फर्जी वसीयत बनाकर जमीन हड़पने वाले गिरोह की मुख्यमंत्री को शिकायत ! 

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“एक एसडीएम, बिजली विभाग के एक एईएन, सरकारी स्कूल का एक प्रधानाध्यापक, एक महिला वकील और भाजपा के एक पूर्व पार्षद सहित कईं लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की गई है !” 
 भीलवाड़ा , 1 फरवरी 2019  ( जयपुर ब्यूरो ) भाजपा की निवर्तमान सरकार के समय पूरे राज्य में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों व भाजपा के नेताओं ने मिलकर जमीन संबंधी जबर्दस्त घोटाले किये है,जिनकी शिकायतें अब मुख्यमंत्री कार्यालय को मिलने लगी  है ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ताज़ा मामला भीलवाड़ा शहर से सटे आटुण इलाके का है,जहां पर एक मरे हुए व्यक्ति की जमीन को फ़र्ज़ी वसीयत बनाकर हड़प लिये जाने तथा उक्त जमीन को बेचकर करोड़ों के वारे न्यारे कर दिए जाने सम्बन्धी भूमि घोटाला  सामने आया है ।
मुख्यमंत्री कार्यालय को की गई शिकायत के मुताबिक फ़र्ज़ी वसीयतनामे के आधार पर 8 बीघा जमीन को हड़पने के इस खेल में बिजली विभाग के एक एईएन का नाम प्रमुखता से सामने आया है,जिसने भाजपा के एक पूर्व पार्षद के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार की भी अग्रणी भूमिका रही है ,जो अब प्रमोट हो कर एसडीएम बन चुका है . भीलवाड़ा निवासी संपत वर्मा ने इस करोड़ों रूपये के भूमि घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्वमंत्री तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिरीक्षक और लोकायुत सचिवालय को भी की है .
नामजद शिकायत में बताया गया कि उक्त जमीन जिस व्यक्ति के नाम पर गैर खातेदारी दर्ज थी ,उसकी मृत्यु 1985 में ही हो गई, जिसकी खबर इन लोगों को थी,इन लोगों ने उस व्यक्ति की जाति ही बदल दी और एक नाबालिग लड़की के नाम पर उक्त मृत व्यक्ति की फ़र्ज़ी वसीयत बना दी ,बाद में उक्त जमीन को गैर खातेदारी से खातेदारी में करते हुए उक्त लड़की के नाम ट्रांसफर कर दी और अंत में उस जमीन को करोड़ो रुपये में बेच दिया गया।
यह भी पता चला है कि इस फर्जीवाड़े से प्राप्त इस संपत्ति के चलते एक आरोपी तो भीलवाड़ा जिले की एक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर चुका था,उसने एक राजनीतिक दल से टिकट की मांग करते हुए दिल्ली तक चक्कर भी लगाये थे,पर टिकट नहीं मिल पाई । उसने क्षेत्र में बड़े बड़े होर्डिंग्स भी लगवाए और काफी पैसा भी खर्च किया ,माना जाता है कि यह संभावित उम्मीदवार अब एक विधायक के काफी नजदीक चिपका हुआ है ,इसकी भी जानकारी मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में दी गई है .
सूत्रों के अनुसार मृतक की जाति बदल कर उसकी फ़र्ज़ी वसीयत बना करके जमीन हड़पने के इस करोड़ों रुपये के घपले में कईं सरकारी कर्मचारी अधिकारीयों के शामिल होने संबंधी जानकारी शिकायत में दी गई है ,जिसमें एक एसडीएम जो उस वक्त भीलवाड़ा जिले में तहसीलदार लगा हुआ था और जिसने इसी प्रकार के कुछ और भी कांड कर रखे है,उसके कारनामों की भी फेहरिस्त सीएमओ को भेजी गई है ।
शिकायतकर्ता संपत वर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ,लोकायुक्त, एसीबी के महानिरीक्षक, एमडी ,अजमेर विद्युत वितरण लिमिटेड ,शिक्षा विभाग के शासन सचिव को 31 जनवरी 2019 को नामजद शिकायत की है ,जिसमें एक उपखण्ड अधिकारी , बिजली विभाग में कार्यरत एक एईएन ,गंगापुर क्षेत्र के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक ,एक महिला वकील और भाजपा से जुड़े एक पूर्व पार्षद पर कईं गंभीर आरोप लगाए गये हैं ।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने उपरोक्त सभी लोगों के खिलाफ सरकारी दस्तावेजों में काट छांट कर एक मृत व्यक्ति की जाति बदल कर फ़र्ज़ी वसीयत तैयार करने और सरकारी पद का दुरुपयोग करके षड्यंत्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज बनाकर न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करते हुए एक मृतक की जमीन हड़प कर करोड़ों रुपये ऐंठने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने ,राजकोष को हानि पंहुचाते हुये जमीन बेचकर कमाए गये रुपयों की वसूली करके वापस सरकारी कोष में जमा करने और उक्त जमीन को राज्य सरकार के नाम पर करने  सहित इस घोटाले में शामिल सभी सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को टर्मिनेट करने व जेल भेजने की भी मांग की गई है ।
यह भी खबर है कि सरकारी पद पर बैठकर भूमाफियाओं की तरह काम कर रहे इन अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी शिकायत भी लोकायुक्त सचिवालय को भी की गई है . शिकायतकर्ता ने शून्यकाल को बताया कि उसे उम्मीद हैं कि भीलवाड़ा का यह भूमाफिया गिरोह जल्द ही बेनकाब हो कर जेल की सलाखों के पीछे पहुँचेगा ।

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