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राजनीति

केंद्र सरकार दुग्ध उत्पादकों के हितों के साथ कर रही है खिलवाड़ – जाट

राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री एवं भीलवाडा डेयरी के अध्यक्ष राम लाल जाट ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है ,उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चीन, ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड जैसे विकसित देशों के साथ आरसीईपी (RCEP) के

एट्रोसिटी एक्ट को लागू करने में विफल रही हरियाणा सरकार !

-भंवर मेघवंशी देश की राजधानी से सटे राज्य हरियाणा में अनुसूचित जाति,जनजाति अत्याचार निवारण कानून का क्या हश्र है,इसकी एक बानगी 12 अक्टूबर 2019 को करनाल जिला मुख्यालय पर आयोजित एक जनसुनवाई में दिखलाई पड़ी ,जनसुनवाई के दौरान 14 मामले

कश्मीरी अवाम के समर्थन में परिवर्तन चौराहे पर कैंडल लाइट प्रदर्शन में शामिल हुए कन्नन गोपीनाथन।

- रॉबिन वर्मा लखनऊ, 20 अक्टूबर 2019. राजधानी के यूपी प्रेस क्लब में कश्मीर के सवाल को लेकर इस्तीफ़ा देने वाले आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने एनएपीएम, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), लोक राजनीति मंच और रिहाई मंच द्वारा आयोजित सेमिनार को

गुर्जर इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – चौधरी वीरेन्द्र सिंह

सहारनपुर - थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव बेहड़ी गुर्जर में आयोजित पंचायत में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विरेन्द्र सिंह गुर्जर ने दी खुली चुनौती देते हुए कहा कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के इतिहास से छेड़छाड़

विकलांगजनों से छलावा हैं ये सरकारी वादे

- बाबूलाल नागा पहले भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार और अब कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार। वादा दोनों सरकारों ने ही किया। कहा हम विकलांग आंदोलन संघर्ष समिति-2016 पर लगे मुकदमे वापस ले लेंगे। समिति से जुड़े पदाधिकारियों की कई बार सरकार के आला

अनुच्छेद 370: प्रचार बनाम सच

- (राम पुनियानी) अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के भाजपा सरकार के निर्णय को सही ठहराने के लिए एक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लंबे समय से आरएसएस के एजेंडे में रहा है और राम मंदिर व

आखिर क्या है यह जेएनयू ?

(आलोक वाजपेयी )जो लोग जेएनयू को वास्तव में नही जानते और केवल उड़ी उड़ाई खबरों टीवी आदि पर निर्भर रह पाते हैं वो ये समझते हैं कि जेएनयू मतलब कम्युनिस्टों का गढ़ जो न जाने कैसे लोग होते हैं, हर समय सबकी आलोचना करते रहते हैं, चरित्रहीन टाइप

आर एस एस क्या है ?

( मधु लिमये )मैने राजनीति में 1937 मे प्रवेश किया। उस समय मेरी उम्र बहुत कम थी, लेकिन चूँकि मैने मैट्रिक की परीक्षा जल्दी पास कर ली थी, इसलिए कालेज में भी मैने बहुत जल्दी प्रवेश किया। उस समय पूना में आर एस एस और सावरकरवादी लोग एक तरफ और

वीसी को सीवी चाहिए तो प्रो.रोमिला थापर को दे देनी चाहिए !

( रवीश कुमार)ये हमारा नहीं आईने का दस्तूर है। दर्पण में वीसी सीवी ही नज़र आएगा। तभी वीसी को ख़्याल आया होगा। बग़ैर सीवी के वीसी बनना तो ठीक है लेकिन हमारी बादशाहत में उनकी सीवी कैसी होगी जिनकी हैसियत वीसी से भी ज़्यादा है। बस बादशाह-ए-

पापा ये मंदी क्या होती है ?

-हिमांशु कुमार मेरी बेटी ने पूछा कि -'पापा यह मंदी क्या होती है ?'मैंने कहा जब लोगों की क्रय शक्ति घटने की वजह से औद्योगिक उत्पादन घटने लगता है और उद्योग लोगों को नौकरी से निकालने लगते हैं जिसके कारण समाज में बेरोजगारी गरीबी भुखमरी