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राजनीति

क्या यही है भाजपा सांसद सी पी जोशी का दलित प्रेम ?

( चित्तोडगढ के सांसद सी पी जोशी द्वारा एक दलित के घर खाना बनवा कर उसे नहीं खाने की बात सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रही है ,सांसद और भाजपा की तरफ से अभी तक इसका खंडन नहीं किया गया है ) 25 अप्रेल 2018 को चित्तोडगढ़ के सांसद सी.पी. जोशी…

मुख्यमंत्री को मेघवाल पसन्द नहीं है !

राजस्थान में सत्तारूढ़ पार्टी में जब जब भी संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चलती है ,तब तब केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का नाम मीडिया में उछाला जाता है । अभी भी जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी से इस्तीफा लिया गया तो नए अध्यक्ष के रूप में…

कर्नाटक चुनाव और दलितों तथा लिंगायतों की बदलती भूमिका

पिछले महीने के आखिर में चुनाव आयोग ने कर्नाटक चुनाव की तारीखों की घोषणा की. इससे पहले ही कर्नाटक की सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली थी क्यूंकि 2018 के कर्नाटक चुनाव उन पार्टियों के आने वाले भविष्य के लिए एक फाइनल मैच की तरह है. कांग्रेस के…

आखिर जिग्नेश मेवाणी से डर गई वसुंधरा सरकार !

.......तो कैसी करेगी चुनाव का मुकाबला ? राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने 15 अप्रैल को गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को न तो नागौर के मेड़ता रोड में सभा करने दी और न ही जयपुर में किसी से मिलने दिया। यहां तक के पूर्व मंत्री…

केम्ब्रिज एनालिटीका : सत्ता की मास्टर कुंजी

यह जो पूरा मुद्दा है पहली बार असल में तब उठा,जब अमेरिका में 2016 में चुनाव हुए और जनवरी 2017 में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बन गए.जो चुनाव 2016 में हुए उसमे फेसबुक ने कैसे सहायता की डोनाल्ड ट्रम्प को जितवाने में ,यहाँ से पूरा विवाद शुरू होता…

आखिर सोशल मीडिया से भाजपा इतना क्यों घबरा रही है ?

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की धमकी के बाद 22 मार्च को फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी ली है। जुकरबर्ग हिन्दुस्तान से अरबों रुपए कमा रहे हैै। इसलिए माफी का मामला अलग है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर 21 राज्यों और…

दिलीप गुर्जर जी , आपकी इस दलित विरोधी पोस्ट को क्या आपकी पार्टी का सामूहिक निर्णय माना जाये ?

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित क्षेत्र है ,वर्तमान में यहां से राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल विधायक है ,जैसा कि तमाम रिजर्व सीटों पर होता है ,यहां भी कमोबेश वही हालात है ,कहने के…

‘नियति’ महज़ एक ‘बचाव’ का शब्द है !

हम कहते है कि नियति को यही मंजूर था,इसलिए हमारे साथ बुरा हो गया। यंहा हम ये बोल कर स्वयं का बचाव कर रहे है, खुद को धोखा दे रहे है या जिसके लिए उपयोग कर रहे है,उसे बरगला रहे है। कुछ भी करते तो आज तो उसे मरना ही था। दुर्घटनाओं के बाद अक्सर…

धोद विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओ के जेहन मे उभरते कुछ गम्भीर सवाल

सीकर,राजस्थान के सीकर जिले की धोद विधान सभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओ के जेहन मे क्षेत्र की सियासत को लेकर पिछले कुछ सालो से अनेक सवाल उछाले मार मार मार कर उनके जेहन को लगातार बूरी तरह कचोट रहे है कि उनके साथ सियासी दल व उनके नेता समय आने…