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ऑनलाइन शॉपिंग या लोकल बाजार ?

-सूरज पारीक फ्लिपकार्ट और अमेजन ने अक्टूबर में ही अपने तीसरे हमले की तैयारी कर ली है।दोनों भारी ई कॉमर्स वेबसाइट ने अक्टूबर महीने में ही तीसरी बम्पर सेल की आरम्भ कर दी है,जो 21 से 25 अक्टूबर तक चलेगी।ऐसा पहली बार हुआ है कि दोनों तरफ से

‘मिनी राजस्थान’…..शिल्पग्राम, जवाहर कला केंद्र जयपुर।

-विरमाराम इस परिसर में बने छः परम्परागत ग्रामीण शैली के घर राजस्थान के 6 क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये 6 क्षेत्र हैं बृज (भरतपुर), हाड़ौती (कोटा), आदिवासी (डूंगरपुर), बीकानेर, मारवाड़ (बाड़मेर), शेखावाटी (सीकर) और जयपुर। ये

क्या कोटा विवि कर रहा है छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ?

(नासिर शाह 'सूफ़ी') अगर आप रात दिन मेहनत करके अपनी परीक्षा की तैयारी करते हैं। शादी, ब्याह, पार्टियां और समस्त मनोरंजन  छोड़कर पहले अपनी पढ़ाई करते हैं तो स्पष्ट है कि इतनी मेहनत करने और कुर्बानियां देने के बाद आपका परिणाम भी उतना ही

एक शिक्षक की शिक्षा मंत्री के नाम खुली चिटठी !

आदरणीय शिक्षा मंत्री जी,सादर नमस्कार ! आशा करता हूं कि आप स्वस्थ और प्रसन्न होंगे । हां, मैं स्वस्थ तो हूं पर प्रसन्न नहीं । शायद आप मेरी अप्रसन्नता का कारण जानना चाहेंगें । बात दर असल ये है कि अनेक विपरीत पारिवारिक-सामाजिक परिस्थितियों

भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू की शहादत पर डॉ अम्बेडकर के विचार

( यह आलेख डॉ अम्बेडकर द्वारा सम्पादित पाक्षिक अख़बार 'जनता' के 13 अप्रैल 1931 के अंक में छपा था ) भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी

बीसलपुर की बधाई के साथ चिन्ता भी

 (ओम माथुर )आपको बीसलपुर की बधाई। अजमेर के लोगों के लिए बीसलपुर में पानी आना होली-दीवाली जैसे त्यौहार की तरह ही तो हैं । जैसे हम होली -दिवाली पर एक दूसरे को बधाई देकर खुशियां मनाते हैं,वैसे ही अब बीसलपुर में पानी आने से अजमेर की लोगों

यह सब्ज़ी कैंसर से बचाती है !

यह जंगल में बिन बोये उग आती है,खेत की मेड़ पर लगे थोर पर या झाड़ियों पर बिखरी रहती है अथवा पेड़ों पर लिपटी रहती है।जो करेले जैसी नजर आती है,वह बड़े काम की चीज़ है, नाम भले ही उसका ककोड़ा हो,आप उसे किकोड़ा, ककोरा, कर्कोट,काकरोल,कंटोला,

गरीबों पर कैंसर का कहर !

( दूध, दही, सब्जी, मछलियां, हवा-पानी सब कुछ जहरीला बन चुका है  ) सुभाष चंद्र कुशवाहा    कैंसर से समय पर सतर्क होने और उससे जूझने की क्षमता हमारी बहुसंख्यक गरीब आबादी के पास नहीं है। कैंसर के अस्पतालों का अकाल तो है ही, उचित अस्पतालों

अत्यंत पौष्टिक है पहाड़ी सब्ज़ी लुंगड़ू !

(भँवर मेघवंशी) नाम जरूर अजीब है और दिखने में भी अजीबोगरीब ,लेकिन औषधीय गुणों से भरपूर है यह वस्तु । इस बार जब गगल से पालमपुर के रास्ते पर जाते वक्त जगह जगह सब्ज़ी भंडारों पर इसे देखा ,तो मेरी जिज्ञासा अदम्य हो गई, एक जगह गाड़ी…