डांगावास के पीड़ितों के साथ की गई वादाखिलाफी का जवाब लिया जायेगा  !

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14 मई 2015 को नागौर जिले के डांगावास गांव में एक भूमि को लेकर हुये निर्मम हत्याकांड के खिलाफ देश भर में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया था और जगह जगह आंदोलन हुये, उस दौरान राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए बनी संघर्ष समिति के साथ जिन जिन बिंदुओं पर समझौता किया, उनमें से सीबीआई जांच की मांग के अलावा किसी भी वादे को नही निभाया गया है।
उस वक़्त पीड़ितों की मांगें इस प्रकार थी –
1- प्रकरण की सीबीआई जांच हो
2- हर मृतक के परिजनों को 25 लाख और प्रत्येक घायल को 10 लाख का मुआवजा दिया जाए
3- मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाये
4- जलाई गई पांच मोटरसाइकिल और चोरी हुये 1 ट्रेक्टर का मुआवजा दिया जाये
5-हत्याकांड के दौरान घर झोपड़ी तोड़ने व जलाने के मामले में पुनर्वास की व्यवस्था की जाए
6- तेबीस बीघा 5 बिस्वा जमीन से रिसिवरी हटाकर बाउन्ड्रीवाल करवा कर कब्ज़ा दलितों को सौंपा जाये
7- हत्याकांड में शामिल लोगों को तुरन्त गिरफ्तार किया जाये
8-दलितों की भूमि पर अवैध रूप से काबिज लोगों के विरुद्ध 183 बी की कार्यवाही की जाये
9- पुनर्वास की व्यवस्था होने तक पीड़ितों के रहने ,खाने की व्यवस्था की जावे
10 – डांगावास में 14 मई को हुई अवैध खांप पंचायत में भाग लेने और निर्णय लेने वालों के विरुद्ध सामुहिक जुर्माना अधिरोपित किया जाये
11- थाना मेड़ता के सभी कार्मिको को लाईन हाज़िर किया जाये
12-पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर नागौर को हटाया जाए
13- बिना परिजनों की सहमति के मृतक गणपत का जबरन पोस्टमार्टम कराने वाले थानेदार को निलंबित किया जाये
14- दलितों की गांव में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं
15- थानेदार मेड़ता सिटी और पुलिस उपाधीक्षक द्वारा कर्तव्य निर्वहन में की गयी लापरवाही के कारण उनपर धारा 4 में मुकदमा दर्ज किया जाए
16- महिलाओं के साथ हुई लूटपाट, मारपीट और दुराचार का केस अलग से दर्ज किया जाए
17-पीड़ितों पर लगाये गए हत्या के झूठे मुकदमे को निरस्त किया जाये
18 – मेड़ता हॉस्पिटल में उपचार के दौरान हुए हमले में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाये।
इस 18 सूत्रीय समझौते के अनुसार तात्कालिक फौरी राहत के अलावा बड़ा काम सिर्फ सीबीआई जांच का हुआ है, बाकी मांगों पर राज्य सरकार ने कुछ भी नहीं किया, इस तरह डांगावास के पीड़ितों के साथ  पूरी तरह धोखा किया गया। अब जबकि विधानसभा के चुनाव सामने है,इस वादाखिलाफी का जवाब लिया  जाना जरूरी है।

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