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एक शिक्षक की शिक्षा मंत्री के नाम खुली चिटठी !

आदरणीय शिक्षा मंत्री जी,सादर नमस्कार ! आशा करता हूं कि आप स्वस्थ और प्रसन्न होंगे । हां, मैं स्वस्थ तो हूं पर प्रसन्न नहीं । शायद आप मेरी अप्रसन्नता का कारण जानना चाहेंगें । बात दर असल ये है कि अनेक विपरीत पारिवारिक-सामाजिक परिस्थितियों

भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू की शहादत पर डॉ अम्बेडकर के विचार

( यह आलेख डॉ अम्बेडकर द्वारा सम्पादित पाक्षिक अख़बार 'जनता' के 13 अप्रैल 1931 के अंक में छपा था ) भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी

बीसलपुर की बधाई के साथ चिन्ता भी

 (ओम माथुर )आपको बीसलपुर की बधाई। अजमेर के लोगों के लिए बीसलपुर में पानी आना होली-दीवाली जैसे त्यौहार की तरह ही तो हैं । जैसे हम होली -दिवाली पर एक दूसरे को बधाई देकर खुशियां मनाते हैं,वैसे ही अब बीसलपुर में पानी आने से अजमेर की लोगों

यह सब्ज़ी कैंसर से बचाती है !

यह जंगल में बिन बोये उग आती है,खेत की मेड़ पर लगे थोर पर या झाड़ियों पर बिखरी रहती है अथवा पेड़ों पर लिपटी रहती है।जो करेले जैसी नजर आती है,वह बड़े काम की चीज़ है, नाम भले ही उसका ककोड़ा हो,आप उसे किकोड़ा, ककोरा, कर्कोट,काकरोल,कंटोला,

गरीबों पर कैंसर का कहर !

( दूध, दही, सब्जी, मछलियां, हवा-पानी सब कुछ जहरीला बन चुका है  ) सुभाष चंद्र कुशवाहा    कैंसर से समय पर सतर्क होने और उससे जूझने की क्षमता हमारी बहुसंख्यक गरीब आबादी के पास नहीं है। कैंसर के अस्पतालों का अकाल तो है ही, उचित अस्पतालों

अत्यंत पौष्टिक है पहाड़ी सब्ज़ी लुंगड़ू !

(भँवर मेघवंशी) नाम जरूर अजीब है और दिखने में भी अजीबोगरीब ,लेकिन औषधीय गुणों से भरपूर है यह वस्तु । इस बार जब गगल से पालमपुर के रास्ते पर जाते वक्त जगह जगह सब्ज़ी भंडारों पर इसे देखा ,तो मेरी जिज्ञासा अदम्य हो गई, एक जगह गाड़ी…