Browsing Category

कला एवम् साहित्य

लोकतंत्र बढ़ने के स्थान पर घटा है – असग़र वजाहत

(राघवेन्द्र रावत) जयपुर । ‘‘साम्प्रदायिक विभाजन की चेतना व्यक्तियां को अन्दर व बाहर से तोडती है और पूरे समाज को गहरे अंधेरे में ले जाती है। बड़े देश पहचान की राजनीति का खेल खेलते हैं और विकासशील देशों में विकास का पहिया गरीब एवं शोषित जनता…

शिवमूर्ति के उपन्यास तर्पण का एक अंश 

दो बड़े बड़े गन्ने कन्धे पर रखे और कोंछ में पाँच किलो धान की मजदूरी सँभाले चलती हुई रजपत्ती का पैर इलाके के नम्बरी मेंड़कटा’ नत्थूसिंह की मेंड़ पर दो बार फिसला। कोंछ के…

‘मदारीपुर जंक्शन’ की आजकल बड़ी चर्चा है !

व्यंग्य पढ़ने सुनने में कितना भी आसान क्यों न लगे पर उसे साधना इतना भी आसान नहीं. ज्यादातर व्यंग्य रचनाओं में सार्काज़म् कब दबे पांव आकर सटायर के सिर पर सवार हो जाता है पता ही नहीं चलता. शायद यही वजह है कि पत्र-पत्रिकाओं में भरभर के व्यंग्य…

क्या पवित्र ग्रन्थ गीता सौदरानंद की नक़ल है ?

गीता हिन्दू अभिजन का केंद्रीय धर्मग्रन्थ तो है ही , इसका राष्ट्रीय मूल्य भी है . हमारे राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में तिलक और गाँधी ने इसे वैचारिक औजार के रूप में इस्तेमाल किया और तमाम भारतीय जुबानों में इसकी जाने कितनी व्याख्याएं हुईं .…

बसेड़ा में स्पिक मैके हेरिटेज क्लब का गठन

बसेड़ा(छोटीसादड़ी) 9 मई, 2018 युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के संवर्धन हेतु बीते चालीस साल से संचालित छात्र सहभागी सांस्कृतिक आन्दोलन स्पिक मैके अब अपनी गतिविधियाँ बसेड़ा में आरम्भ कर रहा है। प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी तहसील…

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में असग़र वजाहत रचना संचयन का लोकार्पण

" अलीगढ ने मुझे बनाया है। इस संचयन का रस्मे इजरा अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होना मेरे लिए बेहद ख़ास मौक़ा है। आज यहाँ मैं अनूठे शायर शहरयार, जावेद कमाल और कुंवरपाल सिंह को भी याद कर रहा हूँ।" सुप्रसिध्द कथाकार-नाटककार असग़र वजाहत ने अलीगढ़…

हिन्दू कालेज में ‘आषाढ़ का एक दिन’ का मंचन

देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान हिन्दू कालेज की हिंदी नाट्य संस्था 'अभिरंग' द्वारा रंग महोत्सव के अंतर्गत रंगसमूह 'शून्य' द्वारा अभिनीत 'आषाढ़ का एक दिन' का मंचन हुआ। मोहन राकेश द्वारा लिखे गए इस अत्यंत चर्चित नाटक की कथावस्तु संस्कृत कवि…

7 अप्रैल को आयोजित होगा नाटक-तैयारी दास्तानें मन्नू मायरा की

विकल्प नाट्य संगठन पिछले 45 वर्षों से रंगमंच के क्षितिज पर सक्रिय है और हमेशा हमारे सुधि दर्शकों को सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक एवमं समसामयिक विषयों पर एक से बढ़ कर एक नाट्य प्रस्तुतियां देता आ रहा है.इसी क्रम में विकल्प आगामी 07,अप्रैल'…

हिन्दू कालेज में राजेश जोशी का रचना पाठ

संवेदनशील मनुष्य के लिए जीवन जीना अत्यंत कठिन है। इसे जीने योग्य और सहनीय बनाने का काम साहित्य करता है। सुप्रसिद्ध कवि-नाटककार राजेश जोशी ने हिन्दू कालेज में हिंदी नाट्य संस्था 'अभिरंग' द्वारा आयोजित 'लेखक की संगत' कार्यक्रम में कहा कि नाटक…

टूटी हुई मूर्ति की कहानियां

1. लेनिन की मूर्ति तोड़ तो दी गई लेकिन फिर सवाल पैदा हुआ कि उसे कहां फेंका जाए।काफी बहस होती रही। हील - हुज्जत होती रही। जब कुछ तय न पा सका तो लेनिन की टूटी हुई मूर्ति ने कहा, मुझे वहीं फेंक दो जहां हज़ारों साल से टूटी हुई मूर्तियां फेंकी…