चले जाने को कहा जाता है ,जब ज्यादातर छात्र घर होते है ,तब जानबूझकर स्पेशल डाइट दी जाती है ।
5- छात्रावास की व्यवस्था संभालने हेतु लगे शिक्षक कानाराम जी का व्यवहार बच्चों के प्रति रूखा और क्रूरतापूर्ण है ,वे गाली गलौज
करते है और शिकायत करने पर छात्रों को छात्रावास से निकाल देने की और छात्रावास बन्द कर देने की धमकियां देते है ।
6- ठंड का मौसम शुरू हो जाने के बाद भी अब तक छात्रों को सिर्फ एक कंबल ओढ़ने हेतु दिया गया है ,जबकि रजाइयाँ मौजूद है ,पर वो बच्चों को नही दी जा रही है ।
7- छात्रावास के स्नानघर और शौचालय बेहद गन्दे है ,जिससे अध्ययनरत छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है ।
उपरोक्त हालातों के मद्देनजर अम्बेडकर छात्रावास के मौजूदा हालात को शीघ्र  सुधारने की जरुरत जताते हुये भंवर मेघवंशी ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि रायपुर में स्थित राजकीय छात्रावास की स्थितियों में बदलाव किये जाये ताकि वहां अध्ययनरत दलित ,आदिवासी एवम पिछड़े वर्ग के छात्र अपना अध्ययन सुचारू तरीक़े से कर सम्पादित सकें .
दलित ,आदिवासी एवं घुमंतू समुदाय के प्रश्नों पर कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी ने कहा है कि छात्रावास की स्थितियां बदलने के  लिए तुरंत जो कदम उठाने जरुरी है ,उसमे यह बेहद जरूरी है कि छात्रावास का वर्तमान में काम संभाल रहे शिक्षक कानाराम और रसोई बनाने वाली महिला कर्मचारी को तुरंत कार्यमुक्त किया जाए और अन्य बुनियादी आवश्यकताओं में अविलम्ब बदलाव लाया जाए ,ताकि  विद्यार्थी अच्छे और भयमुक्त तथा समानता के वातावरण में पढ़ाई कर सकें ।
मेघवंशी ने इस सम्बन्ध में विद्यार्थियों से भी बात की तथा विभाग के सहायक निदेशक शरद शर्मा से भी बात करके उन्हें अवगत कराया ,शर्मा ने मेघवंशी को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही तमाम समस्याओं का समुचित समाधान कर दिया जायेगा . मेघवंशी कहा है कि वे छात्रावास का जायजा लेने और पीड़ित छात्रों से मिलने हेतु कल रायपुर जायेंगे .

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