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राजनीति

आखिर जिग्नेश मेवाणी से डर गई वसुंधरा सरकार !

.......तो कैसी करेगी चुनाव का मुकाबला ? राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने 15 अप्रैल को गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को न तो नागौर के मेड़ता रोड में सभा करने दी और न ही जयपुर में किसी से मिलने दिया। यहां तक के पूर्व मंत्री…

केम्ब्रिज एनालिटीका : सत्ता की मास्टर कुंजी

यह जो पूरा मुद्दा है पहली बार असल में तब उठा,जब अमेरिका में 2016 में चुनाव हुए और जनवरी 2017 में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बन गए.जो चुनाव 2016 में हुए उसमे फेसबुक ने कैसे सहायता की डोनाल्ड ट्रम्प को जितवाने में ,यहाँ से पूरा विवाद शुरू होता…

आखिर सोशल मीडिया से भाजपा इतना क्यों घबरा रही है ?

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की धमकी के बाद 22 मार्च को फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी ली है। जुकरबर्ग हिन्दुस्तान से अरबों रुपए कमा रहे हैै। इसलिए माफी का मामला अलग है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर 21 राज्यों और…

दिलीप गुर्जर जी , आपकी इस दलित विरोधी पोस्ट को क्या आपकी पार्टी का सामूहिक निर्णय माना जाये ?

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित क्षेत्र है ,वर्तमान में यहां से राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल विधायक है ,जैसा कि तमाम रिजर्व सीटों पर होता है ,यहां भी कमोबेश वही हालात है ,कहने के…

‘नियति’ महज़ एक ‘बचाव’ का शब्द है !

हम कहते है कि नियति को यही मंजूर था,इसलिए हमारे साथ बुरा हो गया। यंहा हम ये बोल कर स्वयं का बचाव कर रहे है, खुद को धोखा दे रहे है या जिसके लिए उपयोग कर रहे है,उसे बरगला रहे है। कुछ भी करते तो आज तो उसे मरना ही था। दुर्घटनाओं के बाद अक्सर…

धोद विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओ के जेहन मे उभरते कुछ गम्भीर सवाल

सीकर,राजस्थान के सीकर जिले की धोद विधान सभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओ के जेहन मे क्षेत्र की सियासत को लेकर पिछले कुछ सालो से अनेक सवाल उछाले मार मार मार कर उनके जेहन को लगातार बूरी तरह कचोट रहे है कि उनके साथ सियासी दल व उनके नेता समय आने…

महाराष्ट्र का किसान आन्दोलन और लेफ़्ट की राजनैतिक फसल

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े संगठन ऑल इंडिया किसान सभा ने 6 मार्च को महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक पदयात्रा निकाली, जिसकी संख्या मुंबई में आकर 35 हज़ार से ज्यादा की हो गई. जिन मांगों को लेकर ये पदयात्रा शुरू हुई थी वो काफी दिनों से…

चंद्रबाबू नायडू के बाद दक्षिण में अब बीजेपी का साथी कौन ?

अमरावती में बुलाए एक प्रेस कांफ्रेंस में चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए से अलग होने का फैसला किया. उनकी तेलुगु देशम पार्टी के पास 16 लोकसभा सीटें हैं और एनडीए में दूसरी बड़ी साझेदार है. इससे पहले इसी साल जनवरी माह में, मुंबई की राजनीति से उठकर…

कथा दुस्साहसी डाकुओं और मदहोश चौकीदार की

भारत सहित दुनिया के लगभग सभी देशों में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। सन् 2011 में भ्रष्टाचार के विरूद्ध एक बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ था, जिसके अंतर्गत जनलोकपाल की नियुक्ति की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना भी दिया गया था। इस…

त्रिपुरा चुनाव और मूलनिवासी प्रश्न

जब भी पूर्वोत्तर के राज्यों के बारे में राजनैतिक चर्चाएँ शुरू होती है, वैसे ही वहां के इतिहास और वहां रहने वाली जनजातियों और उनसे बनने वाले समीकरणों के बारे में बहस शुरू हो जाती है. 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के राज्यों में संपन्न हुए…