डिफीट बीजेपी !

भाजपा विरुद्ध भारतीय !

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(भंवर मेघवंशी)

भंवर मेघवंशी

साम्प्रदायिक ताकतों को शिकस्त देने का समय है,इस फासीवादी उभार को रोकना है तो बहुत सारी असहमतियों को दरकिनार करने की जरूरत है।

आदर्शवादी से ज्यादा यथार्थवादी होने की जरूरत है,दक्षिणपंथी संघ प्रेरित भाजपा को रोकना ही बड़ा लक्ष्य होना चाहिये।

बहुत सारे साथी इनबॉक्स में पूंछते है कि आप लोग भाजपा बनाम भारतीय की बात करते है ,डिफीट बीजेपी का नारा देते है,पर विकल्प नहीं बताते है,साफ साफ यह नहीं कहते कि वोट किसको देना है ?

सवाल जायज है,पर इसका कोई रेडीमेड जवाब नहीं है और न ही कोई सामान्यीकृत उत्तर हो सकता है,किसी एक दल या विचार के प्रति फतवा जारी हो सके,ऐसी पोजिशन बिल्कुल भी नहीं है।

दिक्कत यह है कि बाबा साहब के मिशन से जुड़े विभिन्न साथी 20 से अधिक दलों से प्रत्याशी बने हुये है,एक ही विधानसभा क्षेत्र में पांच पांच मित्र जय भीम का जयकारा लगाते हुए भिन्न भिन्न दलों के झंडे डंडे थामे खड़े है, सबकी अपेक्षा और आग्रह है कि उनका प्रचार किया जाये, सबका कहना है कि उनकी जीत पक्की है, हालांकि अधिकांश लोग जीत तो बहुत दूर स्पर्धा में भी नही है ,पर सबको हमारी शुभकामनाएं।

चुनाव लोकतंत्र का पर्व है,सबको इस जश्न में शरीक होने का संवैधानिक हक है,जरूर सबको चुनाव लड़ना चाहिए,उनको जो भी उचित लगता है और स्थानीय समीकरण जिसकी इज़ाज़त देते है,उन सबको चुनावी मैदान में दो दो हाथ कर लेने चाहिए,इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कितने वोट मिलते है,जितने भी वोट मिले, उसे प्रजातंत्र का प्रसाद मान कर स्वीकार करना चाहिए।

मगर यह चुनाव हमारे लिए मनोरंजन का विषय नहीं है और न ही यह प्रयोगों का वक्त है,यह गंभीर समय है ,हम एक ऐसे भयावह दौर से रूबरू है ,जबकि लोकतंत्र विरोधी,संविधान विरोधी ताकतें सब कुछ तहसनहस करके मनुवादी पूंजीवादी फासिस्ट शासन लादना चाहती है और तमाम उपेक्षित व वंचित समुदायों को कुचल देना चाहती है ।

भाजपा इस देश के संविधान, लोकशाही व धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को समाप्त करके मनुस्मृति आधारित एक थियोक्रेटिक स्टेट बनाना चाहती है,इसके लिए संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद किया जा रहा है,लोकतंत्र व संविधान को सुनियोजित तरीके से नष्ट किया जा रहा है ।

दोस्त और दुश्मन की शिनाख्त करना जरूरी है,हमारा इस वक़्त का दुश्मन स्पष्ट है,उससे जूझ रहे है हम सब ,फिर भी अगर हम उसे राजनीतिक मात देने में कामयाब नहीं रहते है तो यह हमारी बड़ी हार होगी।

गहन चिंतन कीजिये कि आप जो कर रहे है इस वक़्त ,उससे कौन मजबूत हो रहा है,किसको फायदा मिल रहा है,कौन सत्ता में लौट रहा है ? इससे ही आगे का रास्ता खुल जायेगा।

व्यक्तिगत रूप से मेरा निर्णय यह है कि जो भी फासीवाद विरोधी,साम्प्रदायिकता विरोधी ,संविधान समर्थक सेकुलर दल के प्रत्याशी भाजपा को हराने में सक्षम होंगे,मैं उनका समर्थन करूँगा,ऐसे उम्मीदवार बसपा,माकपा,भाकपा, कांग्रेस,लोकतांत्रिक जनता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस,आप ,बहुजन मुक्ति पार्टी या बहुजन संघर्ष दल या भारिप या अम्बेडक्राइट पार्टी ऑफ इंडिया जैसे किसी भी दल से हों,मुझे उनका समर्थन करने में कोई दिक्कत नहीं है,पर शर्त सिर्फ यही है कि उसमें भाजपा को हराने की क्षमता होनी चाहिए।

मैं अमित शाह द्वारा फंडेड और आरएसएस प्रायोजित वोट कटवा प्रत्याशियों का किसी भी रूप में समर्थन नही करूँगा,जो भी व्यक्ति या दल अंदर खाने भाजपा को सहयोग देने के एजेंडे पर काम कर रहे है,उनका किसी भी रूप में समर्थन नहीं किया जाएगा,एक एक सीट का पूरा विश्लेषण करते हुए “भाजपा हराओ – संविधान बचाओ -लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ” के खुले एजेंडे के आलोक में निर्णय होगा।

दलित आदिवासी एवं घुमन्तू अधिकार अभियान राजस्थान ( डगर) डिफीट बीजेपी के मिशन के साथ “भाजपा विरुद्ध भारतीय” के संकल्प में यकीन करते हुये राज्यव्यापी निर्णय लेगा और अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को हरा सकने वाले सक्षम सेकुलर उम्मीदवारों का समर्थन करेगा।

हमारा एजेंडा साफ है,हम साम्प्रदायिक, फासिस्ट ,संविधान विरोधी भाजपा को हराने के लिए जमकर अभियान करेंगे,यह अभियान राजस्थान के विधानसभा चुनावों से शुरू होकर लोकसभा के चुनावों तक चलेगा,राजस्थान में शुरू होगा और पूरे देश मे जायेगा।

एक ही लक्ष्य – डिफीट बीजेपी !

– भंवर मेघवंशी
( संयोजक – दलित आदिवासी एवं घुमन्तू अधिकार अभियान राजस्थान “डगर”)

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