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राजनीति

जोहार का विरोध : आदिवासी चेतना को दबाने की संघी साज़िश !

भंवर मेघवंशी राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री ,नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया जो कि आरएसएस के खांटी स्वयंसेवक हैं,उन्होंने राजस्थान के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव को पत्र लिख कर डूंगरपुर बांसवाडा क्षेत्र में कार्यरत राजनीतिक दल

गजब की रगड़ाई करते हो गहलोत जी !

-    भंवर मेघवंशी राजस्थान की राजनीति में सबसे अधिक प्रचलित शब्द इन दिनों “रगड़ाई” बनता जा रहा है ,हालांकि यह हिंदी शब्द ‘रगड़’ के साथ आई लगाने से बनता है ,पर है एकदम देशज शब्द,जिसके बारे में अंग्रेजीदां लोग कम ही जानते हैं. रगड़ाई

राजनेता प्राय: आत्महत्या क्यों नहीं करते?

( हरिराम मीणा) आत्महत्या नेता नहीं करते, क्योंकि उसके लिए आत्मा की ज़रूरत होती है’. यहाँ ‘आत्मा’ शब्द को ‘आत्म’ के रूप में देखना शायद बहतर होगा, चूँकि राजनेता आत्मकेंद्रित होते हैं. राजनैतिक दृष्टि से उनका ‘आत्म’ उनके व्यक्ति और परिवार

माकपा विधायक बलवान पूनिया पार्टी से निलम्बित !

पार्टी-अनुशासन तोड़ने पर कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक बलवान पूनियां पार्टी से 1 वर्ष के लिए निलंबित। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मंडल की बैठक आज पार्टी राज्य कार्यालय मजदूर-किसान भवन में संपन्न हुई।

आंबेडकर और लोहिया के साथ की संभावना !

(गोपेश्वर सिंह)दलितों के लिए मानवोचित सम्मान तथा राजनीतिक अधिकार हासिल करना आम्बेडकर की पहली प्राथमिकता थी. वे यह भी जानते थे कि बिना आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुए न तो दलितों की मुक्ति की कल्पना की सकती है और न आधुनिक भारत की नीव रखी जा सकती

घुमन्तू समुदायों के सवालों पर हुई राष्ट्रीय बैठक !

विमुक्त घुमंतू अर्द्ध घुमंतू जनजातियों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग उठी  राजस्थान में घुमन्तू बोर्ड के अध्यक्ष रहे गोपाल केसावत की पहल पर  डीएनटी के  अग्रणी लोगों ने “ वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण एंव राष्ट्र की विमुक्त

शोषित समाज पर अत्याचार लगातार जारी हैं, ऐसा क्यों ?

(बी एल बौद्ध) कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन चल रहा है जिसके कारण साइकिल से लेकर हवाई जहाज तक सब कुछ रुका हुआ है लेकिन ऐसे में भी शोषित समाज पर जुल्म और अत्याचार लगातार जारी हैं, ऐसा क्यों ?ताजा घटना राजस्थान के जोधपुर जिले की है वहां

साम्प्रदायिक हिंसा का धर्म से कितना सम्बन्ध है !

-राम पुनियानी दिल्ली में हुए खून-खराबे, जिसे मुसलमानों के खिलाफ हिंसा कहना बेहतर होगा, ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. विभिन्न टिप्पणीकार और विश्लेषक यह पता लगाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं कि इस हिंसा के अचानक भड़क उठने के पीछे क्या

दीनदयाल उपाध्याय और दलबदल !

दलबदल एक ऐसा संक्रामक रोग है जो हमारी संसदीय व्यवस्था को खोखला कर रहा है। इस रोग की गंभीरता को अन्य लोगों के अलावा जनसंघ के संस्थापक और भारतीय जनता पार्टी के लाखों सदस्यों के प्रेरणास्त्रोत दीनदयाल उपाध्याय ने भी समझा था। उन्होंने 27 फरवरी

देशद्रोह (सेडिशन) कानून का दुरूपयोग !

- एल. एस. हरदेनिया इस समय हमारे देश में देशद्रोह (सेडिशन) कानून का जबरदस्त दुरूपयोग हो रहा है. ऐसा ही एक मामला हाल में कर्नाटक में हुआ है. कर्नाटक के बीदर नामक नगर के एक स्कूल में एक नाटक खेला गया था. नाटक में नागरिकता संशोधन