दलित, आदिवासी, अल्पसंखयक दमन प्रतिरोध आन्दोलन की जयपुर में हुई सफल महापंचायत !

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“महापंचायत का एलान – दलित,आदिवासी व अल्पसंख्यक विरोधी भाजपा को केंद्र व राज्य में हराना अत्यंत ज़रूरी है ”

जयपुर,22जुलाई,35 संगठनो द्वारा बनाया गया दलित आदिवासी अल्पसंख्यक दमन विरोधी आन्दोलन ने जयपुर में आयोजित महापंचायत में सर्व समिति से अपनी मांगो पर जोर देते हुए कहा कि 2 अप्रैल से सम्बन्धित सभी 500 मामले (FIR) मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे वापस लें.अजा जजा कानून को संविधान की 9वीं सूची में डाला जाए व इसी संसद सत्र में कानून लाया जाए.पीट-पीट के मार डालने की घटनाओं पर केंद्र व राज्य सरकार तुरंत लगाम लगाए कानून बना कर और राजनैतिक तौर पर भी और रामगढ, अलवर में हुए कोल गाँव मेवातके गौपालक अकबर खान की हत्या से जुडे सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाये.

साथ ही पंचायत की अध्यक्षीय मंडल के टेक चंद राहुल, सुमन देवठिया, अमरा राम, नरेन्द्र आचार्य व डॉ. इकबाल ने सभी को शपथ दिलवाई व फैसला सुनाया कि सभी राजनेतिक संघर्षों में भाजपा व संघ को पराजित करना तथा केंद्र व राज्य सरकार को आगामी चुनाव में पराजित करना बहुत ज़रूरी है.दमन प्रतिरोध आन्दोलन उन राजनैतिक दलों को समर्थन करेगी जो भाजपा को हरा सके.आन्दोलन की मांगे मनवाने के लिए भाजापा हर तरीके से अपनी ताकत दिखाएगी व साथ ही फैसला सुनाया संघ की महिला,दलित,आदिवासी व अल्पसंख्यक विरोधी विचारधारा का समाज के हर तबके व ढाँचे में पुरजोर विरोध करेगा .

सभा में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के पौत्र प्रकाश अम्बेडकर ने कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह व महाराष्ट्र सरकार ने दलितों के आन्दोलन को माओवादी रंग देने की कोशिश की और झूठे मामलों में कई साथियों को जेल में डाला.उन्होंने भाजपा व आरएसएस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आप केवल दंगा करवाने में विश्वास करते हैं और अब पीट-पीट कर मार डालना और विडियो बनाना. राजस्थान में हुए अफ्राजुल की हत्यारे को तो पकड़ा पर घटना के पीछे कौन था, किस ने नफरत भरी, उसकी जांच क्यूँ नहीं की ? उन्होंने 20 मार्च के उच्चतम न्यायालय के अजा जजा कानून को कमज़ोर करने के फैसले पर कहा कि यह सिर्फ एक फैसले की बात नहीं है, पर उच्चतम न्यायलय की मनुवादी मानसिकता की भी बात है. उन्होंने केवल सरकार के परिवर्तन की बात नहीं की पर सत्ता परिवर्तन की बात कही और कहा कि वह चाबी दलितों के हाथ में है और सोच समझ कर उसका इस्तमाल करना चाहिए I

सभा में आए जिग्नेश मेवानी ने आह्वान किया कि नरेन्द्र मोदी और वसुंधरा राजे की सरकारों को हराना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो फासीवाद हमारे द्वार पर होगा. उन्होंने अलवर में हुई अकबर खान की हत्या को लेकर केद्रीय मंत्री मेघवाल को आड़े हाथों लिया और कहा कि हमे अगर प्रधान मंत्री की लोकप्रियता का मतलब है मुसलमानों और बेगुनाहों को अपनी जान खोना, तो ऐसी लोक्रप्रियता नहीं चाहिए जो समाज को दहशत में डाल दे.उन्होंने अलवर की कैलाशी बाई का उदहारण देते हुये मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे को ललकारा और कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद 2 अप्रैल को पुलिस उसके घर घुसी और उसके कपडे फाड़े और छाती पर जूता रख कर धमकाया.क्या महिलाओं का यही हाल भाजपा के राज्यों में होना है.उन्होंने यह भी कहा कि सरकारें अगर बदलती भी हैं पर हमारे आन्दोलन जारी रखने होंगे.

राष्ट्रीय दलित शोषण मुक्ति मंच की उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने आरएसएस व भाजपा के मनुवादी चहरे को बेनकाब करते हुए कहा कि यूँ ही नहीं उच्चतम न्यायालय से ऐसा कानून लाया गया ,पर यह सरकार चाहती है कि दलित वही पड़ा रहे और यह भी कहा कि पीट – पीट को मार डालने की घटनाएँ इसलिए बढ़ रहीं हैं क्यूंकी सरकारे व मंत्री इस हिंसा का महिमा मंडान कर रहे हैं.उन्होंने राजस्थान के आन्दोलन को सरहना करते हुए कहा कि विपक्ष तो राजस्थान में हाशिये पर खडे लोगों के आन्दोलन होते हैं.इसलिए सरकार बदल भी जाये पर आन्दोलन को तो जारी ही रखने होंगे.उन्होंने वसुंधरा राजे की जनता से रूबरू न करने की नीति की भी आलोचना की और कहा कि कोई भी दलित–आदिवासी को मायूस नहीं होना चाहिए अगर उन पर मामले हैं, सरकार को हर हालत में वापस लेने होंगे.

इसी तरह समाजवादी विचारधारा के सोच रखने वाले मध्य पप्रदेश के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा की समय आ गया है कि दलित, आदिवासी, मुसलमान, किसान, युवा, छात्र, महिला व अन्य लोगों को साथ मिलकर यह लड़ाई लड़नी होगी. यह लड़ाई देश के अस्तित्व की लड़ाई है, देश में इंसानियत जिंदा रखने की लड़ाई है.

सीपीएमआई (लिबरेशन) के पूर्व विधायक राजा राम सिंह ने भाजपा की हर निति चाहे व सामाजिक न्याय हो, या कश्मीर, या विदेशी निति, या नोटबंदी या जीएसटी सभी फ्रंट पर फ़ैल रही यह सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं की जा सकती. वसुधरा राजे ने 5 साल हर कमज़ोर तपके को परेशान हो किया,इसिलए इनका जाना ज़रूरी है.उन्होंने आन्दोलन की सभी मांगो को समर्थन करते हुए दलितों के ऊपर मामले वापस लेने, अजा जजा कानून को पुनः स्थापित करने व पीट-पीट कर हत्या को तुरंत बंद करने की मांगो का समर्थन किया.

आप पार्टी के राजेंद्र गौतम व दिल्ली सरकार में वर्तमान में मंत्री ने कहा की देश के हित में तो इस सरकार को जाना ही होगा और अजा जजा कानून को पुन स्थापित सभी की एकजुटता से ही होगा उन्होंने आवाहन किया कि दिल्ली में भी ऐसी पंचायत होनी चाहिए.सभा में लोग पूरे राजस्थान से आए थे. सभा का सञ्चालन सुमित्रा चोपड़ा, राहुल व कविता ने किया.संजय माधव ने सभा का परिचय दिया व डॉ इकबाल ने धन्यवाद.

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